Uncategorizedजिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़पूछता है सारंगढराज्य

कोरबा में साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने पुलिस-बैंक की बैठक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ऐसी पहल कब?

कोरबा में साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने पुलिस-बैंक की बैठक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ऐसी पहल कब?

कोरबा में साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने पुलिस-बैंक की बैठक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ऐसी पहल कब?

बहुत से लोगों के साइबर ठगी के शिकार होने का अनुमान, पीड़ितों को ठगी की रकम वापस दिलाने के लिए समन्वय बैठक की दरकार; आखिर कब जागेगा जिला प्रशासन?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़।

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पीड़ितों को राहत दिलाने और ठगी की रकम वापस कराने के लिए कोरबा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वहां पुलिस और बैंक अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक आयोजित कर लंबित शिकायतों के निराकरण, संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाने और पीड़ितों की राशि वापस कराने की प्रक्रिया को तेज करने पर चर्चा की गई। लेकिन दूसरी ओर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए ऐसी पहल कब होगी? क्या यहां के पीड़ितों को भी अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए पुलिस और बैंक के बीच बेहतर समन्वय का लाभ मिल पाएगा?

स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी और एक अनुमान के मुताबिक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 100 से अधिक लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। हालांकि, पीड़ितों की वास्तविक संख्या और ठगी गई कुल राशि के आधिकारिक आंकड़े सामने आना अभी बाकी है। इसके बावजूद यह स्थिति साइबर अपराधों से प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनकी शिकायतों के निराकरण के लिए प्रभावी पहल करने की जरूरत को रेखांकित करती है।

कोरबा में पहल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में इंतजार क्यों?

कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में साइबर थाना कोरबा द्वारा एसपी कार्यालय के सभाकक्ष में पुलिस और बैंक अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश कुमार ठाकुर तथा डीएसपी रजत कुमार नाग सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में साइबर ठगी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाने, एआरएम-जीआरएम पोर्टल पर लंबित अनुरोधों का निराकरण और ठगी की राशि पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दूसरे राज्यों के बैंक खातों पर होल्ड लगाने के बाद आने वाली प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।

कोरबा पुलिस की इस पहल से स्पष्ट है कि साइबर ठगी के मामलों में केवल शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास करना भी जरूरी है।

ऐसे में सवाल उठता है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी पुलिस और बैंक अधिकारियों की ऐसी संयुक्त बैठक आयोजित क्यों नहीं की जा सकती? क्या जिले के साइबर ठगी पीड़ितों की समस्याओं की समीक्षा कर उनकी रकम वापस दिलाने के लिए कोई विशेष पहल की जाएगी?

मेहनत की कमाई गंवाने वालों को आखिर कब मिलेगी राहत?

साइबर ठगी का शिकार होने वाला व्यक्ति केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं झेलता, बल्कि अपनी रकम वापस पाने के लिए बैंक, पुलिस और विभिन्न प्रक्रियाओं के बीच भी उलझ जाता है। कई मामलों में समय पर शिकायत और त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम को संबंधित खातों में होल्ड कराने की संभावना बन सकती है। लेकिन इसके लिए समय पर कार्रवाई और संबंधित संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है। रकम की वापसी हालांकि मामले की परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी यदि 100 से अधिक लोग साइबर ठगी के शिकार हुए हैं, तो उनकी शिकायतों की स्थिति, ठगी गई रकम, होल्ड कराई गई राशि और अब तक वापस मिली रकम की समीक्षा की जानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने पीड़ितों को राहत मिली है और कितने लोग अब भी अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

जिला पुलिस और संबंधित बैंक अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक आयोजित होने से लंबित मामलों की पहचान करने, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक समस्याओं को समझने और पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में मार्गदर्शन देने में मदद मिल सकती है।

जिला पुलिस और प्रशासन से सवाल

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए क्या पुलिस और बैंक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी? क्या जिले में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों और लंबित मामलों की समीक्षा होगी? क्या पीड़ितों की ठगी गई रकम वापस कराने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाएगा?

ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिले के उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिन्होंने साइबर ठगी में अपनी मेहनत की कमाई गंवाई है।

साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता अभियान अपनी जगह जरूरी है, लेकिन ठगी का शिकार हो चुके लोगों को राहत दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई भी उतनी ही आवश्यक है। कोरबा पुलिस की पहल दूसरे जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। अब देखना होगा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पुलिस और प्रशासन इस दिशा में कब कदम उठाते हैं और ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए क्या कार्ययोजना तैयार करते हैं।

साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत में देरी न करें और लेन-देन से संबंधित सभी प्रमाण सुरक्षित रखें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://sarangarhtimes.in/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-31-180014.png
Back to top button