
सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने वाले पर महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक ने किया हमला?

महिला और बाल विकास के जिला कार्यालय में आरटीआई एक्टिविस्ट के साथ मारपीट और गाली-गलौच?
सारंगढ़ के शासकीय कार्यालयो मे सूचना का अधिकार आवेदन बना जान का खतरा?
आरटीआई आवेदन के प्रथम अपील पर हो रही थी सुनवाई,
शासकीय कार्यालय में पर्यवेक्षक ने किया मारपीट और गाली-गलौच,
सिटी कोतवाली पुलिस थाना में आवेदक ने दिया आवेदन,
डायल 112 के कारण से आवेदक की बची जान,
महिला और बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी के मौजूदगी में मारपीट?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के महिला और बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय मे सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाना आवेदक को महंगा पड़ गया। प्रथम अपील के तहत सुनवाई के लिये कार्यालय बुलाये गये आवेदक सहनूराम साहू पिता नंदलाल साहू, ग्राम सिलादेई पो.आ. चांटीपाली सारंगढ़ को देखते ही एकीकृत बाल विकास परियोजना भटगाँव के पर्यवेक्षक नंदकुमारी साहू और उसके पति लखेश्वर साहू पिल पड़े और गाली-गलौच कर मारपीट करने लगें। हर घटना से स्तब्ध आरटीआई एक्टिविस्ट सहनूराम साहू ने
डायल 112 को काल किया और सिटी कोतवाली थाना पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि अभी तक सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध नही किया है। खास बात यह है कि जिस वक्त सरकारी कार्यालय में मारपीट और गाल-गलौच का एपीसोड चल रहा था तब जिला महिला और बाल विकास अधिकारी उत्तम प्रसाद सूर्यवंशी कार्यालय में ही मौजूद रहे थे किन्तु उन्होने किसी भी प्रकार से इस मामले मे रिर्पोट उच्च कार्यालय नही भेजी है।
सारंगढ़ का महिला और बाल विकास विभाग कार्यालय इन दिनो मनमानी और तानाशाही का केन्द्र बन गया है। 9 सितंबर 2026 को यहा अजीबो-गरीब घटना घटी है। सहनूराम साहू पिता नंदलाल साहू, ग्राम सिलादेई पो.आ. चांटीपाली सारंगढ़ के द्वारा गत दिनो कुछ बिन्दु पर सूचना के अधिकार के तहत आवेदन जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में लगाया गया था जिसकी जानकारी नही मिलने पर उन्होने जिला जिला जनसूचना अधिकारी के पास अपील आवेदन प्रस्तुत किया।इस अपील आवेदन पर आवेदक सहनूराम साहू को जिला जनसूचना अधिकारी के द्वारा कार्यालय 9 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे कार्यालय बुलाया गया था और प्रथम अपील की सुनवाई चल रही थी। उसी समय ही एकीकृत बाल विकास परियोजना भटगाँव के पर्यवेक्षक नंदकुमारी साहू और उसके पति लखेश्वर साहू वहा पहुंचे और आरटीआई एक्टिविस्ट सहनूराम साहू के ऊपर हमला कर दिये। सहनूराम साहू ने बताया कि दोनो ने उसके साथ जमकर गाली-गलौच किया और मारपीट किया। जिससे डरकर सहनूराम साहू ने डायल 112 को काल किया जहा उनको पुलिस थाना ले जाया गया और आरटीआई एक्टिविस्ट सहनूराम साहू ने सिटी कोतवाली पुलिस थाना को लिखित मे पूरे मामले की शिकायत किया और एकीकृत बाल विकास परियोजना भटगाँव के पर्यवेक्षक नंदकुमारी साहू और उसके पति लखेश्वर साहू के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौच की शिकायत किया। हालांकि अभी तक सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज नही किया है।
सूचना के अधिकार आवेदन से नाराज थी नंदकुमारी साहू?
बताया जा रहा है कि आवेदक सहनूराम साहू के द्वारा सूचना के अधिकार में और एकीकृत बाल विकास परियोजना भटगाँव के पर्यवेक्षक नंदकुमारी साहू के संबंध मे नियुक्ति संबंधी कुछ दस्तावेज की मांग किया था। निर्धारित समयावधि मे दस्तावेज नही प्रदान करने के कारण से सूचना के अधिकार के तहत अपील प्रस्तुत किया था। जिसके तारतम्य में आवेदक को सूचना प्रदान किया गया था। आवेदक सहनूराम साहू को प्रेषित पत्र मे उल्लेख था कि सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 19 अंतर्गत जनसूचना अधिकारी
जिता कार्यालय महिता एवं बाल विकास विभाग सारंगढ़ विलाईगढ़ के विरूद्ध प्रथम अपील का आवेदन इस कार्यालय को प्रस्तुत किया गया है। तद् संबंध में दिनांक 09.09.2026 को समय 04:00 बजे जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग (खेल भांठा मैदान के पिछे) सारंगढ़ में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते है। इसके साथ ही परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास
परियोजना, भटगांव जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छ.ग.) को सूचनार्थ एवं उक्त तिथि को निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करने संबंधी आदेश भी दिया गया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान ही वहा पर एकीकृत बाल विकास परियोजना भटगाँव के पर्यवेक्षक नंदकुमारी साहू अपने पति लखेश्वर साहू के साथ वहा पहुंची और आरटीआई एक्टिविस्ट सहनूराम साहू के ऊपर हमला करते हुए गाली-गलौच और मारपीट प्रारंभ कर दिये। जिसके कारण से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सूचना के अधिकार
के तहत आवेदन लगाना रिस्की प्रतीत हो रहा है।
सरकारी अधिकारी की उपस्थिति मे सरकारी कार्यालय में हमला?
बताया जा रहा है कि जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी उत्तम प्रसाद सूर्यवंशी की उपस्थिति में आरटीआई एक्टिविस्ट सहनूराम साहू के ऊपर हमला किया गया है। यह हमला एका-एक किया गया अथवा सुनियोजित षड़यंत्र के साथ प्लानिंग करते हुए हमला किया गया है? यह जो जांच का विषय है किन्तु सरकारी कार्यालय मे सरकारी कामकाज के दौरान सरकारी अधिकारियो की मौजूदगी मे आरटीआई आवेदक के ऊपर हमला सीधे तौर पर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नही देने के लिये ही किया गया
हमला माना जा रहा है। जिला स्तर के अधिकारी अपने कार्यालय में हुए इस हंगामा के बाद अपने ही विभाग के पर्यवेक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते थे किन्तु उन्होने तमाशबीन बनाना ज्यादा उचित समझा और घटना का प्रतिवेदन तक को उच्च कार्यालय मे प्रेषित नही कर अपने कर्मचारी का बचाव कर दिया। बहरहाल देखना यह है कि इस पूरे मामले मे संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू क्या पहल करती है। जिले मे सूचना के अधिकार की बदहाल स्थिति के बीच ऐसी घटना को लेकर कलेक्टर का
रूख बड़ा कदम साबित हो सकता है।



