
छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान महाविद्यालय के लिए तय किए गए भूमि, भवन और हर्बल गार्डन के मानक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए भूमि संबंधी नियमों में ढील दी गई है, लेकिन प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान महाविद्यालय शुरू करने के लिए जमीन की अनिवार्य शर्त बरकरार है। नए प्रावधानों के अनुसार, 50 सीटों की क्षमता वाले योग कॉलेज के लिए कम से कम 3 एकड़ और 51 से 100 सीटों की क्षमता वाले कॉलेज के लिए 5 एकड़ भूमि जरूरी होगी। इसके साथ ही कॉलेज से संबद्ध अस्पताल और हर्बल गार्डन के लिए भी निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
50 सीटों के लिए 3 एकड़, 100 सीटों तक 5 एकड़ जमीन
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातक महाविद्यालय और उससे जुड़े अस्पताल की स्थापना के लिए भूमि के स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं। 50 सीटों तक की प्रवेश क्षमता वाले कॉलेज के लिए एक ही भूखंड में न्यूनतम 3 एकड़ जमीन होनी चाहिए। वहीं, 51 से 100 सीटों की क्षमता के लिए कुल 5 एकड़ भूमि अनिवार्य है।
अधिक क्षमता वाले कॉलेज के लिए जमीन अधिकतम दो भूखंडों में हो सकती है, लेकिन दोनों के बीच की दूरी 5 किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। भूमि संस्था या सोसायटी के नाम पर होनी चाहिए अथवा कम से कम 30 वर्ष की लीज पर उपलब्ध होनी चाहिए।
हर्बल गार्डन में लगाने होंगे औषधीय पौधे
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कॉलेज में हर्बल गार्डन यानी वनौषधि उद्यान की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है। इसके लिए सीटों की संख्या के अनुसार भूमि और औषधीय पौधों के मानक तय किए गए हैं।
- 50 सीटों तक: न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर भूमि पर 50 किस्मों के 500 औषधीय पौधे।
- 51 से 100 सीटों तक: 4,000 वर्गमीटर भूमि पर 70 किस्मों के 1,000 औषधीय पौधे।
अस्पताल और कॉलेज भवन का भी तय मानक
50 सीटों तक की क्षमता वाले कॉलेज में अस्पताल भवन का निर्मित क्षेत्र कम से कम 1,500 वर्गमीटर और कॉलेज भवन का निर्मित क्षेत्र भी 1,500 वर्गमीटर होना चाहिए। वहीं, 51 से 100 सीटों की क्षमता वाले संस्थानों के लिए अस्पताल और कॉलेज भवन, दोनों का निर्मित क्षेत्र 2,800-2,800 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।
निजी विश्वविद्यालयों के नियमों में राहत
दूसरी ओर, राज्य शासन ने निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए भूमि संबंधी पुराने कड़े मानकों में ढील दी है। नए प्रावधानों में न्यूनतम 1 लाख वर्गफुट निर्मित क्षेत्र की शर्त रखी गई है। यह कुल भवनों के निर्मित क्षेत्र से संबंधित मानक है, न कि भूखंड के कुल क्षेत्रफल की सीमा।
इस तरह छत्तीसगढ़ में निजी विश्वविद्यालय और योग विज्ञान कॉलेज की स्थापना के लिए अलग-अलग मानक लागू हैं। विश्वविद्यालय के मामले में निर्मित क्षेत्र पर जोर दिया गया है, जबकि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कॉलेज के लिए भूमि, भवन, अस्पताल और औषधीय पौधों से युक्त हर्बल गार्डन तक की आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं।



