जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

15 साल से मौत को दावत दे रही जर्जर पुलिया! सारंगढ़ टाईम्स में खबर छपते ही जागा विभाग, 99.81 लाख रुपये का भेजा प्रस्ताव

15 साल से मौत को दावत दे रही जर्जर पुलिया! सारंगढ़ टाईम्स में खबर छपते ही जागा विभाग, 99.81 लाख रुपये का भेजा प्रस्ताव

15 साल से मौत को दावत दे रही जर्जर पुलिया! सारंगढ़ टाईम्स में खबर छपते ही जागा विभाग, 99.81 लाख रुपये का भेजा प्रस्ताव

बरसात में टूट सकता है दो गांवों का संपर्क, ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर प्रशासनिक हलचल तेज
बरमकेला विकासखंड के छुईपाली- नौघटा गांव के बीच जर्जर पुलिया का मामला

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/साल्हेओना
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बरमकेला के अंतर्गत छुईपाली और नौघटा गांव के बीच स्थित जर्जर पुलिया एक बार फिर चर्चा में है। पिछले डेढ़ दशक से बदहाली का दंश झेल रही इस पुलिया को लेकर ग्रामीण लगातार चेतावनी देते रहे, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब जब बरसात सिर पर है और पुलिया की हालत बेहद खतरनाक हो चुकी है । इसे लेकर सारंगढ़- टाईम्स ने 25 मई 2026 अंक में " बरसात से पहले टूटा संपर्क, जर्जर पुलिया पर थम गया आवागमन " शीर्षक से खबर प्रकाशित की , तब जाकर विभागीय स्तर पर हरकत दिखाई दी है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस)
विभाग ने नई पुलिया निर्माण के लिए 99.81 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर उच्च कार्यालय को भेज दिया है।

दरअसल, छुईपाली- नौघटा पहुंच मार्ग पर कटंगी नाला के ऊपर बनी यह पुलिया क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों की जीवनरेखा मानी जाती है। इसी रास्ते से किसान अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाते हैं, छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते हैं तथा ग्रामीण दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। लेकिन वर्षों पुरानी यह पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। पुलिया के किनारों और आधार हिस्सों में दरारें पड़
चुकी हैं तथा कई स्थानों पर संरचना कमजोर दिखाई दे रही है।

हर बारिश में यह पुलिया खतरे का पर्याय

ग्राम पंचायत बिलाईगढ – अ के सरपंच भुवन पटेल, ग्रामीण केदार पटेल का कहना है कि हर बारिश में यह पुलिया खतरे का पर्याय बन जाती है। तेज बहाव के दौरान ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर होते हैं। कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन फाइलें केवल कार्यालयों में घूमती रहीं।

हाल ही में इस गंभीर समस्या को दैनिक अखबार सारंगढ़ टाईम्स में प्रमुखता से
उठाए जाने के बाद विभाग ने स्थल निरीक्षण कराया। निरीक्षण में पुलिया की स्थिति चिंताजनक पाई गई। इसके बाद उप संभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उप संभाग बरमकेला द्वारा कार्यपालन अभियंता को कार्य स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव के अनुसार ग्राम छुईपाली में कटंगी नाला पर नई लघु पुलिया निर्माण के लिए 99.81 लाख रुपये की लागत का प्राक्कलन तैयार किया गया है।
केवल प्रस्ताव भेजना पर्याप्त नहीं दस्तावेज में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि वर्तमान पुलिया जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है और नई संरचना की आवश्यकता है। विभागीय स्तर पर प्रस्ताव भेजे जाने के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल प्रस्ताव भेजना पर्याप्त नहीं है। यदि बरसात शुरू होने से पहले प्रशासन ने स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया में तेजी नहीं दिखाई तो इस वर्ष भी गांवों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्र के बीडीसी पूजा संतोष
चौहान का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच आज भी ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी जरूरतें वर्षों तक उपेक्षित रहती हैं।

तत्काल मंजूरी देकर निर्माण शुरू कराने की मांग ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी देकर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए,
ताकि आने वाले मानसून में किसी दुर्घटना या संपर्क विच्छेद जैसी स्थिति से बचा जा सके। अब देखना यह होगा कि वर्षों से फाइलों में अटकी यह मांग कब धरातल पर उतरती है और छुईपाली-नोरवा के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब मिलती है।

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