जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

पुराना पावर आफ एटार्नी के सहारे दूसरे की जमीन अपने नाम पर दर्ज कराकर बेचने का मामला आया सामने?

पुराना पावर आफ एटार्नी के सहारे दूसरे की जमीन अपने नाम पर दर्ज कराकर बेचने का मामला आया सामने?

पुराना पावर आफ एटार्नी के सहारे दूसरे की जमीन अपने नाम पर दर्ज कराकर बेचने का मामला आया सामने?

सारंगढ़ के कुटेला का है मामला, करोड़ो रूपये की जमीन औने-पौने दाम पर बिकी?

2024 में हुआ पावर आफ एटार्नी को प्रार्थी ने 2025 में करा दिया था निरस्त,

लेकिन मिलीभगत करके पुराना पावर आफ एटार्नी से जमीन कर लिया अपने नामे?

सारंगढ़ के जमीन मामले  में फिर सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ तहसील के कुटेला ग्राम में करोड़ो रूपये की जमीन को पुराने पावर आफ एटार्नी के सहारे अपने नाम पर दर्ज कराकर औने-पौने दाम पर विक्रय करने का मामला प्रकाश में आया है। विशेष बात यह है कि पूरा खेल बड़ी चालाकी और शांति के साथ खेला गया। लेकिन मामला लीक हो गया और अब बात कार्यवाही पर आ चुकी है।सारंगढ़ में जमीनो को लेकर फर्जीवाड़ा होना और जमीनो के रिकार्ड में फर्जीवाड़ा होना आम बात हो गया है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें कुटेला गांव की एक महिला ने अपने नाम की भूमि संपत्ति आदि के लिये अपने परिचित को अधिकृत करते हुए उनके नाम पर पावर आफ एटार्नी बनवा दिया और 3 सितंबर 2024 में उसको उपंपजीयक सारंगढ़ के समक्ष पंजीकृत भी करा दिया। किन्तु एक साल बाद यानि 13 अक्टूबर 2025 को पुराना पावर आफ एटार्नी को निरस्त करने संबंधी नया विलेख संपादित करते हुए पुराना पावर आफ एटार्नी को निरस्त कर दिया था

जिसके कारण से पूरा संपत्ति और जमीन अब कोई दूसरा विक्रय नही कर सकता था। किन्तु जब मामला पावर आफ एटार्नी बनाने वाली महिला के जमीन का आया तो करोड़ो रूपये के इस भूमि को लेकर भू-माफिया सक्रिय हो गये और जिसके नाम पर 2024 में पावर आफ एटार्नी बना था उसके नाम पर पहले तो तहसीलदार सारंगढ़ के समक्ष पुराने पावर आफ एटार्नी का रिकार्ड को रखते हुए प्रार्थी के नाम को विलोपित करते हुए जिसके नाम पर पावर आफ एटार्नी है उसके नाम को भू-स्वामी के रूप में दर्ज कराया गया।

तथा पटवारी से अन्य जरूरी कागजात लेकर इस भूमि को विक्रय कर दिया गया। जानकरो की माने तो लगभग एक करोड़ रूपये की कीमती इस भूमि में कई लाभावंतित लोग है जो इस फर्जीवाड़ा को अंजाम देने के लिये कुछ भी करने के लिये तैयार हो गये और इस फर्जीवाड़ा को अंजाम तक पहुंचा दिया। वही तहसीलदार के समक्ष फर्जीवाड़ा करने वालो ने इस बात की जानकारी नही दिया कि पावर आफ एटार्नी जो कि 2024 मे बनवाकर उसका पंजीयन किया गया था उसको निरस्त करने के लिये 13 अक्टूबर 2025 को नया विलेख संपादित किया गया जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि पुराना पावर आफ एटार्नी को निरस्त किया जा रहा है तथा अचल संपत्ति सहित अन्स हक की सामानो की बिक्री खुद के द्वारा किया जायेगा। किन्तु पूरे प्रकरण में नया संपादित विलेख को नही बताया गया और दूसरे के नाम पर भूमि को दर्ज कराकर उसको विक्रय भी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि लगभग 1 करोड़ रूपसे के इस भूमि को लेकर अभी तहसीलदार न्यायालय और राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ और शिकवा-शिकायत को रोकने के लिये एड़ी चोटी को जोर लगाया जा रहा है।

बहरहाल देखना है कि कुटेला के इस हाई-प्रोफाईल फर्जीवाड़ा मामले में जिला प्रशासन अपने तरफ से क्या कार्यवाही करता है। सितंबर 2024 को संपादित किया गया पावर आफ एटार्नी और 13 अक्टूबर 2025 को पुराने पावर आफ एटार्नी को निरस्त करने संबंधी विलेख जिसे संपादित करते हुए उपपंजीयक सारंगढ़ के समक्ष पंजीकृत किया गया है उन दोनो की रिकार्ड सोशल मिडिया पर भी तैर रही है फिर भी उपंपजीयक विभाग और तहसीलदार के द्वारा शिकवा-शिकायत को नही करने की सलाह देकर मामला को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके कारण से सबकी निगाहे नवपदस्थ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के पहल से होने वाली कार्यवसी पर टिकी हुई है।

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