जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़ : 60 घंटे बाद भी नहीं मिली कार, पंजाब से आए विशेष गोताखोर भी खाली हाथ, लातनाला किनारे हजारों लोगों की भीड़….

सारंगढ़ : 60 घंटे बाद भी नहीं मिली कार, पंजाब से आए विशेष गोताखोर भी खाली हाथ, लातनाला किनारे हजारों लोगों की भीड़....

सारंगढ़ : 60 घंटे बाद भी नहीं मिली कार, पंजाब से आए विशेष गोताखोर भी खाली हाथ, लातनाला किनारे हजारों लोगों की भीड़….

 

सारंगढ़। सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर माधोपाली स्थित लातनाला में हुए दर्दनाक हादसे के 60 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार और उसमें सवार घोठला बड़े गांव के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल एवं उनकी पत्नी सविता पटेल का कोई पता नहीं चल सका है। लगातार चल रहे राहत एवं बचाव अभियान के बावजूद अब तक सफलता नहीं मिलने से परिजनों सहित पूरे क्षेत्र में चिंता और मायूसी का माहौल है। रविवार शाम करीब 5:30 बजे हुए इस हादसे में देवनारायण पटेल अपनी पत्नी सविता पटेल के साथ कार से सारंगढ़ से वापस घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि माधोपाली स्थित लातनाला के पुराने जर्जर पुल से गुजरने के दौरान तेज बहाव के बीच कार अनियंत्रित होकर उफनते नाले में समा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही क्षणों में कार पानी के तेज बहाव में बह गई और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। DDRF, SDRF सहित स्थानीय गोताखोरों ने लगातार कई घंटों तक खोज अभियान चलाया, लेकिन लातनाला के तेज बहाव, गहराई, गंदले पानी और लगातार हो रही बारिश के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पंजाब से विशेष प्रशिक्षित गोताखोरों को भी बुलाया। इन विशेषज्ञ गोताखोरों ने भी घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार खोजबीन की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कार का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। लगातार हो रही बारिश और उफनता नाला रेस्क्यू अभियान में सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

घटनास्थल पर उमड़ी हजारों लोगों की भीड़

लातनाला के किनारे सोमवार से ही बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए हैं। मंगलवार तक घटनास्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण, परिजन, व्यापारी एवं आसपास के गांवों के लोग पहुंच चुके थे। हर किसी की निगाहें रेस्क्यू टीम की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। गोताखोरों के पानी में उतरते ही लोगों की उम्मीदें बढ़ जाती हैं, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटती टीम लोगों की चिंता और बढ़ा रही है।

पूरे क्षेत्र में दुआओं का दौर

घटना के बाद घोठला बड़े सहित आसपास के गांवों में गमगीन माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं क्षेत्र के लोग लगातार ईश्वर से खोज अभियान की सफलता की प्रार्थना कर रहे हैं। समय बीतने के साथ लोगों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है।

कई सवाल भी खड़े कर रहा हादसा

यह हादसा कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। जब लातनाला पर वर्षों पहले नया पुल बन चुका है, तो पुराने जर्जर पुल से आवागमन क्यों जारी रहा? क्या पुराने पुल को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए था? क्या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल लगातार अभियान में जुटे हुए हैं। मौसम अनुकूल होते ही खोज अभियान को और तेज किए जाने की बात कही जा रही है। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं और हर कोई कार तथा लापता दंपती के संबंध में किसी सकारात्मक सूचना का इंतजार कर रहा है।

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