
बोंदा के शासकीय कोटवारी भूमि में कर दिया गया सैकड़ो टन फ्लाईएश का भराव?

सरिया क्षेत्र में चल रहा है सरकारी भूमि पर अवैध फ्लाईएश भराव का बड़ा खेल?
माफियाओ ने कई सरकारी भूमि में डाला फ्लाईएश,
आपत्ति करने वाले कोटवार को बर्खास्त कर उड़ीसा निवासी व्यक्ति को बना दिया गया कोटवार,
अवैध खनन की कमाई के बाद फ्लाईएश की मलाई खा रहे है रायगढ़ के ट्रांसपोर्टर,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध उत्खनन और फ्लाईएश का दोहरा खेल मे मोटी रकम का मलाई खाने का खेल का राज धीरे-धीरे सामने आ रहा है। सरिया तहसील के बोंदा में पदस्थ कोटवार को सरकारी सेवा भूमि पर अवैध उत्खनन के नाम पर पहले पद से निलंबित फिर बर्खास्त करके प्रशासनीक माफियाओ ने उड़ीसा के निवासी व्यक्ति को कोटवार नियुक्त कर दिया तथा सरकारी भूमि पर सैकड़ो टन फ्लाईएश का भराव करके अपना जमकर विकास किया। इस हैरान कर देने वाली कहानी से ज्ञात हो रहा है कि अवैध उत्खनन तथा फ्लाईएश भराव का गोरखधंधा में बड़े स्तर पर बड़ा खेला हो रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के खदानो का डंपिंग यार्ड बनाने के लिये मातृजिला रायगढ़ के फ्लाईएश माफियाओ ने साम-दाम-दंड़-भेद की नीति का पालन किया है और ऐन्-केन प्रकरण किसी भी तरह से मोटी रकम का मलाई खाने के लिये हर प्रकार का चाल चला है। मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के सरिया तहसील के बोंदा गांव का है जहा पर कोटवार के पद पर बिलाल कुर्रे कार्यरत था उसको 7 नवंबर 2025 को बोंदा गांव के कोटवार पद से बर्खास्त कर दिया गया। कोटवार को बर्खास्त करने के पीछे प्रशासनीक कारण बताया गया है। तहसीलदार सरिया के द्वारा कोटवार बिलाल कुर्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया कि पटवारी हल्का नंबर 04 जोतपुर बोंदा में
खसरा नंबर 114, रकबा 0.202 हेक्टेयर में कोटवार के द्वारा अवैध उत्खनन कराया गया है। जबकि यह भूमि शासकीय कोटवरी भूमि है। जिसके जवाब मे कोटवार बिलाल कुर्रे ने बताया कि उनके अधिपत्य की इस भूमि की जानकारी उसको नही थी तथा जब जानकारी हुई तब-तक उसको खनन माफियाओ के द्वारा अवैध रूप से खनन कर दिया गया था किन्तु कोटवार के जवाब से असंतुष्ट तहसीलदार के द्वारा कोटवार बिलाल कुर्रे को पद से बर्खास्त कर दिया गया। उसके बाद यहा पर नये कोटवार की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया गया और कोटवार की नियुक्ति कर दिया गया। इस बीच में अड़ानी पावर कंपनी बड़े भंड़ार के फ्लाईएश को रायगढ़ के कुछ ट्रांसपोर्टरो के द्वारा इस शासकीय कोटवारी भूमि पर फ्लाईएश का अवैध रूप से भराव कर दिया गया। बताया जा रहा है कि सरिया तहसील के पटवारी हल्का नंबर 04 के जोतपुर खसरा नंबर 114 के रकबा 0.202 हेक्टेयर में अवैध रूप फ्लाईएश का इस कदर भंड़ारण कर दिया गया है कि पड़ोसी किसान अवधबिहारी का खेत में फ्लाइएस बरसात के पानी में बहकर जमा हो रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग 25 हजार मिट्रिक टन से अधिक फ्लाईएश का अवैध रूप से भंड़ारण यहा पर कर दिया गया है जिसके एवज मे लगभग 5 लाख रूपये की राशी का वारा-न्यारा यहा पर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि शासकीय कोटवारी भूमि में अवैध रूप से फ्लाईएश का भंड़ारण करने मे आपत्ति करने वाले कोटवार बिलाल कुर्रे को इसी कारण से रास्ते से हटाया गया तथा पद से बर्खास्त कर दिया गया क्योकि उनके द्वारा लगातार इस बात की आपत्ति हो रही थी कि शासकीय कोटवारी भूमि पर फ्लाईएश का भराव नही किया जाये।

बोंदा में उड़ीसा राज्य का व्यक्ति बना नया कोटवार?
इस संबंध में बोंदा गांव में नये कोटवार की नियुक्ति को लेकर चौकाने वाला निर्णय सामने आया है। बताया जा रहा है कि बिलाल कुर्रे को पद से हटाने के बाद यहा पर बोंदा में डाक्टर पिता हलधर निवासी खरसला जिला-बरगढ़ (उड़ीसा) को नया कोटवार नियुक्त कर दिया गया। कोटवार नियुक्ति किया गया डाक्टर पिता हलधर के पास ना तो आधार कार्ड छत्तीसगढ़ का है और बोंदा में ना ही जमीन है और ना ही मकान है और मतदाता सूची में इसका नाम तक नही है। राशन कार्ड भी इनका यहा पर नही है। ऐसे में शासकीय कोटवारी भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश का भंड़ारण करने के नाम पर बोंदा के कोटवार को पद से बर्खास्त करके उड़ीसा के निवासी को यहा पर कोटवार बना दिया गया और धड़ल्ले से फ्लाईएश का भंड़ारण करके मोटी रकम का मलाई डकार दिया गया है। इस पूरे खेल मे
सरिया के एक प्रशासनीक अधिकारी का नाम सामने आ रहा है। कोटवारी भूमि पर फ्लाईएश का डंपिंग करने के लिये ही यहा पर यह बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया है।हैरानी वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत बोंदा में संपन्न हुई ग्रामसभा की बैठक में इस बात का बकायदा प्रस्ताव पारित किया गया था कि डाक्टर पिता हलधर उड़ीसा का निवासी है। किन्तु प्रशासनीक अधिकारी ने एक भी बात को नही सुनते हुए उड़ीसा निवासी डाक्टर पिता हलधर को बोंदा का नया कोटवार नियुक्त कर दिया।
22 एकड़ के सरकारी भूमि पर अवैध फ्लाईएश डंपिंग?
बोंदा और जोतपुर में स्थित सरकारी भूमि खसरा नंबर 111, रकबा 8.2250 हेक्टयेर यानि लगभग 22 एकड़ की भूमि शासकीय अभिलेख में शासकीय भूमि के रूप मे दर्ज है तथा पानी के नीचे मद में दर्ज है जिसमें से लगभग आधा से अधिक भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश डंप कर दिया गया है। इस सरकारी भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश का भंड़ारण कराने मे एक प्रशासनीक अधिकारी का नाम सामने आ रहा है जिसके संरक्षण में बोंदा-जोतपुर क्षेत्र मे बड़े स्तर पर खेल खेला गया है। बताया जा रहा है कि खसरा नंबर 111 तथा खसरा नंबर 114 दोनो की सरकारी भूमि मे फ्लाईएश डंपिंग के लिये ट्रांसपोर्टरो के पास किसी भी प्रकार का कोई भी अनुमति या एनओसी नही है और मनमानी करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश का भराव किया गया है।
सरिया तहसीलदार नही मानते है स्टे आर्डर?

अवैध फ्लाईएश के डंपिंग के मामले में कोटवार की बर्खास्तगी तथा नये कोटवार की नियुक्ति का बड़ा अहम रोल है।
यहा पर न्यायालय तहसीलदार सरिया के द्वारा 7 नवंबर 2025 को बोंदा के कोटवार बिलाल कुर्रे को पद से बर्खास्त
कर दिया गया जिसके आदेश के खिलाफ न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ के द्वारा 26 नवंबर
2025 को स्टे आर्डर जारी कर दिया गया तथा यथा स्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया गया किन्तु स्टे आर्डर के बीच
मे ही 25 फरवरी 2026 को नये कोटवार की नियुक्ति कर दिया गया। जबकि न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी
राजस्व सारंगढ़ के द्वारा 27 मार्च 2026 को स्टे आर्डर को निरस्त किया गया। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि सरिया
तहसीलदार के द्वारा अपील पर दिया गया स्टे को भी मानने के मामले में मनमानी किया गया है।
संवेदनशील कलेक्टर से पहल की उम्मीद
बोंदा-कटंगपाली क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश का भंड़ारण कराने तथा शासकीय कोटवारी भूमि
तक को फ्लाईएश से भरने के मामले मे मनमानी करने वाले अधिकारी का दो कारनामा सामने आ चुका है। ऐसे मे
अब सबकी निगाहे संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू की तरफ है जिससे आशा है कि खनन माफिया
और फ्लाईएश माफिया के साथ प्रशासनीक गठबंधन का अघोषित गठबंधन को तोड़कर बड़ी कार्यवाही कर
माफियाओ को कड़ा संदेश देवे।



