
बिग ब्रेकिंग | सारंगढ़ : तीन दिन बाद लातनाला से निकाली गई कार, पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल व पत्नी सविता पटेल के शव बरामद देखे video…..

सारंगढ़। सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर माधोपाली स्थित लातनाला में तीन दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे का बुधवार को दुखद अंत हो गया। करीब तीन दिनों तक लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद प्रशासन और विशेष गोताखोरों की टीम ने आखिरकार उफनते लातनाला से कार को बाहर निकाल लिया। कार के भीतर से घोठला बड़े गांव के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल एवं उनकी पत्नी सविता पटेल के शव बरामद किए गए। घटना की पुष्टि होते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रविवार शाम करीब 5:30 बजे देवनारायण पटेल अपनी पत्नी के साथ कार से घर लौट रहे थे। माधोपाली स्थित पुराने जर्जर पुल से गुजरने के दौरान तेज बहाव में उनकी कार अनियंत्रित होकर लातनाला में बह गई थी। घटना के बाद से ही पुलिस, जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे।
तीन दिन तक चला रेस्क्यू अभियान
घटना के बाद SDRF, DDRF सहित स्थानीय गोताखोरों ने लगातार खोज अभियान चलाया, लेकिन तेज बहाव, गहरे पानी और लगातार बारिश के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद प्रशासन ने पंजाब से विशेष प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया। कई घंटों की मशक्कत और आधुनिक उपकरणों की मदद से अंततः कार का पता लगाया गया और उसे पानी से बाहर निकाला गया।
कार के अंदर से देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि तीन दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण शवों में विघटन (गलने की प्रक्रिया) शुरू हो चुकी थी, जिससे रेस्क्यू टीम को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी।

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
रेस्क्यू के बाद दोनों शवों को पंचनामा कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस पूरे मामले की विधिवत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
घटनास्थल पर उमड़ी भारी भीड़
जैसे ही कार और शव बरामद होने की सूचना मिली, घटनास्थल पर पहले से मौजूद हजारों लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। घोठला बड़े सहित आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन दिनों से अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लिए यह खबर बेहद दुखद साबित हुई।
कई सवाल छोड़ गया हादसा
इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और पुराने जर्जर पुल के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नया पुल बनने के बावजूद पुराने पुल से आवागमन पूरी तरह बंद नहीं किया गया, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। अब लोग पुराने पुल को स्थायी रूप से बंद करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। सारंगढ़ टाइम्स इस पूरे मामले से जुड़े हर आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस की जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई सामने आने के बाद आगे की जानकारी भी प्रकाशित की जाएगी।



