
सारंगढ़ के सालर में करोड़ो रूपये की 15 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का चल रहा
होड़?

नेशनल हाईवे से लगी सरकारी भूमि पर चल रहा है अवैध कब्जा?
ढ़ाबा का निमार्ण, दुकान का निमार्ण सहित बेधड़क बेजा कब्जा जारी?
सरकारी भूमि पर हो रहे संगठित कब्जा रोकने मे प्रशासन विफल,
जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर चल रहा है अवैध कब्जा का खुला खेल?
सारंगढ़-सरायपाली रोड़ में सरकारी भूमि पर
अवैध कब्जा का बंदरबॉट?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर सारंगढ़-सरायपाली नेशनल हाईवे- 153 में सालर गांव में सड़क किनारे की करोड़ो
रूपये की 15 एकड़ बहुकीमती सरकारी भूमि पर खुलेआम बेजा कब्जा करने का दौर चल रहा है। खसरा नंबर 8/1, रकबा 5.8720 हेक्टेयर भूमि पर ही रोशन ढ़ाबा और अन्य दुकानो का निमार्ण खुलेआम किया गया है वही अब और भी निमार्ण हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिला बनने के बाद संगठित होकर किया जा
रहा इस शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा को रोकने के लिये प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। संबंधित हल्का नंबर के पटवारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि उक्त भूमि शासकीय छोटे झाड़ के जंगल मद के रूप मे दर्ज है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में भू-माफियाओ की नजर अर्से से सरकारी भूमि पर है और जब भी मौका मिलता है सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने से बाज नही आते है। सारंगढ़ तहसील के सालर राजस्व निरीक्षक मंडल के पटवारी हल्का नंबर 5 सालर का खसरा नंबर 8/1 नेशनल हाईवे 153 सारंगढ़-सरायपाली मुख्य मार्ग पर स्थित है। इस शासकीय छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि का कुल रकबा
5.8720 हेक्टेयर है। इस भूमि पर बरसो से भू- माफियाओ की नजर है। दो साल पहले यहा पर लगभग 2 एकड़ से अधिक कीमती भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके रोशन ढ़ाबा खोला गया है और अभी फिर से लगभग 1 एकड़ से
अधिक भूमि पर कब्जा करते हुए आधा दर्जन से अधिक दुकानो का पक्का निमार्ण कराया जा रहा है। वही लगभग 10 एकड़ से अधिक भूमि का बंदरबॉट करते हुए उस पर निजी व्यक्तियो के द्वारा कब्जा कर लिया गया है। राजस्व विभाग सारंगढ़ की इस शासकीय भूमि के बारे मे जानकारी मांगने पर संबंधित हल्का नंबर
सालर-5 के पटवारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि उक्त सरकारी भूमि रिकार्ड मे शासकीय छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि के रूप मे दर्ज है। अवैध कब्जे के बारे मे जानकारी लेने पर बताया कि वहा पर जो हो रहा है
वह सबकुछ सामने है। वही जब मौके स्थल का निरीक्षण कर अवलोकन किया गया तो ज्ञात हुआ कि यहा पर रोशन ढ़ाबा स्थित है। बताया जा रहा है कि अवैध रूप से रोशन ढ़ाबा यहा पर संचालित है तथा लगभग 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र पर रोशन ढ़ाबा के संचालक के द्वारा बेजा कब्जा किया गया है वही अब ढ़ाबा के पास ही लगभग आधा दर्जन से अधिक दुकानो का निमार्ण किया जा रहा है। इस सरकारी भूमि पर किया जा रहा पक्का निमार्ण भी अवैध कब्जा के तौर पर किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस सरकारी भूमि पर किया जा रहा अवैध कब्जे को रोकने मे राजस्व विभाग असफल साबित हुआ है और लगभग 15 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जे करने का बड़ा खेल बेधड़क चल रहा है।
15 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का होड़?
बताया जा रहा है कि इस सरकारी भूमि जो कि छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि है वहा पर अवैध कब्जे का बड़ा खेल सफेदपोश चेहरो के द्वारा किया जा रहा है। इस स्थान पर पहले सैकड़ो वृक्ष लगे थे तथा छोटा झाड़ के जंगल यहा पर विराजमान था किन्तु रोशन ढ़ाबा के संचालक के द्वारा इसे समतल मैदान बना दिया गया और खुलेआम ढ़ाबा का निमार्ण करने के साथ-साथ इस भूमि पर पूर्ण रूप से कब्जा कर
लिया गया है। बताया जा रहा कि लगभग 2 एकड़ से अधिक भूमि पर रोशन ढ़ाबा के संचालक के द्वारा कब्जा किया गया है वही 1 एकड़ से अधिक स्थान पर आधा दर्जन दुकान का पक्का निमार्ण किया जा रहा है। वही लगभग दर्जन भर लोगो ने यहा पर कब्जा करके सरकारी छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि को अपना निजी भूमि बनाकर कब्जा में कर लिया है। 14 वर्ष पूर्व प्रशासन ने किया था ताबड़तोड़
कार्यवाही बताया जा रहा है कि 2012 में इस बेशकीमती सरकारी भूमि पर रातोरात अवैध कब्जा करने के लिये लगभग आधा दर्जन जेसीबी की सहायता से इस भूमि के सैकड़ो पेड़ो को काटा गया था और समतल मैदान भू-माफियाओ के द्वारा
बनाया गया था।
तब तात्कालिन एसडीएम यशवंत कुमार आईएएस ने इस पर कड़ी कार्यवाही करते हुए इसे बेजा कब्जाधारियो से मुक्त कराते हुए यहा पर फिर से पेड़ लगवाये थे तथा फेसिंग तार से इसको घेरा करके वन विभाग को निर्देशित किया था यहा पर बड़े स्तर पर प्लांटेशन किया जाये। साथ ही गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा से जुआ हुआ क्षेत्र होने के कारण से इसे आरेंजी बेल्ट घोषित करते हुए इसके संरक्षण के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाये थे। जिसके कारण से यह भूमि सुरक्षित
थी। किन्तु अब भू-माफियाओ की गिद्धदृष्टी इस बहुमूल्य जमीन पर पड़ गई है तथा लगभग 15 एकड़ की भूमि पर विभिन्न लोगो के द्वारा अवैध कब्जा करने का खेल खुलेआम चल रहा है। खसरा नंबर 8/1 की सरकारी भूमि हुई निजी? इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार पटवारी हल्का नंबर 5, ग्राम-सालर, खसरा नंबर
8/1, रकबा 5.8720 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकार्ड में छ.ग.शासन राजस्व विभाग की भूमि दर्शा रहा है। उक्त भूमि को पटवारी लोकनाथ पटेल ने शासकीय छोटे झाड़ के जंगल मद की भूमि बताया है। ऐसे मे उक्त सरकारी भूमि पर अवैध रूप से रोशन ढ़ाबा का कब्जा करना, एक निजी स्कूल द्वारा लगभग एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल की भूमि को कब्जा करके निजी रास्ता बनाया जाना और अब आधा दर्जन से अधिक पक्का दुकानो का निमार्ण किया जाना यह दर्शाता है कि यहा पर सरकारी जमीन का खुलेआम बंदरबॉट किया जा रहा है और जिला प्रशासन ऐसे संगठित बेजा कब्जा पर कार्यवाही करने मे असर्मथ है।
क्या जिला प्रशासन करेँगा कार्यवाही?
सालर में 15 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि बेशकीमती है तथा नेशनल हाईवे 153 से लगा हुआ है इसकी कीमत अभी करोड़ो रूपये में है। ऐसे मे यहा की सरकारी भूमि का बंदरबॉट से लोगो को अवैध कब्जा करने को प्रोत्साहन मिलता है। जिला प्रशासन ऐसे भू-माफियाओ पर आने वाले समय में क्या कार्यवाही करता है यह
देखने वाली बात होगी।



