
रायगढ़ में साइबर ठगी के म्यूल खाताधारकों पर शिकंजा, 6 और आरोपी गिरफ्तार, साइबर
ठगी में रूपये प्राप्त करने के लिए होता है म्यूल अकाउंट का प्रयोग
रायगढ़,
रायगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल खातों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन पर डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में की गई। चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने पुलिस मुख्यालय रायपुर की तकनीकी सेल एवं साइबर अपराध समन्वय केंद्र के “समन्वय” पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन खातों की जांच में रायगढ़ के कई बैंक शाखाओं में करीब 1.52 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया था। पुलिस मुख्यालय रायपुर की तकनीकी सेल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर
चक्रधरनगर पुलिस ने 03 फरवरी को 59 बैंक खाताधारकों और अन्य संबंधितों के खिलाफ अपराध क्रमांक 58/2025 के तहत धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) बीएनएस के तहत धोखाधड़ी और संगठित अपराध का मामला दर्ज किया ।
अपराध विवेचना में चक्रधरनगर पुलिस ने 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा था, जिन्होंने स्वीकार किया कि वे कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते ठगों को उपलब्ध कराते थे। गहन जांच के दौरान, म्यूल खाताधारकों की विस्तृत सूची सामने आई, जिसमें छह और आरोपी शामिल पाए गए। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
1. पुष्कर पटेल (24) निवासी कोडकेल, थाना तमनार
2. नवीन गुप्ता (26) निवासी बेलरिया, थाना चक्रधरनगर
3. पुष्पेंद्र पटेल (26) निवासी धनागर, थाना कोतरारोड
4. गुणाचंद पटेल (20) निवासी कोडकेल, थाना तमनार
5. पवन पोर्ते (24) निवासी कोडकेल, थाना तमनार
6. यशवंत धिरहे (19) निवासी तुलसीडीह थाना डभरा, जिला सक्ती
ये आरोपी अपने खाता में कमीशन प्राप्त कर अपने बैंक खाते साइबर ठगों को सौंप देते थे, जिनका उपयोग धोखाधड़ी
से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने, निकालने और सफेद करने में किया जाता था।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साइबर ठगी में शामिल म्यूल खाताधारकों पर दबाव बढ़ गया है, और आगे भी इसी
प्रकार की कार्यवाही जारी रहने की संभावना है। संपूर्ण कार्यवाही में डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, टीआई प्रशांत राव,
एएसआई नंद कुमार सारथी के साथ साइबर सेल और चक्रधरनगर पुलिस की अहम भूमिका रही है ।