जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

सारंगढ़ में 1800 एकड़ के प्रस्तावित चूना पत्थर खदान स्वीकृति का मामला विधानसभा में गूंजा, विधायक उत्तरी जांगड़े ने उठाया मामला,

सारंगढ़ में 1800 एकड़ के प्रस्तावित चूना पत्थर खदान स्वीकृति का मामला विधानसभा में गूंजा, विधायक उत्तरी जांगड़े ने उठाया मामला,

सारंगढ़ में 1800 एकड़ के प्रस्तावित चूना पत्थर खदान स्वीकृति का मामला विधानसभा में गूंजा, विधायक उत्तरी जांगड़े ने उठाया मामला,

मुख्यमंत्री का जवाब : आपत्तियों के बाद कलेक्टर को जांच के निर्देश,
सारंगढ़ नगर पालिका के 3 वार्ड भी होंगे प्रभावित

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सारंगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित चूना पत्थर खदानों का मामला जोरदार ढंग से उठा। सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 229 के उत्तर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वीकार किया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कई चूना पत्थर खनिज ब्लॉकों की प्रक्रिया जारी है तथा इनसे अनेक गांवों के साथ-साथ सारंगढ़ नगर पालिका के वार्ड भी प्रभावित होंगे।

सरकार द्वारा सदन में प्रस्तुत परिशिष्ट के अनुसार चार प्रमुख खनिज ब्लॉक प्रस्तावित

हैं—लालाधुर्वा –जोगनीपाली चूनापत्थर ब्लॉक – धौराभांठा, जोगनीपाली, कपिसदा, लालाधुर्वा एवं सरसरा गांव की लगभग 200.902 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इस खनिज ब्लॉक के लिए 11 सितंबर 2023 को आशय पत्र जारी किया जा चुका है। इसकेअलावा खैराहा चूनापत्थर ब्लॉक – खैराहा, जुनाडीह, रांपागुला, चंदाई एवं सारंगढ़ क्षेत्र की लगभग 227.967 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इसमें सारंगढ़ नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 10 की 123.752 हेक्टेयर भूमि भी शामिल है। इस ब्लॉक की नीलामी हेतु एसआईटी जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। वही कुटेला–दुर्गापाली चूनापत्थर ब्लॉक – हरिहरपाली, कुटेला, खम्हारडीह, भैंसादहान एवं भोजपुर की लगभग
166.308 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इसमें नगर पालिका वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 की 91.943 हेक्टेयर भूमि भी प्रभावित क्षेत्र में शामिल है। इसी प्रकार से खम्हारडीह चूनापत्थर ब्लॉक – गाताडीह, खम्हारडीह, कुटेला, पचपेड़ी एवं सुलोनी की लगभग 377.132 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इसमें वार्ड क्रमांक 1 की 29.633 हेक्टेयर भूमि भी शामिल है। इस ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अभी खनिपट्टा स्वीकृति एवं अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है, इसलिए प्रभावित परिवारों और किसानों की अंतिम संख्या निर्धारित नहीं की गई है। सदन में सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि प्रस्तावित चूना पत्थर खदानों के विरोध में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा अब तक 12 आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इन आवेदनों के आधार पर कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को पूरे मामले की समुचित जांच एवं परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने कहा कि चूना पत्थर खदानों से किसानों की कृषि भूमि, पर्यावरण, जल स्रोत, सांस्कृतिक विरासत तथा सारंगढ़ नगर की आबादी प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए व्यापक परीक्षण कराया जाए तथा जनता के हितों के विपरीत किसी भी खनन परियोजना को आगे न बढ़ाया जाए।

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