
सिस्टम बेसुध है या बिका हुआ – मयूरेश केशरवानी
सारंगढ़ नगर पालिका पार्षद एवं भाजपा जिला मिडिया प्रभारी मयूरेश केशरवानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नवनिर्मित जिले के संदर्भ में अपनी बेबाक राय रखी है। मयूरेश केशरवानी ने कहा कि सारंगढ़ अंचल जब जिला बना तब अंचल का विकास चाहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा किसी बात की खुशी थी, तो वह थी भविष्य में होने वाले प्रशासनिक कसावट को लेकर। हर किसी के जुबान में एक बात जरूर थी कि चाहे जो कुछ भी हो जाए लेकिन आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर तगडी कसावट देखने को मिलेगी जिसका लाभ कम से कम अंचल का विकास चाहने वालों को जरूर होगा और दो नम्बरी काम करने वालों के सितारे गर्दिश में जरूर होंगे। लेकिन सत्य और सपना के बीच जो फर्क होता है कुछ यही हो रहा है इन दिनों सारंगढ़ वासियों के साथ। सबसे पहले अवैध प्लॉटिंग के विषय पर बात करते हैं तो पता चलता है कि जो लोग अवैध प्लॉटिंग कर लाल हुए जा रहे हैं उनके खिलाफ शिकायतों के बाद भी कोई कार्यवाही देखने को नही मिलती। दुसरी ओर धडल्ले से अवैध रेत उत्खनन होता रहा चैनल, पोर्टल और अखबार वाले लगातार तीन दिनों तक समाचार चलाते रहे तब बहुत मुश्किल से कार्यवाही हो पायी। खनिज विभाग के द्वारा तो जैसे गुडेली टिमरलगा क्षेत्र में अवैध खदान संचालकों को खुली छुट दी जा चुकी है। दर्जनों ऐसे विषय हैं जिन पर पुराने रायगढ़ जिले में एक कागज पर कार्यवाही हुआ करती थी लेकिन महज 9 महीने के इस जिले में कार्यवाही के नाम पर खुला खेल खेला जा रहा है। सिस्टम समझ से परे हो चुका है। सोचनीय विषय है कि सिस्टम बेसुध है या सिस्टम बिक चुका है ? सफेदपोश दो नम्बरी छाप लोगों को लगता है कि जनता को कुछ पता नही है। यह हाल, फिलहाल तो पुरे प्रदेश में है और आने वाले चुनाव में इस बिके हुए अथवा बेसुध तंत्र की हरकतों का खामियाजा निश्चित तौर पर वर्तमान सरकार की जडें हिला देंगी।