
गोमर्डा अभ्यारण्य की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित हो रहा है मकान? वन विभाग के कुछ कर्मचारी कमला नगर में इसके लिये कर रहे है अवैध वसूली?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ नगर स्थित वार्ड क्रमांक 11 में अवैध मकानों का निर्माण कार्य चरम पर है विदित रहे नगर स्थित कमलानगर क्षेत्र गोमर्डा वन अभ्यारण्य क्षेत्र का अधीनस्थ क्षेत्र है और यहां सैकड़ों मकाने अवैधानिक तरीके से बन गये है और अभी भी अवैध मकानों का निर्माण कार्य इस क्षेत्र के वन कारिंदों को श्री लक्ष्मी जी नमो नमः का स्वाद चखाकर मकानों का निर्माण कार्य जारी है।
बताया जा रहा है इस वन अभ्यारण्य क्षेत्र के प्रभार वाले वन करिंदे कई वर्षों से इस क्षेत्र में अंगद के पांव की तरह जमे हैं जिसका नतीजा है कि लगभग पूरा कमलानगर क्षेत्र में अवैधानिक मकानों का निर्माण हो चुका है बताया जाता है उक्त प्रभारी वन करिन्दा फारमेल्टी स्वरुप अवैध मकान निर्माण कर्ता को वन विभाग का नोटिस थमा कर पिछले दरवाजे से मकान निर्माण करने के लिये मोटी रकम की वसूली कर अवैध मकान निर्माण को अमलीजामा पहना देता है अगर वन विभाग के उच्चाधिकारी नगर स्थित वार्ड क्रमांक 11 कमलानगर क्षेत्र में उक्त वन करिन्दे द्वारा अवैध मकान निर्माण करने वाले लोगों को थमाये गये नोटिस के बाद भी आज उन नोटिस प्राप्त करने वाले अवैध मकान निर्माण कर्ताओं की जांच करें तो दूध का दूध और पानी का पानी छनकर सामने आयेगा कि कमलानगर
क्षेत्र में अवैध तरीके से वन भूमि में मकान निर्माण कैसे संपन्न हो गया?सूत्रों का कहना है कि कमला नगर में वन विभाग के करिश्मे लाखों रुपयों का वारा न्यारा कर चुके हैं और आज इसका नतीजा यह है कि नगर स्थित कमलानगर क्षेत्र अवैध मकानों के निर्माण जिसमें गरीबों को तो छोड़िये बड़े बड़े सरकारी अधिकारीयों का बड़ा बड़ा मकान अवैध तरीके से यहां निर्मित हो चुका है अगर ये सरकारी करिन्दे किसी
प्रायव्हेट कालोनी में जमीन लेते तो लाखों रुपया उन्हें जमीन खरीदी में लगता।ऐसे लोगों से हजारों रुपयों की अवैध वसूली का अंदाजा यहां लगाई जा रही है। वन भूमि में कैसे लग जाती है विद्युत मीटर? वन विभाग की भूमि है और इसमें अवैध तरीके से मकान निर्माण कर्ताओं को विद्युत मीटर कैसे उपलब्ध हो जाती है इसमें भी भारी खेल है मीटर लगाने के लिये वन विभाग की एन ओ सी जरूरी है वन विभाग एनओसी दे नहीं सकती फिर भी कमलानगर के अवैध मकानों में विद्युत मीटर कैसे लगी इसकी भी जांच जरुरी है।