
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : डीएमएफ में नगर पालिका क्षेत्र में 2 ग्राम पंचायत ने कर दिया 82 लाख रूपये का काम!
डीएमएफ की सूची में अनियमितता का बड़ा खेल?
सहसपानी, चंदाई और रांपागुला ग्राम पंचायत ने कर दिया सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में काम,
नेशनल हाईवे मे निमार्ण कर दिया ग्राम पंचायत सहसपानी नें,
सारंगढ़ में सामने आया डीएमएफ घोटाला,
सीमा क्षेत्र से बाहर जाकर निमार्ण कर दिया ग्राम पंचायतो नें,
भाग-1
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे भी डीएमएफ के स्वीकृत निमार्ण कार्यो में अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। नगर पालिका क्षेत्र मे आने वाला कार्यो को 2 ग्राम पंचायत के द्वारा किया गया है। कुल 6 निमार्ण कार्य में 82 लाख रूपये का कार्य ग्राम पंचायतो के द्वारा किया गया है। डीएमएफ की बैठक मे स्वीकृत निमार्ण कार्य के लिये जनपद पंचायत सारंगढ़ को एजेंसी बनाया गया और जनपद पंचायत के सीईओ ने अपने चहेते ग्राम पंचायत को निमार्ण कार्य करने के लिये वर्क आर्डर दे दिया। ना टेंड़र का झंझट और ना ही दर स्वीकृति आदि का कोई समस्या। ऐसे मे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला होने के बाद भी 2 ग्राम पंचायत ने सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में 82 लाख रूपये का निमार्ण भी पूरा कर दिया और भुगतान भी पूरा प्राप्त कर लिया। जबकि यह पूरी तरह से नियम विरूद्ध है। इस मामले में उच्च स्तर पर शिकायत की तैयारी चल रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में सूचना के अधिकार से डीएमएफ से स्वीकृति निमार्ण कार्य और उससे संबंधित जानकारी मांगे जाने पर जिला जनसूचना अधिकारी और अन्य अधिकारियो के हाथ पैर कांपने लगते थे और ऐन-केन प्रकरेण बहाना बनाकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने से बचते नजर आते थे। किन्तु जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में अब तक के 634 निमार्ण कार्यो के लिये स्वीकृत 72 करोड़ रूपये के कहानी सामने आई तो कई चौकाने वाले किस्से नजर आने लगे जिसके कारण से अधिकारी इस सूची के सार्वजनिक होने से बचते नजर आ रहे थे। डीएमएफ में सबसे बड़ी समस्या के रूप में नगर पालिका सारंगढ़ के क्षेत्र में अवैध रूप से 2 ग्राम पंचायत के द्वारा 82 लाख रूपये के 6 निमार्ण कार्य को पूरा करना है और पूर्ण भुगतान प्राप्त करना है। डीएमएफ की बैठक में बकायदा नगर पालिका क्षेत्र सारंगढ़ के सीमा क्षेत्र के निमार्ण कार्यो को स्वीकृति प्रदान किया गया और निमार्ण एजेंसी नगर पालिका सारंगढ़ को नही बनाकर जनपद पंचायत सारंगढ़ बना दिया है। जनपद पंचायत ने चहेते ग्राम पंचायत को एजेंसी बना दिया और बिना टेंडर,बिना दर स्वीकृति, बिना प्राक्कलन के ही निमार्ण कार्य को पूरा कर दिया और 82 लाख रूपये का खेल कर दिया। ना तो परफारमेंस गारंटी का कोई शर्त इसमें है और ना ही गुणवत्ता को लेकर कोई सवाल है। ऐसे मे सारंगढ़ मे डीएमएफ के इस बड़े घोटाले की सूक्ष्म जांच होनी चाहिये। ग्राम पंचायत सहसपानी और ग्राम पंचायत चंदाई तथा ग्राम पंचायत रापागुंला ने कुल 6 निमार्ण कार्य अपने ग्राम पंचायत की सीमा से बाहर जाकर कर दिया तथा भुगतान भी प्राप्त कर लिया। आखिर किस नियम के तहत ग्राम पंचायत की बाहर की सीमा पर किया गया निमार्ण कार्य को ग्राम पंचायत की बैठक मे स्वीकृति दिया गया और निमार्ण कार्य को पूरा भी किया गया और भुगतान भी सरपंच को कर दिया गया। जनपद पंचायत सीईओ की मनमानी के कारण से पूरा मामला पहली ही नजर में कमीशनखोरी और भ्रष्ट्राचार की चासनी
में डूबा हुआ दिख रहा है।
खेलभांटा स्टेड़ियम और नेशनल हाईवे को बनाया सहसपानी ग्राम पंचायत नें?
डीएमएफ की सूची के अनुसार सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में आने वाला खेलभांटा स्टेड़ियम और सारंगढ़-बिलासपुर रोड़ मे गढ़ चौक तक का क्षेत्र मे लगभग 60 लाख रूपये का निमार्ण कार्य को डीएमएफ में स्वीकृति प्रदान किया गया। नेशनल हाईवे 130बी अधोसंरचना में सी.सी.रोड़ निर्माण कार्य (बोंदिया इलेक्ट्रानिक के सामने) सारंगढ़ 15.61 लाख रूपये तथा नेशनल हाईवे 130बी अधोसंरचना में सी.सी.रोड़ निर्माण कार्य(मुकेश वस्त्रालय के पास) 11.38 लाख रूपये का निमार्ण कार्य को ग्राम पंचायत सहसपानी के सरपंच के द्वारा बनाया गया है। नगर पालिका सारंगढ़ का क्षेत्र तथा गौरवपथ के आगे तथा नेशनल हाईवे 130बी यह क्षेत्र किसी भी स्थिति में ग्राम पंचायत सहसपानी का क्षेत्र नही है। ग्राम पंचायत सहसपानी यहा से लगभग 25
किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में आखिर उनको किस आधार पर इस नेशनल हाईवे का निमार्ण एजेंसी बनाया गया? यह
डीएमएफ का सबसे बड़ा खेला है?
जनपद पंचायत सारंगढ़ को इस निमार्ण कार्य को कराने का जिम्मा सौपा गया था जो कि उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का था। ऐसे मे जानते हुए भी जनपद पंचायत के सीईओ ने ग्राम पंचायत के द्वारा इस निमार्ण कार्य को पूरा कर दिया जबकि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र मे है ही नही? ऐसे में ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के द्वारा बड़े स्तर पर इस निमार्ण कार्य के नाम पर कमीशनखोरी किया गया है और नियमो का उल्लंघन किया गया है। वही खेलभांटा स्टेड़ियम में भी खेल मैदान जीर्णोद्धार कार्य (खेलभांठा मैदान में) सारंगढ़ युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के नाम पर डीएमएफ की बैठक में निमार्ण कार्य को स्वीकृति प्रदान किया गया था जिसमे 13.92 लाख रूपये का निमार्ण कार्य को ग्राम पंचायत सहसपानी के द्वारा पूरा कराया गया है। यह कार्य नियमत: नगर पालिका सारंगढ़ को एजेंसी बनाकर पूरा कराना था किन्तु ऐसा नही किया गया और नगर पालिका सारंगढ़ के क्षेत्राधिकार में आने वाला इस निमार्ण कार्य को ग्राम पंचायत सहसपानी के द्वारा कर दिया गया। वही खेलभांठा में आहाता निर्माण कार्य भाग-1 जो कि 19.58 लाख रूपये का था उसको भी ग्राम पंचायत सहसपानी के द्वारा पूरा किया गया। सरपंच और सचिव ने आपस मे मिलकर जनपद सीईओ के संरक्षण में डीएमएफ के निमार्ण कार्यो को अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के बाद भी पूरा कर दिया और भुगतान भी प्राप्त कर आर्थिक अनियमितता किया है।
चंदाई ग्राम पंचायत ने बना दिया क्लब हाऊस को?
सारंगढ़ नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 7 में आने वाला सारंगढ़ क्लब हाऊस का जीर्णोद्धार की स्वीकृति भी डीएमएफ की बैठक में दिया गया।इस निमार्ण कार्य मे कुल 19.98 लाख रूपये की स्वीकृति मिली थी। इसको भी पूरा करने की जवाबदारी जनपद पंचायत सारंगढ़ को सौपी गई थी जिस पर जनपद पंचायत के सीईओ ने अपने चहेते ग्राम पंचायत चंदाई को इस कार्य को पूरा करने की जवाबदारी सौप दिया।नगर के बीचो बीच स्थित इस क्लब हाऊस के जीर्णोद्धार में नियमो का ना तो पालन किया गया और ना ही टेंड़र संबंधी कोई कार्यवाही किया गया। जनपद पंचायत सीईओ के इच्छा पर निमार्ण कार्य एजेंसी सरपंच ग्राम पंचायत चंदाई को सौप दिया गया और ग्राम पंचायत चंदाई ने अपने सीमा में नही आने वाले नगर पालिका सारंगढ़ का कार्य को करके अधिकारियो को खुश कर दिया। वही वार्ड क्रमांक-7 मे आने वाले वृद्धाआश्रम में भी बोरखनन का कार्य नगर पालिका सारंगढ़ या पीएचई को नही देकर ग्राम पंचायत रापांगुला को दे दिया गया। और उसने बोरखनन का कार्य कर दिया और भुगतान भी प्राप्त कर लिया।
डीएमएफ गड़बड़झाला की सूक्ष्म जांच जरूरी?
सारंगढ़ में डीएमएफ की बैठक में स्वीकृति किया गया इन 6 निमार्ण कार्यो में कुल 82 लाख रूपये का भुगतान ग्राम पंचायतो को कर दिया गया है जबकि एक भी कार्य संबंधित ग्राम पंचायतो के ना तो अधिकार क्षेत्र में आता है और ना ही उनके सीमा क्षेत्र में आता है। ऐसे मे जनपद पंचायत सारंगढ़ के सीईओ को इस दिया गया जवाबदारी से हाथ खड़े कर देना था किन्तु ऐसा कुछ नही किया गया और जनपद पंचायत सीईओ राधेश्याम नायक ने इन ग्राम पंचायतो को लिखित मे आदेश देकर उक्त निमार्ण कार्य करवा दिया और भुगतान भी प्रदान करवा दिया।अधिकार और सीमा क्षेत्र के बाहर के निमार्ण कार्यो को करने के मामले मे जहा सचिव और सरपंच को बर्खास्त होना था वहा पर भुगतान प्राप्त कर मनमानी निमार्ण का परिचय दिया गया है इस कारण से पूरे मामले में सूक्ष्म जांच की मांग हो रही है।



