
बरमकेला विकासखंड के गोबरसिंहा में बच्चा चोरी की
अफवाह से मचा हड़कंप?

वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों में दहशत,
पुलिस ने बताया मामला पूरी तरह निराधार
सारंगढ़़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के बरमकेला विकासखंड के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोबरसिंहा में बीते शुक्रवार को बच्चा चोरी की अफवाह फैलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और संदेशों के कारण ग्रामीणों में भय और असमंजस का माहौल बन गया। जबकि जिनको संदिग्ध मानकर पकड़ा गया था वे सांप दिखाकर जीवन यापन करने वाले निकले।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोबरसिंघा गांव के समीप मौहापाली गांव के पास दो व्यक्तियों को कुछ ग्रामीणों ने संदिग्ध समझ लिया। ग्रामीणों को शक हुआ कि ये लोग बच्चा चोरी की नीयत से गांव में घूम रहे हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू कर दी। देखते ही देखते यह मामला गांव में चर्चा का
विषय बन गया और भीड़ इकट्ठा हो गई। किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
घटना से संबंधित एक वीडियो क्षेत्र के विभिन्न व्हाट्सएप समूहों तथा इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में गांव के कुछ लोग दो व्यक्तियों को घेरकर सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों में यह दावा किया गया कि क्षेत्र में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है और आसपास के गांवों में भी ऐसे लोग देखे गए हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गांव में कराई गई मुनादी
घटना के बाद गांव में मुनादी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई। एक अन्य वायरल वीडियो में एक व्यक्ति मुनादी करते हुए कह रहा है कि कटंगपाली और बोंदा क्षेत्र में बच्चा चोर घूमने की सूचना मिली है, इसलिए अपने बच्चों को संभालकर रखें और उन्हें नजर के सामने रखें। मुनादी के बाद क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई तथा कई अभिभावकों ने एहतियातन बच्चों को घरों के अंदर ही रखने का निर्णय लिया। सरिया थाना प्रभारी ने पूरे मामले को बताया अफवाह सरिया थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने इस पूरे मामले को अफवाह बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा-“यह सिर्फ एक अफवाह है। रायपुर और अन्य स्थानों की खबरों को
जोड़कर यहां गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा है।
जिन दो व्यक्तियों को संदिग्ध बताया गया था, वे छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं और सांप दिखाकर अपना जीवन यापन करते हैं। बच्चा चोरी जैसी कोई घटना यहां नहीं हुई है। लोगों को इस तरह की अफवाहों से बचना चाहिए।” पुलिस ने बताया कि पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दोनों व्यक्ति किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं थे। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। अफवाहों के कारण अनावश्यक भीड़ और तनाव की स्थिति बन सकती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस को दें।



