
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 58 गांवो में 300-300 फीट चौड़ी जमीनो पर15 माह से जमीन-खरीदी बिक्री पर लगा है प्रतिबंध!

ना डीपीआर बना और ना ही सड़क चौड़ीकरण के़ भू-अर्जन पर निर्णय आया,
सारंगढ़-बलौदाबाजार-रायपुर फोरलेन सड़क के लिये लगाया गया है प्रतिंबध,
सड़क के बीच से दोनो ओर 300-300 फीट तक की भूमि पर लगा दिया गया है प्रतिबंध?
सारंगढ़ अनुविभाग के हरदी से लेकर परसदा बड़े तक 30 गांवो की जमीन पर लगा है प्रतिबंध
बिलाईगढ़ अनुविभाग के 28 गांवो में जमीन-खरीदी बिक्री पर लगा प्रतिबंध!
नामांतरण, बटांकन,बंटवारा, डायवर्सन आदि पर भी लगाया गया है रोक,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ से बलौदाबाजार होकर रायपुर तक जाने वाली नेशनल हाईवे सड़क 130बी के चौड़ीकरण एवं उन्नयन के लिये फोरलेन सड़क का सड़क का प्रस्ताव को मूर्त रूप देने के लिये सारंगढ़ शहर सहित 30 गांवो में सड़क के दोनो छोर पर 100-100 मीटर चौड़ी जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दिया गया है। वही बिलाईगढ़ अनुविभाग मे भी 28 गांवो मे संबंधित खसरा नंबर की जमीन शामिल है। एसडीएम सारंगढ़ तथा एसडीएम बिलाईगढ़ के द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के 58 गांव के सैकड़ो खसरा नबंर की जमीनो पर नामांतरण, बटांकन, बंटवारा, डायसर्वन सहित समस्त प्रकार के लाभप्रद कार्यो पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाया गया है। किन्तु आज 15 माह के बाद भी इस प्रकरण से संबंधित कोई कार्य प्रगति पर नही दिख रहा है। ना डीपीआर बना और ना ही भू-अर्जन पर कोई कार्यवाही हुई। जिससे संबंधित भूमि स्वामी परेशान दिख रहे है।
दरअसल केन्द्र सरकार के द्वारा सारंगढ़ से बलौदाबाजार होकर रायपुर तक की सड़क को फोरलेन बनाये जाने का प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दिया गया था जिसके तारतम्य में ही सारंगढ़ अनुविभाग अर्न्तगत आने वाले 30 गांवो की सैकड़ो खसरा नंबर की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दिया गया है। पहले से ही बलौदाबाजार और रायपुर जिले के प्रभावित गांवो में जमीन की खरीदी बिक्री पर
प्रतिबंध लगाया जा चुका है वही बिलाईगढ़ अनुविभाग के प्रभावित होने वाले 28 गांवो मे भी सैकडो खसरा नंबर की जमीन पर खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।बताया गया था कि सारंगढ़ से लेकर गिधौरी तक बनने वाली इस फोरलेन सड़क का डीपीआर बनाये जाने का कार्य शुरू हो रहा है और कौन- कौन सी जमीन इस चौड़ीकरण के जद मे आयेगी इसका निर्धारण डीपीआर बनाते समय हो जायेगा। डीपीआर बनाये जाने के बाद प्रभावित जमीन का भू-अर्जन किया जायेगा और शेष जमीनो पर लगाया गया प्रतिबंध को हटा दिया जायेगा। लेकिन सड़क के दोनो छोर पर 300-300 फीट चौड़ी जमीनो को छोड़कर शेष भूमि पर प्रतिबंध को हआ दिया गया है किन्तु 15 माह बीतने के बाद भी इस संबंध मे निर्णय नही लिया गया कि किस-किस भूमि को भू-अर्जन होगा। बताया जा रहा है कि पहली बार है जब एनएचआई ने सड़क के दोनो छोर पर 300-300 फीट चौड़ी अर्थात 100-100 मीटर के चौड़ाई के जद में आने वाली भूमि पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि इसके पूर्व केवल 32-32 मीटर यानि 100-100 फीट चौड़ी भूमि को ही प्रतिबंध लगाकर भू-अर्जन किया जाता रहा है।
इस कारण से अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर इस सड़क पर 100 फीट भूमि लिया जायेगा या 100 मीटर भूमि लिया जायेगा। बताया जा रहा है कि फोरलेन जमीन के अधिग्रहण के लिये प्रभावित 58 गांवो की सैकडो खसरा नंबर की
जमीनो का खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कहा जा रहा था कि इस प्रतिबंध के बाद डीपीआर बनाने के कार्य में तेजी आयेगा और सारंगढ़-बलौदाबाजार-रायपुर के लिये 178 किलोमीटर लंबी सड़क जल्द ही फोरलेन सड़क का मूर्त रूप धारण कर लेगा किन्तु 15 माह बाद भी यह तय नही हो पाया है कि 100 मीटर चौड़ी या 100 फीट चौड़ी भूमि का अधिग्रहण होगा? बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 बी के कि.मी. 139 (ग्राम कुम्हारी) से कि.मी. 186.600 (सारंगढ़) जिला सारंगढ़- बिलाईगढ़ अंतर्गत 4-लेन पेव्हेड शोल्डर चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य किया जाना प्रस्तावित है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के तहत् भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही हेतु जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अनुविभाग सारंगढ़ और अनुविभाग बिलाईगढ़ के कुल 58 गांव के सैकड़ो खसरे नंबर शामिल है।
सारंगढ़ तहसील के 30 गांव की भूमि हो रही प्रभावित
सारंगढ़ से बलौदाबाजार होकर रायपुर तक की 130 बी नेशनल हाईवे सड़क को फोरलेन बनाये जाने के लिये सारंगढ़ शहर सहित कुल 30 गांवो के सड़क पर दोनो छोर पर 100-100 मीटर की भूमि पर खरीदी- बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है जिसमे परसदा बड़े, टाड़ीपार, पिकरी, लिमगांव, अमलीपाली अ, कलमी, बरभांठा अ, परसापाली, छिंद, अचानकपाली, कुधरी, गोड़िहारी, हरिहरपाली, दुर्गापाली, चंदाई, भेाजपुर, खम्हारडीह, सारंगढ़, पचपेड़ी, उधरा, कोतरी, रेड़ा, दर्राभाठा, हरदी, महकमपुर, नंदनपुर, सुवाताल, हिर्री,
गोड़म गांव शामिल है।
बिलाईगढ़ अनुविभाग के 28 गांव की जमीन क्रय-विक्रय प्रतिबंधित
सारंगढ़ से बलौदाबाजार होकर रायपुर तक की 130 बी नेशनल हाईवे सड़क को फोरलेन बनाये जाने के लिये बिलाईगढ़ अनुविभाग के कुल 28 गांवो के सड़क पर दोनो छोर पर 100-100 मीटर की भूमि पर खरीदी- बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिसमे टुण्डरी, पचरी, छिर्रा, बरभांठा, पवनी, दोमुहानी, बिसनपुर, पथरिया, बेलटिकरी, चुरेला, जमगहन, गिरसा, धोबनीडीह, रोहिना, भटगांव, झुमरपाली, टेढ़ीभदरा, सेन्दुरस, खम्हरिया, गोपालपुर, पिपरडूला, सरसीवां, कोदवा, तिलाईपाली, तेन्दुभाठा, सेमरिया, भिनोदी, भिनोदा शामिल है।
सड़क की चौड़ाई 100 फीट या 100 मीटर? असमंजस में किसान? इस संबंध मे सूत्र बताते है कि पहली बार है तब एनएचआई ने सड़क के बीच से 100-100 मीटर चौड़ाई के जद में आने वाली भूमियो के खसरा नंबर पर प्रतिबंध लगाया है। पहले 32 मीटर यानि 100-100 फीट चौड़ी भूमि के जद मे आने वाले खसरा नंबर पर प्रतिबंध लगाया जाता था। इसके कारण से राजस्व विभाग भी इस बात की जानकारी दे पाने मे असमंजस है कि सारंगढ़-बलौदाबाजार-रायपुर 130बी फोरलेन सड़क सड़क के बीच से 100 फीट चौड़ी सड़क पर बनेगी या 300 फीट चौड़ी सड़क पर बनेगी। अगर प्रशासन सड़क के बीच से 300-300 फीट चौड़ी सड़क पर भू-अर्जन करेगा तो प्रोजेक्ट की लागत 3 गुनी बढ़ जायेगी और कई गांवो मे सैकड़ो मकान टूटेगें। वही 100-100 फीट होने पर कई गांवो में आसानी से भू-अर्जन की कार्यवाही हो जायेगी।



