टिमरलगा, कटंगपाली में अवैध उत्खनन करते पकड़े जाने पर भी खनन में संलिप्त वाहनो पर कार्यवाही नही?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अवैध उत्खनन में जिला प्रशासन पर खनिज माफिया भारी पड़
रहे?
संरक्षण देकर खनिज विभाग कमा रहा है मोटा माल?
…..पहले बैरियर बंद और अब खनिज विभाग बंद?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे चूना पत्थर का अवैध उत्खनन करने वाले माफिया जिला प्रशासन पर भारी पड़ते दिख रहे है। सोमवार को टिमरलगा मे अवैध उत्खनन में किया गया कार्यवाही मे 10 पोकलैंड़ पकड़ा गया किन्तु एक का भी प्रकरण नही बनाया या वही कल खनिज विभाग ने कटंगपाली में अवैध उत्खनन करते हुए चार पौकलैंड़ पकड़ा किन्तु उनके खिलाफ भी कोई प्रकरण नही बनाया है। ऐसे मे खनिज विभाग को बंद करके जिले मे अवैध उत्खनन को वैध घोषित कर
देना चाहिये। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध उत्खनन करने वालो के हौंसले बुलंद हो गये है।
जिला प्रशासन के द्वारा बनाया गया संयुक्त टास्क फोर्स की टीम को कार्यवाही का अधिकार नही देने के कारण से अधिकारी अवैध उत्खनन को रोकने मे असहाय नजर आ रहे है और इसी कारण से अवैध उत्खनन पर उदासीन रवैया अपनाये हुए है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनो 16 मार्च को टिमरलगा मे एसडीएम वर्षा बंसल और खनिज विभाग की टीम ने टिमरलगा के खनन माफिया के पैर उखाड़ने के लिये छापामार कार्यवाही करते हुए अवैध उत्खनन में लिप्त 10 पोकलैंड़ का अवैध खदान मे अवैध उत्खनन करते पाये जाने पर पंचनामा बनाया किन्तु यह पंचनामा और कार्यवाही खनन माफियाओ के दबाव में आगे कमजोर पड़ गया
और फिर से धड़ल्ले से खनन का कार्य मे सभी वाहन संलिप्त हो गये। खनिज विभाग ने ना तो वाहनो के खिलाफ प्रकरण बनाया और ना ही अवैध खदान के खिलाफ कोई प्रकरण बनाया। सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किया जा रहा इस अवैध खनन के खिलाफ कार्यवाही करने मे एसडीएम और खनिज विभाग के अधिकारियो के हाथपांव फूलने लगे है। वही दूसरी घटना में कल कटंगपाली में कटंगपाली- छेलफोरा नाला के किनारे बंद पडे खदान आशिष गोयल के खसरा नंबर कुल 16 रकबा 4.242 में बिना रायल्टी पर्ची काटे पोकलेन मशीनों के माध्यम से अवैध उत्खनन कर हाईवा वाहनों में शुभ मिनरल्स कटंगपाली भेजा जा रहा था, उसे रोकने के लिए पहुंची थी। खदान स्थल पर कोई रायल्टी बुक व अन्य काग-जात दिखाने के बोला गया किंतु उपलब्ध न कराने पर पंचायत पदाधिकारियों ने हंगामा मचा दी। इसकी सूचना खनिज विभाग के सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैंकरा की दी गई।

इस बीच खदान संचालक के कर्मचारियों व पंचायत पदाधिकारियों के मध्य काफी देर तक बहस चलता रहा। आखिर में खदान व क्रशर संचालक ने मनाने की कोशिश की गई। किंतु कार्रवाई को लेकर अडे रहे। दोपहर 4 बजे खनिज विभाग की टीम पहुंची और मौके पर 4 पोकलेन मशीन व 2 हाईवा वाहनों को पाया गया और बिना रायल्टी पर्ची के परिवहन करने के मामले पर पंचनामा कार्रवाई की गई।
किन्तु ना तो टिमरलगा के 10 पोकलैंड़ वाहनो पर प्रशासन ने कोई कार्यवाही
किया और ना ही कटंगपाली के अवैध उत्खनन में लिप्त वाहनो पर प्रशासन कोई कार्यवाही कर पाया जिससे साबित हो रहा है कि जिला प्रशासन पर खनिज माफिया भारी पड़ रहे है।
…..पहले बैरियर बंद और अब खनिज विभाग बंद?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे खनिज माफियाओ ने अवैध उत्खनन करने और बिना रायल्टी के खदान का खनन के एवज में खनिज विभाग के अधिकारियो को इतना मोटा माल दे दिया है कि खनिज विभाग खनन माफियाओ के आगे नतमस्तक हो गया है। बताया जा रहा है कि बिना रायल्टी पर्ची के खनिज वाहनो को जाने देने के लिये कर्मचारियो का बहाना बनाकर पहले खनिज विभाग का खनिज जांच चौकी को खनिज अधिकारी के द्वारा माह भर के लिये बंद कर दिया गया था और अब छापामार कार्यवाही करने के बाद भी एक भी प्रकरण नही बनाकर अवैध खनन
मे लगे वाहनो तक को जप्ती नही बनाया जा रहा रहा है जिससे साफ साबित हो रहा है कि खनिज विभाग माफियाओ के आगे नतमस्तक हो चुका है। ऐसे मे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे खनिज विभाग का रहना या नही रहना कोई मायने नही रख रहा है? जिला प्रशासन लाख दावे करे किन्तु सत्य यही है कि अवैध उत्खनन रोकने मे खनिज विभाग नकारा साबित हुआ है और पूरे गर्मी में सारंगढ़ में अवैध उत्खनन का ताडंव पूरे जोरो पर दिखेगा।



