
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शराब दुकानों में देशी शराब की भारी कमी!
सारंगढ़, बरमकेला, सरिया के देशी शराब दुकान में पौवा की किल्लत,
शादी-ब्याह के सीजन में देशी शराब नही मिलने से महुआ की बिक्री बढ़ी
प्लास्टिक बोतलों में वर्तमान मांग की एक चौथाई ही सप्लाई कर पा रही कंपनियां
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शराब दुकानो में देशी शराब की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। सारंगढ़-
बिलाईगढ़ जिला में कुल 20 देशी-विदेशी शराब दुकान है जहा पर देशी शराब का सादा और मसाला नही
मिल रहा है। बताया जा है कि 1 अप्रैल से ही देशी शराब की आपूर्ति प्रभावित हुई है। दरअसल 1 अप्रैल
से प्लास्टिक बोलत मे देशी शराब की बिक्री होनी थी। किन्तु सिस्टम भी पूरी तरह से नही बन पाने के
कारण से आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इसका फायदा उठाकर अवैध महुआ शराब काफी फल-फूल
रहा है। कई मदिरा प्रेमियो ने बताया कि शादी ब्याह के सीजन में देशी शराब ब्लैक में लेना पड़ रहा है।
वही कई देशी दुकान के कर्मचारियो पर दबे जुबान से आरोप लग रहे है कि ब्लैक में देशी शराब को
मार्केट में बेच दिया जा रहा है।
प्रदेश में देशी एवं चीप रेंज की शराब प्लास्टिक बोतल में बिक्री होना है। यह नियम एक
अप्रैल से लागू हो गया है, लेकिन जब से यह नियम लागू हुआ है, तब से शराब दुकानों में देशी (पौवा) और
चीप रेंज की शराब के स्टॉक की कमी आ गई है, जिससे शासन को जहां राजस्व के रूप में हर दिन करोड़ों
रुपए का नुकसान हो रहा है। अनुबंधित कंपनियां प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई मांग के अनुरूप पूरी नहीं
कर पा रहीं। जिसके चलते दुकानों में आपाधापी है। अहाता संचालकों की कमाई भी घटी है। सारंगढ़-
बिलाईगढ़ जिले के अधिकांश देशी शराब दुकानो में सादा और मसाला के पौवा शराब का संकट
सामने आया है जिसके कारण से यहा पर महुआ का कारोबार अभी अपने ऊफान पर है।
बताया जा रहा है कि गरीब तबके के लोगों की पहली पसंद सादा का पौवा शराब
दुकानों में नहीं मिल पा रही। इसके कारण लोग देशी शराब की जगह मजबूरी में महंगी अंग्रेजी शराब लेने
के लिए मजबूर हो रहे हैं। इधर स्टॉक की कमी के कारण कई देशी दुकानें एक-दो घंटे खुली रखने के बाद
बंद की जा रही हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि, आगामी सप्ताहभर में व्यवस्था सुधर
जाएगी तथा दुकानों में खपत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में स्टॉक पहुंचने लगेगा।
शराब दुकानों में देशी शराब की सप्लाई कम होने का असर अहातों पर भी पड़ रहा है।
अहाता में ज्यादातर गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोग ही शराब पीने पहुंचते हैं, जो देशी प्लेन, मसाला शराब
खरीदते हैं। कई लोग चीप रेंज में गोवा सहित अन्य अंग्रेजी शराब भी खरीदते हैं। दुकानों में इस रेंज की
शराब नहीं मिलने के कारण अहातों में लगने वाली भीड़ भी आधी हो गई है, जिससे उनकी कमाई भी आधी
हो गई है। सारंगढ़ और बरमकेला के अहाता पूरी तरह से खाली है। शादी-ब्याह के सीजन मे हर
समय खचाखच भीड़ से पूरा रहने वाला अहाता अभी खाली-खाली नजर आ रहा है।
विभागीय सूत्रों से पता चला है कि कंपनियों को कांच की जगह प्लास्टिक बोतल शराब
भेजने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद कंपनियां नया सेटअप लगा रही हैं। अभी तक कोई भी
कंपनी पूरा सेटअप लगा नहीं पाई है। यही कारण है कि प्लास्टिक बोतल शराब की सप्लाई भी बहुत कम
है। प्रदेश में देशी प्लेन एवं मसाला शराब के निर्माण एवं बोतल भराई कर आपूर्ति के लिए चार कंपनियों
से विभाग ने अनुबंध किया है। इसमें मेसर्स रायपुर बॉटलिंग कंपनी बहनाकाडी, मेसर्स क्राउन डिस्टलरीज
प्राइवेट लिमिटेड सिलतरा, मेसर्स सर्वेश्वरी बॉटलिंग एंड बेवरेज एवं मेसर्स कान्टीनेंटल डिस्टलरीज कंपनी
शामिल है।
25 प्रतिशत स्टॉक ही उपलब्ध करा पा रही कंपनियां
इन चारों कंपनियों के साथ चीप रेंज की शराब की आपूर्ति के लिए जिन कंपनियों से अनुबंध किया गया है,
इन सभी को 31 मार्च तक प्लास्टिक बोतल में मांग के अनुसार शराब की आपूर्ति करने कहा गया था,
लेकिन इनमें देशी शराब से जुड़ी कंपनियां अभी तक प्रतिदिन मांग एवं खपत के अनुसार प्लास्टिक बोतल
शराब (पौवा) में लगभग 20 से 25 प्रतिशत स्टॉक ही उपलब्ध करा पा रही हैं। इसके कारण शराब दुकानों में
भी 70 से 75 प्रतिशत लोगों को देशी शराब मिल नहीं पा रही है। मजबूरी में उन्हें चीप रेंज की अंग्रेजी शराब
लेनी पड़ रही है। शराब दुकानों में प्लास्टिक बोतल देशी शराब (पौवा) के स्टॉक की कमी को देखते हुए
शासन स्तर पर कंपनियों को 31 मई तक पुराना स्टॉक कांच बोतल (पौवा) की सप्लाई की छूट दी गई है।
इस तरह आगामी महीने में भी शराब दुकानों में प्लास्टिक और कांच बोतल में (पौवा) शराब मिलेगी।
हालांकि कांच बोतल (पौवा) की आपूर्ति में भी अभी 3 से 4 दिन का समय लग सकता है, क्योंकि छूट
मिलने के बाद कंपनियों ने तैयार रखे कांच (पौवा) बोतल में शराब भराई का कार्य शुरू कर दिया है, जो चालू
सप्ताह के भीतर दुकानों तक पहुंच जाएगी।
सरिया में देशी मदिरा का स्टॉक खत्म होने से मदिरा प्रेमियों में आक्रोश
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत सरिया में पिछले दो दिनों से देशी मदिरा का स्टॉक पूरी तरह
खत्म हो गया है। जिससे हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शराब लेने पहुंच रहे लोगों को खाली हाथ
लौटना पड़ रहा है और इसी के साथ मदिरा प्रेमियों में तेज आक्रोश फैल गया है। इस पूरे मामले को लेकर
स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि कांच की शीशी में मिलने वाली देशी शराब को बंद कर अब
प्लास्टिक की बोतलों में सप्लाई शुरू की जा सकती है। बताया जा रहा है कि, इसी बदलाव की प्रक्रिया के
चलते फिलहाल सप्लाई रोक दी गई है, जिससे यह संकट पैदा हुआ है।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस खबर ने लोगों की
नाराजगी को और भड़का दिया है। लोगों का कहना है कि, बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह अचानक
सप्लाई बंद कर देना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर
पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में अब विदेशी मदिरा दुकानों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें ज्यादा कीमत
चुकानी पड़ रही है। दुकान के आसपास लोगों में साफ तौर पर असंतोष और नाराजगी देखी जा रही है।
लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि, आखिर सप्लाई व्यवस्था को लेकर इतनी अनिश्चितता क्यों बनी हुई
है और जिम्मेदार विभाग इस पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। फिलहाल, सरिया में देशी मदिरा की कमी ने
पूरे माहौल को गरमा दिया है और लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब तक स्थिति
सामान्य होगी।



