
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का मुद्दा गरमाया, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मिलकर उठाए सवाल
सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सरकारी कार्यक्रमों के दौरान निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान और आमंत्रण नहीं मिलने का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस ने विभिन्न विभागों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी आयोजनों में मानो ‘माथा देखकर तिलक’ लगाया जा रहा है। इस संबंध में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू से मुलाकात कर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
सरकारी मंचों पर प्रोटोकॉल पालन की मांग
कलेक्ट्रेट में हुई मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में कई विभागीय कार्यक्रमों में नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष और अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उचित स्थान नहीं दिया जाता। कई आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित संगठनों को सूचना तक नहीं मिलने की बात भी प्रतिनिधिमंडल ने उठाई।
कांग्रेस नेताओं ने राज्य स्तरीय खेल स्पर्धा जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर के अधिवक्ताओं और खेल संघों को भी कार्यक्रमों की सूचना नहीं दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि कुछ आयोजनों में प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यवस्था नहीं की गई। नगर पालिका अध्यक्ष की निर्धारित कुर्सी पर अन्य नेताओं के बैठने का मुद्दा भी कलेक्टर के सामने रखा गया।
विकास कार्यों से लेकर भुगतान तक पर चर्चा
कलेक्टर से मुलाकात के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिले के विकास कार्यों, लंबित निर्माण कार्यों और उनके भुगतान से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। इसके अलावा शहर की सड़क, बिजली और सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सरकारी कार्यक्रम किसी दल विशेष के नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन से जुड़े आयोजन होते हैं। ऐसे में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के पद और निर्धारित प्रोटोकॉल का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही विभिन्न समाजों, संघों और संगठनों को भी कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाना चाहिए।




प्रशासनिक निष्पक्षता पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यदि सरकारी आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और संगठनों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार होता है, तो इससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से आग्रह किया कि विभागीय अधिकारियों को प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने और सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं।
अब देखना होगा कि कांग्रेस की शिकायत के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल के पालन को लेकर क्या व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।



