
सारंगढ़ : कलेक्टोरेट में दम तोड़ रहा है “सूचना का अधिकार”? डीएमएफ मद से संबंधित जानकारी मांगने पर उल-जलूल जवाब?

वेबसाईट में जानकारी सार्वजनिक होने के कारण
से जानकारी नही दिया जायेगा?
सामान्य रूप से मांगी गई जानकारी को
प्रश्नात्मक बताकर नही दिया गया?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी कानून अधिकारी के मनमानी के कारण से दम तोड़ते नजर आ रहा है। यहा पर डीएमएफ फंड़ से संबंधित जानकारी मांगे जाने पर जिला जनसूचना अधिकारी उटपटांग जवाब दे रहे है। सामान्य रूप से चाही गई जानकारी को प्रश्नात्मक जानकारी का ठप्पा लगाकर जानकारी नही दे रहे है तो भी पब्लिक डोमेन में जानकारी उपलब्ध होने के कारण से जानकारी नही दे रहे है। सूचना के अधिकार कानून का मजाक बनाने वाला यह कार्यालय दूर-दराज का नही है बल्कि जिला कलेक्टोरेट है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 16 फरवरी 2026 को बरमकेला निवासी कबीरदास मानिकपुरी ने आनलाईन आवेदन में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी
कि डीएमएफ यानि जिला खनिज न्यास मद के अर्न्तगत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में स्वीकृति कार्यो की जानकारी मांगी थी जिसके जवाब में 13 मार्च 2026 को जिला जनसूचना अधिकारी जिला कार्यालय सारंगढ़ ने आवेदक को जानकारी दिया कि आपके द्वारा चाही गई जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है तथा उसे आप http://dmfindia.mines.gov.in/login से प्राप्त कर सकते है। इस तरह का जवाब देकर डीएफएफ फंड़ की जानकारी देने से जिला जन सूचना अधिकारी ने अपना पल्ला झाड़ लिया। जवाब पाकर आवेदक ने कई बार उक्त लिंक को निकालने का प्रयास किया किन्तु यह लिंक डीएमएफ से जुड़े डाटा आपरेटरो तथा जिला अधिकारी और प्रदेश के अधिकारियो के लिये बना है। इसमे किस तरह से आवेदक अपन जानकारी निकाल पायेगा? इसकी कोई जानकारी नही दिया गया है जिससे साफ प्रतीत हो रहा है
कि आवेदक को डीएमएफ की जानकारी देना ना पड़े इसलिये इस प्रकार का जानकारी देकर जिला जनसूचना अधिकारी ने गुमराह करने का प्रयास किया है। वही अन्य मामले में अमितेश केशरवानी ने डीएमएफ से संबंधित मामले में ही आफलाईन सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन 27 मार्च 2026 को जनसूचना अधिकारी कलेक्टोरेट सारंगढ़-बिलाईगढ़ में लगाया था। जिसमें 1 सितंबर 2022 से लेकर अब तक डीएमएफ मद से स्वीकृति राशी और उसको किस-किस निमार्ण कार्य मे खर्च किया गया है उसकी जानकारी मांगी गई थी। किन्तु 28 अप्रैल 2026 को जिला जनसूचना अधिकारी जिला कार्यालय के द्वारा जवाब दिया गया कि उक्त जानकारी प्रश्नात्मक रूप में है

अत: सूचना के अधिकार के तहत जानकारी दिया जाना संभव नही है। जिसको लेकर आवेदक अमितेश केशरवानी ने प्रथम अपील आवेदन प्रदान कर दिया है जिसके बाद ऐसा जवाब बनाने वालो में हड़कंप मच गया है। डीएमएफ मद में प्राप्त राशी तथा उसको किया गया खर्च की जानकारी को छुपाने के लिये सूचना के अधिकार के आवेदन आने पर अजीबो-गरीब तर्क देकर जिला जनसूचना अधिकारी मनमानी करने पर उतारू हो गये है। जिससे विष्णु सरकार की पारदर्शी व्यवस्था पर अधिकारी पतीला लगाने का प्रयास कर रहे है। बहरहाल देखना यह है कि डीएमएफ फंड़ के स्वीकृत कार्यो में आखिर ऐसा क्या गड़बड़झाला है कि सूचना के अधिकार कानून के कंड़िका तक को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने के
लिये अधिकारी बाज नही आ रहे है।



