
इंड़ोर स्टेड़ियम के पास 10 लाख रूपये का “साफ-सफाई” कागजो में ही संपन्न?
डंपिंग यार्ड की साफ-सफाई में डीएमएफ से 10 लाख रूपये की स्वीकृति,
ना कचरा हुआ साफ ना डंपिंग यार्ड हुआ साफ?
एक दिन जेसीबी और चंद ट्रेक्टर मुरुम से 10 लाख स्वाहा?
डीएमएफ बना सारंगढ़ में मलाई वाला स्कीम?
सारंगढ़ टाईम्स/सारंगढ़,
सारंगढ़ में डीएमएफ के कार्यो में बंदरबॉट और मनमानी का अनोखा उदाहरण देखने को मिल रहा है। सारंगढ़ से गदहाभाठा जाने वाली सड़क में इंड़ोर स्टेड़ियम के पास डंपिंग यार्ड के पास समतलीकरण और विशेष साफ-सफाई के लिये डीएमएफ से 10 लाख रूपये की स्वीकृति किया गया और नगर पालिका सारंगढ़ को इस कार्य को कराने का जिम्मा सौपा गया था। परिणाम यह है कि आज भी डंपिग यार्ड में अस्त- व्यस्त कचरा फेकाया हुआ है और इंडोर स्टेड़ियम के पास किसी भी प्रकार से समतलीकरण तक नही किया गया है। 10 लाख रूपये मे से एक लाख रूपये का भी काम नही हुआ है और कागजो पर पूरी राशी खर्च कर दिया गया है। सारंगढ़ में डीएमएफ की राशी खर्च करने के मामले में लगातार अनियमितता सामने आ रहे है। नगर पालिका क्षेत्र मे ग्राम पंचायतो के माध्यम से एक करोड़ रूपये का निमार्ण कार्य कराने का मामला हो या नेशनल हाईवे में ग्राम पंचायत द्वारा मरम्मत कराने का मामला हो। ऐसे मामले जहा पर लीपापोती का काम हो जाये उसको ही यहा पर स्वीकृति प्रदान कर अनियमितता किया जा रहा है। ताजा मामला सारंगढ़ के वार्ड क्रमांक-5 इंड़ोर स्टेड़ियम के पास डंपिंग यार्ड को लेकर सामने आया है। डीएमएफ की बैठक दिनांक 9 जून 2025 में जनपद पंचायत के पीछे इंड़ोर स्टेड़ियम के पास साफ-सफाई तथा
स्वच्छता को लेकर 2 निमार्ण कार्य के लिये 10 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान कर इस कार्य के लिये नगर पालिका सारंगढ़ को कार्यएजेंसी बनाया गया है। पहला कार्य इनडोर स्टेडियम के पास समतलीकरण कार्य वार्ड क्र. 05 गदहाभाठा अन्य अद्योसरंचना कार्य के लिये 5 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किया गया है वही वार्ड क्र 05 गदहाभांठा मार्ग मे डंपिंगयार्ड के पास विशेष साफ सफाई करने हेतु स्वच्छता हेतु 5 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किया गया है। अर्थात कुल 10 लाख रूपये की स्वीकृति डीएमएफ मद से प्रदान किया गया है। इस मरम्मत तथा साफ-सफाई का कार्य को नगर पालिका सारंगढ़ को पूरा कराना था और इस मौके का फायदा उठाते हुए नगर पालिका सारंगढ़ ने महज एक ही दिन मे 10 लाख रूपये का काम करवा दिया। सूत्र बताते है कि एक दिन ही जेसीबी से मैदान को समलत कर दिया और चंद ट्रेक्टर मुरुम डलवा दिया गया और कागजो पर 10 लाख रूपये का खर्च दर्शा दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस खर्च के लिये नगर पालिका के जवाबदारो के द्वारा भी जमकर फर्जीवाड़ा किया गया है। इंड़ोर स्टेड़ियम के पास जब मौके पर सफाई स्थल का मुआयना किया गया तो देखा गया कि डंपिंग यार्ड में कोई साफ-सफाई ही नही किया गया है। आज भी डपिंग यार्ड में कचरा फैला हुआ है तथा सारंगढ़-गदहाभाठा रोड़ पर कचरा पहले की तरह ही फैला हुआ है। गदहाभाठ़ा जाने का रास्ता मे कचरा बुरी तरह से रखा हुआ है। वही इंड़ोर स्टेड़ियम के पास मैदान का साफ-सफाई का कोई अता-पता नही है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि यहा पर साफ-सफाई के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया और बिना काम कराये ही 10 लाख रूपये का आहरण कर लिया गया है। 10 लाख रूपये मे ना कचरा हुआ साफ ना डंपिंग यार्ड हुआ साफ? डीएमएफ के द्वारा सारंगढ़ नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-5 में इंड़ोर स्टेडियम के पास साफ-सफाई के नाम पर 10 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किया गया था उसमे कोई काम किया ही नही गया है। आज भी इंडोर स्टेड़ियम के पास की भूमि पर झाड़ी उगी हुई है। ना तो पहले कभी साफ-सफाई हुई है और ना अभी हुई है। वही डपिंग यार्ड में भी ऐसा कुछ नही है जिससे ज्ञात हो कि यहा पर 10 लाख रूपये का खर्च किया गया हो। कुल मिलाकर कागजो पर ही 10 लाख रूपये का साफ-सफाई कराकर नगर पालिका के जिम्मेदारो ने अपना विकास करके सारंगढ़ के डीएमएफ का बाजा बजा दिया है।
जांच हुआ तो नप जायेगे कई सरकारी करिंदे?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे डीएमएफ मद से मनमानी निमार्ण कार्य और मरम्मत कार्यो को लेकर लगातार हो रहे खुलासे के बाद कई सरकारी अधिकारियो को रात को नींद नही आ रही है। इंड़ोर स्टेड़ियम के पास साफ-सफाई के नाम पर 10 लाख रूपये खर्च करने के मामले मे यदि जांच करा दिया जाये तो नगर पालिका सारंगढ़ के कुछ़ सरकारी करिंदे निपट जायेगें। कागजो पर किया गया डीएमएफ का साफ-सफाई को लेकर जिला के संवेदनशील अधिकारी कलेक्टर श्रीमती पद़्मिनी भोई साहू क्या एक्शन लेती है? इस पर भ्रष्ट अधिकारियो की नजरे टिकी हुई है।




