
निर्वाचन कार्यालय की लापरवाही: लकवा ग्रस्त कर्मचारी को चुनाव ड्यूटी पर किया तैनात
जगदलपुर। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय की अनियमितताओं पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने कड़ा विरोध जताया है। फेडरेशन ने पूर्व में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सेवानिवृत्त, दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार और 60 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की थी, जिस पर कलेक्टर ने सहमति भी जताई थी।
इसके बावजूद जिला निर्वाचन कार्यालय के प्रभारी ने आदेश की अनदेखी करते हुए विकलांग कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर भेजने का फरमान जारी कर दिया। ताजा मामला संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जगदलपुर में कार्यरत सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी पेखनलाल ध्रुव का है, जो 25 नवंबर 2024 से लकवा ग्रस्त होने के कारण मेडिकल अवकाश पर हैं और अपना इलाज करा रहे हैं। बावजूद इसके, उनके अवकाश को बीच में ही निरस्त कर दिया गया और उन्हें बस्तर विकासखंड में पीठासीन अधिकारी के रूप में चुनाव ड्यूटी का आदेश सौंप दिया गया। ध्रुव का दायां हाथ पूरी तरह से काम नहीं करता, फिर भी उन्हें जबरन ड्यूटी पर भेजा जा रहा है।
फेडरेशन का विरोध, जिला प्रशासन मौन
इस निर्णय पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बस्तर संभाग प्रभारी कैलाश चौहान और अध्यक्ष गजेंद्र श्रीवास्तव ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे जिला निर्वाचन कार्यालय की गंभीर लापरवाही करार दिया। फेडरेशन के अनुसार, ध्रुव ने अपने मेडिकल दस्तावेजों के साथ चुनाव ड्यूटी निरस्त करने का आवेदन दिया था, लेकिन इसे अनदेखा कर दिया गया। अब जब फिर से ड्यूटी आदेश जारी कर दिया गया है और इसे निरस्त करवाने के लिए निर्वाचन शाखा से संपर्क किया जा रहा है, तो कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
कर्मचारी संगठन ने इस अमानवीय निर्णय को तत्काल वापस लेने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।