
छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के वायरल वीडियो मामला : सारंगढ़ के जिल्दी निवासी भुनेश्वर निराला और राकेश निराला ने किया था विडियो एड़िट,

दोनो आरोपी को धमतरी पुलिस ने किया गिरफ्तार,
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के कथित ध्वजारोहरण के
विडियो में भाजपा का झंड़ा का मामला था सुर्खियो
में,
एडिटेड वीडियो से तिरंगे के अपमान का भ्रामक दावा,
दो आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल जब्त
आरोपी सारंगढ़ के भुनेश्वर निराला (25) और राकेश निराला (35)
ग्राम जिल्दी, थाना सारंगढ़ के रहने वाले
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
धमतरी में सोशल मीडिया पर एडिटेड और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में कोतवाली
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भाजपा के झंडे वाले वीडियो को एडिट
कर तिरंगे के अपमान से जोड़कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। धमतरी जिले में सोशल
मीडिया पर एक पुराने वीडियो को एडिट कर उसे स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर भ्रामक तरीके से प्रसारित
करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि भाजपा के झंडे से जुड़े
वीडियो में डिजिटल बदलाव कर उसे इस तरह पेश किया गया, जिससे लोगों के बीच तिरंगे के अपमान का
भ्रम पैदा हो। गिरफ्तार आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के भुनेश्वर निराला (25) और राकेश निराला
(35), निवासी ग्राम जिल्दी, थाना सारंगढ़ के रहने वाले है।
पुलिस के मुताबिक, मूल वीडियो 22 मार्च 2026 को कुरूद स्थित भाजपा कार्यालय में
आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का था। कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा फहराया था।
बाद में इसी वीडियो को डाउनलोड कर एडिट किया गया और स्वतंत्रता दिवस के संदर्भ में “धमतरी में तिरंगे
की जगह BJP का झंडा, स्वतंत्रता दिवस पर उठे सवाल” जैसे भ्रामक संदेश के साथ सोशल मीडिया पर
प्रसारित किया गया।
एडिटिंग एप से बदला गया वीडियो
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान भुनेश्वर निराला (25) और राकेश निराला (35),
निवासी ग्राम जिल्दी, थाना सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को नोटिस देकर पूछताछ की गई। पुलिस ने दोनों के
मोबाइल फोन की विधिवत जांच की। जांच में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ वीडियो एडिटिंग एप्लीकेशन भी मिले।
पुलिस के अनुसार मूल वीडियो में News Banao App की मदद से बदलाव कर भ्रामक शीर्षक और तिरंगे का प्रतीक
जोड़ा गया था। इसके बाद वीडियो को Instagram और Facebook पर अपलोड किया गया।
डिलीट करने के बाद भी मिले डिजिटल सबूत
पूछताछ में आरोपियों ने वीडियो बाद में डिलीट करने की बात बताई। हालांकि, पुलिस को Instagram के Recently
Deleted सेक्शन में भी संबंधित वीडियो के साक्ष्य मिल गए। पुलिस ने स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल प्रमाण सुरक्षित
किए। राकेश के मोबाइल से मूल वीडियो से संबंधित तस्वीरें भी बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन जब्त कर
लिए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 45 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड
पर जेल भेज दिया गया।



