अपेक्स बैंक गबन कांड: 18.13 करोड़ के घोटाले में
सारंगढ़ ब्रांच मैनेजर संजय साहू और बाबू हेमंत चौहान के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
अपेक्स बैंक बरमकेला में करोड़ो रूपये के गबन मामले मे सारंगढ़ के बैक प्रबंधक संजय साहू तथा लेखापाल हेमंत चौहान को भी इस मामले मे दोषी पाया गया है। बैंक मुख्यालय ने दोनो के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दिया है वही एफआईआर के चालान मे भी पुलिस दोनो के नाम जोड़ने वाली है। जिसके कारण से आने वाले दिनो मे यह मामला और भी गर्म हो सकता है।
अपेक्स बैंक बरमकेला में गबन के मामले में अब विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। बैंक मुख्यालय ने 18.13 करोड़ रुपये के गबन मामले में सारंगढ़ ब्रांच मैनेजर और सहायक लेखापाल के विरुद्ध अपराध दर्ज करने का आदेश दिया था। वर्तमान में पुलिस विवेचना चल रही है और विभाग ने दोनों के विरुद्ध डीई शुरू कर दी है। तत्कालीन ब्रांच मैनेजर समेत आठ लोगों पर 4 मई 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। बैंक मुख्यालय ने सारंगढ़ ब्रांच मैनेजर संजय साहू और लेखापाल हेमंत कुमार चौहान को भी इस मामले में संलिप्त पाया है। सारंगढ़ और बरमकेला क्षेत्र की 17 समितियों में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। अपेक्स बैंक और सहकारी समिति प्रबंधकों ने मिलीभगत से 18.13 करोड़ रुपये का वारा-न्यारा कर दिया। अलग-अलग बैंक खातों में सेंधमारी कर राशि निकाल ली गई। किसानों के नाम पर समिति के खातों से करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
बरमकेला ब्रांच के पूर्व शाखा प्रबंधक डीआर वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल के अलावा चार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इन्होंने अपनी निजी बैंक आईडी का दुरुपयोग करते हुए समिति तथा बैंक की राशि का सुनियोजित तरीके से गबन किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 6 नवंबर 2024 के बीच विभिन्न समितियों (जैसे: बड़े नवापारा, बरमकेला, बोंदा, दुलोपाली, लेंध्रा, लोधिया आदि) के केसीसी खातों को ‘नामे’ कर कुल 887 किसानों के खातों को रिक्त कर दिया गया। लगभग 9,91,20,877 रुपये को दूसरे खातों में आईएमपीएस ट्रांजेक्शन के माध्यम से भेजकर नकद आहरण किया गया। ऑडिट के बाद गबन की कुल राशि 18.13 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है।
ब्रांच मैनेजर अरविंद शुक्ला की शिकायत पर बरमकेला थाने में पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने अभी चालान पेश नहीं किया है। विवेचना के बाद सारंगढ़ ब्रांच मैनेजर संजय कुमार साहू और सहायक लेखापाल हेमंत कुमार चौहान के नाम भी एफआईआर में जोड़े जाएंगे। कुछ समिति प्रबंधक भी आरोपी बनाए जा सकते हैं।
अपेक्स बैंक मुख्यालय रायपुर के संरक्षण में हुए इस गबन की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इसमें उप आयुक्त सहकारिता मंजू महेंद्र पांडे, व्यासनारायण साहू और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म शामिल है। जांच में पाया गया कि छह समितियों में तय सीमा से कई गुना अधिक ऋण निकाला गया। जहाँ 1.97 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत था, वहाँ अल्पकालीन ऋण खातों से 15.63 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
क्या कहते है टीआई
“बरमकेला अपेक्स बैंक गबन केस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। विवेचना अभी भी जारी है और जल्द ही कुछ और आरोपियों के नाम जोड़े जाएंगे।”
ए.के. बेक, टीआई, बरमकेला



