
सारंगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर भाजपा के कैंप में “हड़कंप”? 2 और बीडीसी नाराज होकर घर चले? जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल और डीडीसी संजय पांड़े
के बीच वर्चस्व की लड़ाई?
दो और सदस्य भाजपाई जनपद सदस्य के कैंप
से वापस घर लौटे?
वरिष्ठ नेता रामचरण पटेल के वापस घर आने
की चर्चा?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद भाजपा के लिये बीरबल की खिचड़ी बन गई है। भाजपाई खेमे के 2 जनपद सदस्य को अपने
साथ रखकर अपना प्रभाव दिखाने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश अग्रवाल और जिलाअध्यक्ष ज्योति पटेल के बीच अभी खींचतान खत्म भी नही हुआ है कि वरिष्ठ भाजपा नेता और अध्यक्ष पद के दावेदार रामचरण पटेल अपनी पत्नी और एक बीडीसी के साथ भाजपा कैंप को छोड़कर वापस आने की खबर सूत्र दे रहे है। ऐसे मे जनपद पंचायत सारंगढ़ में भाजपा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बन पाना अब संभव नही दिख रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मे भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा नेताओ के गुटबाजी से जनपद पंचायत भाजपा के हाथ से निकलते दिख रहा है।सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार बहुमत का आंकड़ा साथ मे रखने के बाद भी भाजपा नेताओ के द्वारा भाजपा के जिला कार्यालय से 2 बीडीसी को उठाकर ले जाने के बाद जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल के कमजोर संगठनात्मक पकड़ खुलकर सामने आ गया। वही खाना खिलाने के नाम पर दो बीडीसी अश्विनी बरिहा और राजेश सिदार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश अग्रवाल के द्वारा बाहर लेकर जाना और वापस नही आना जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल का अपरिपक्व राजिनिति का परिचायक है। वही अजेश अग्रवाल और डीडीसी संजय पांड़े के इस कृत्य की शिकायत जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल के द्वारा किया गया शिकायत के बाद माहौल गर्मा गया है और दोनो ही नेता इस मांग पर अड़े है कि जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल उनसे माफी मांगे तभी दोनो जनपद सदस्य को भाजपा कैंप में वापस कर देगें। वही दूसरी ओर आज एक नाटकीय घटनाक्रम में जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद के दावेदार श्रीमती रूक्मणी रामचरण पटेल भाजपा नेताओ की कार्यशैली से नाखुश होकर भाजपा कैंप से बाहर चली गई। सूत्रो की माने तो वरिष्ठ भाजपा नेता रामचरण पटेल अपनी पत्नी रूक्मणी पटेल तथा एक अन्य बीडीसी के साथ भाजपा कैंप से बाहर वापस अपने घर आ गये है। अध्यक्ष पद के लिये सशक्त दावेदार श्रीमती रूक्मणी रामचरण पटेल के साथ भाजपा नेताओ के द्वारा अज्ञातवास के दौरान सही व्यवहार नही किया जा रहा है तथा अध्यक्ष पद के लिये दावेदारी करने से उनको मना किया जा रहा है जिससे आक्रोशित भाजपा नेता रामचरण पटेल अपनी बीडीसी पत्नी और अन्य एक बीडीसी को साथ मे लेकर भाजपाई कैंप से बाहर आकर वापस अपने निवास की ओर अग्रसर हो गये है जिसके बाद भाजपाई खेमे में हडकंप मच गया है। जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल भाजपा नेताओ को सम्हालने मे असफल साबित हो रहे है। जिसके
कारण से बहुमत होने के बाद भी सारंगढ़ जनपद पंचायत मे भाजपा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बन पाना संभव नही दिख रहा है।
ज्योति संग संजय-अजेश की लड़ाई से भाजपा की भद्द पिटी? सारंगढ़ मे जनपद पंचायत मे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिये कुल 13 सदस्यो की आवश्यकता है और भाजपा के पास 13 सदस्य की पूर्ण बहुमत की संख्या भी थी। किन्तु दो जनपद सदस्य को डीडीसी संजय पांड़े और अजेश अग्रवाल के द्वारा खुद के पास निजी रूप से रखने से मामला गर्म हो गया। वही अब रामचरण पटेल के नाराज होकर भाजपाई खेमें से बाहर होने से जनपद पंचायत पर भाजपाई अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का सपना चकनाचूर होते नजर आ रहा है। सारंगढ़ भाजपा के गुटबाजी इस स्थिति के लिये जवाबदार है। जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल के खिलाफ डीडीसी संजय पांड़े और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश अग्रवाल के द्वारा खुला मोर्चा खोलने से भाजपाई माहौल मे फर्क पैदा हो गया तथा यही कारण है कि भाजपा मे अब 14 के स्थान पर कैंप मे 10 जनपद पंचायत के सदस्य ही बच गये। भाजपा नेताओ के इस हरकत के कारण से भाजपा की भद्द पिट रही है।
शिवकुमारी साहू ने भी खोला मोर्चा दूसरी ओर जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिये सरसीवां अंचल के डीडीसी शिवकुमारी साहू
ने भी मोर्चा खोलकर आज प्रदेश के बड़े नेताओ से राजधानी मे मुलाकात करके अपना दावा प्रस्तुत किया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे लगभग 1.5 लाख साहू मतदाताओ का संख्या बल को सामने मे रखकर शिवकुमारी साहू ने प्रभारी मंत्री समेत कई नेताओ से मुलाकात कर अपना दावा जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिये प्रस्तुत किया। साथ ही एक भाजपा नेता के द्वारा जिला पंचायत के अध्यक्ष चुनाव के लिये कांग्रेस नेताओ और चुनाव मे उनके हाथ से पराजित कांग्रेस नेता को सर्मथन के लिये निवास भेजने का भी कड़ा विरोध किया है। सूत्र बताते है कि सरसीवां अंचल के कांग्रेस नेताओ के द्वारा जिला पंचायत के अध्यक्ष के लिये भाजपा के एक नेता का लाबिंग किया जा रहा है और कांग्रेस सदस्यो के द्वारा सर्मथन प्रदान कराने का भी दावा किया जा रहा है।ऐसे मे उक्त भाजपा नेता की शिकायत के साथ स्वयं ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये दावेदारी को शिवकुमारी साहू ने मजबूती के साथ रखा है।
उमेश अग्रवाल बने पर्यवेक्षक
सारंगढ़ जिला पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के लिये रायगढ के पूर्व जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल को भाजपा ने पर्यवेक्षक बनाया है। विभिन्न जिलो के जिला पंचायत के अध्यक्ष- उपाध्यक्ष के लिये नियुक्त पर्यवेक्षक जल्द ही जिलो मे बैठक का डीडीसी से रायशुमारी करेगें
तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिये नाम का चयन करेगें। ऐेसे में सारंगढ़ में अभी राजनितिकसरगर्मी काफी बढ़ गई है।