जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के DEO जे.आर. डहरिया निलंबित: 6.23 लाख के बिजली बिल भुगतान में वित्तीय अनियमितता का मामला, बसना BEO रहते जांच में पाए गए थे दोषी

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के DEO जे.आर. डहरिया निलंबित: 6.23 लाख के बिजली बिल भुगतान में वित्तीय अनियमितता का मामला, बसना BEO रहते जांच में पाए गए थे दोषी

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के DEO जे.आर. डहरिया निलंबित: 6.23 लाख के बिजली बिल भुगतान में वित्तीय अनियमितता का मामला, बसना BEO रहते जांच में पाए गए थे दोषी

 

तीन साल पुराने मामले में राज्य शासन की बड़ी कार्रवाई, खरसिया BEO एल.एन. पटेल को मिला प्रभारी DEO का जिम्मा; शिक्षा विभाग में फिर मचा हड़कंप

सारंगढ़ टाइम्स न्यूज / सारंगढ़।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शिक्षा विभाग में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से हलचल मच गई है। जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। कार्रवाई उनके महासमुंद जिले के बसना विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहते हुए सामने आई बिजली बिल भुगतान से जुड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में की गई है। मामला करीब तीन वर्ष पुराना बताया जा रहा है। जांच में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के विद्युत देयकों के भुगतान के लिए निकाली गई राशि के संबंध में निर्धारित भुगतान पावती प्रस्तुत नहीं किए जाने और शासन को वित्तीय क्षति पहुंचने की बात सामने आई थी। इसी मामले में अब राज्य शासन ने कड़ा कदम उठाते हुए जे.आर. डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है।

6 लाख 23 हजार 348 रुपये की राशि का हिसाब बना जांच का केंद्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसना विकासखंड शिक्षा कार्यालय में विद्युत देयकों के भुगतान से संबंधित राशि बैंक से चेक के माध्यम से आहरित की गई थी। जांच के दौरान संबंधित बिजली बिलों के भुगतान की पावती और वाउचर मांगे जाने पर पूरी राशि के भुगतान का संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच प्रतिवेदन के अनुसार वर्ष 2018-19 में 2,99,258 रुपये के भुगतान की पावती जांच दल के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। वहीं वर्ष 2019-20 में कुल 8,94,420 रुपये में से 5,70,330 रुपये की भुगतान पावती उपलब्ध कराई गई, जबकि 3,24,090 रुपये के भुगतान की पावती प्रस्तुत नहीं की गई।

इस प्रकार कुल 6,23,348 रुपये की राशि के भुगतान से संबंधित पावती प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला जांच में सामने आया। जांच में इस राशि की वसूली के साथ-साथ संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी।

बीईओ और लिपिक दोनों पर उठे थे सवाल

मामले में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया के साथ सहायक वर्ग-2 कर्मचारी सूर्यकांत मिश्रा की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। जांच के दौरान दोनों के बीच एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की स्थिति सामने आने की बात भी बताई गई है। संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा राकेश पांडेय की जांच में मामले से जुड़े आरोपों को सही पाए जाने के बाद लिपिक सूर्यकांत मिश्रा को 28 मई 2025 को निलंबित किया जा चुका था। अब इसी प्रकरण में तत्कालीन बीईओ और वर्तमान प्रभारी DEO जे.आर. डहरिया पर राज्य शासन ने कार्रवाई की है।

शासन का भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता पर सख्त संदेश

राज्य शासन द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल एक अधिकारी के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और वित्तीय जवाबदेही को लेकर एक स्पष्ट संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है। शासकीय संस्थानों के लिए जारी राशि का उपयोग निर्धारित मद में होना और प्रत्येक भुगतान का विधिवत हिसाब-किताब रखना अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में यदि सरकारी राशि के उपयोग में अनियमितता सामने आती है तो जवाबदेही तय होना जरूरी है। शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में जहां सरकारी धन सीधे बच्चों, स्कूलों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा होता है, वहां वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर सवाल खड़े करती है।

खरसिया BEO एल.एन. पटेल बने प्रभारी DEO

जे.आर. डहरिया के निलंबन के बाद शिक्षा विभाग ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की व्यवस्था भी कर दी है। खरसिया के विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण पटेल को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी DEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आदेश के बाद लक्ष्मीनारायण पटेल ने सारंगढ़ पहुंचकर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी का पदभार ग्रहण कर लिया है।

सारंगढ़ शिक्षा विभाग फिर सुर्खियों में

सारंगढ़-बिलाईगढ़ का शिक्षा विभाग पिछले कुछ समय से लगातार प्रशासनिक और विभागीय घटनाक्रमों को लेकर चर्चा में रहा है। अब प्रभारी DEO के निलंबन की कार्रवाई ने विभाग में नई बहस छेड़ दी है। जिले में DEO के पद को लेकर पहले भी विवाद और प्रशासनिक खींचतान की चर्चाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में एक बार फिर शीर्ष पद पर हुई कार्रवाई ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, वित्तीय अनुशासन और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, निलंबन एक विभागीय कार्रवाई है और संबंधित अधिकारी को नियमानुसार अपना पक्ष रखने तथा आगे की विभागीय प्रक्रिया में अपना बचाव प्रस्तुत करने का अधिकार रहेगा।

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