
डोमाडीह-झिलगीटार के बीच खेत के बीच अचानक धंसी जमीन, 10 फीट गहरा और 15 फीट चौड़ा विशाल गड्ढा बनने से मचा हड़कंप

डोमाडीह-झिलगीटार के बीच रहस्यमयी घटना, रातभर में समतल खेत बन गया विशाल गड्ढा;
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम डोमाडीह और झिलगीटार के बीच स्थित एक खेत में
सोमवार सुबह एक ऐसी रहस्यमयी घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चिंता का माहौल पैदा कर
दिया। सुबह जब किसान और ग्रामीण रोज की तरह खेतों की ओर पहुंचे तो उनकी नजर खेत के बीचों-बीच बने एक
विशाल गड्ढे पर पड़ी। कुछ घंटे पहले तक जहां समतल खेत था, वहां अचानक करीब 9 से 10 फीट गहरा और 12 से 15
फीट चौड़ा गोलाकार गड्ढा बन चुका था। घटना की खबर देखते ही देखते पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैल गई
और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इस रहस्यमयी गड्ढे को देखने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 7 से 8 बजे इस गड्ढे की जानकारी ग्रामीणों को मिली। शुरुआत
में लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी बड़ी जमीन अचानक धंस सकती है। लेकिन मौके पर पहुंचने पर उन्होंने
देखा कि खेत का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह धंस चुका है। गड्ढे के चारों ओर मिट्टी फटकर नीचे की ओर खिसकी हुई
दिखाई दे रही है, जबकि आसपास की जमीन में भी दरारें साफ नजर आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई
व्यक्ति या मवेशी रात के समय उस स्थान से गुजरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मिली जानकारी के अनुसार यह खेत ग्राम झिलगीटार निवासी किसान नंदलाल बरिहा का है।
किसान ने भी बताया कि खेत पहले पूरी तरह सामान्य था और अचानक इतनी बड़ी मात्रा में जमीन धंस जाने की
घटना ने उन्हें भी हैरानी में डाल दिया है। खेत में बने गड्ढे का आकार इतना बड़ा है कि उसमें एक छोटा कृषि वाहन या
कई लोग आसानी से उतर सकते हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर
पहुंचने लगे। दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो भी
बनाए। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कोई इसे प्राकृतिक घटना बता रहा है तो कोई
जमीन के भीतर खाली स्थान बनने की संभावना जता रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी विशेषज्ञ या प्रशासनिक
विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र के आसपास कई वर्ष पहले ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी की खुदाई की गई थी। कुछ ग्रामीणों का
मानना है कि संभवतः जमीन के भीतर किसी स्थान पर खाली जगह बनने के कारण मिट्टी का भार नहीं संभल पाया
और अचानक जमीन धंस गई। हालांकि यह केवल स्थानीय लोगों की आशंका है। वास्तविक कारण का पता जांच के
बाद ही चल सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के भीतर पानी का रिसाव या अन्य प्राकृतिक कारण भी इस घटना की वजह हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद आसपास के किसानों में भी चिंता का
माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी घटनाएं अन्य खेतों में भी होने लगीं तो खेती-किसानी के साथ-साथ लोगों
की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र का सर्वे कराने और आवश्यक होने पर
जांच टीम भेजने की मांग की है।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि गड्ढे के आसपास तत्काल सुरक्षा घेरा बनाया जाए, क्योंकि उत्सुकतावश बड़ी संख्या
में लोग उसे देखने पहुंच रहे हैं। यदि गड्ढे के किनारे की मिट्टी और धंस गई तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
विशेष रूप से बच्चों और मवेशियों के लिए यह स्थान बेहद खतरनाक माना जा रहा है।
फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। प्रशासनिक स्तर पर जांच के
बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन प्राकृतिक कारणों से धंसी है, भूगर्भीय गतिविधि का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। लेकिन खेत के बीच अचानक बने इस विशाल गड्ढे ने ग्रामीणों को हैरत में डाल दिया है और यह
घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
क्या कहते है सरपंच
सुबह करीबन 7-8 बजे दोनों गांव के बीच में खेत में अचानक गड्ढा बनने की सूचना मिली इसकी जानकारी थाना में दे
दी गई है
रूपधर चौहान,सरपंच ग्राम पंचायत डोमाडीह



