
बैडमिंटन में सारंगढ़ का जलवा, डी.के. हरदिहा ने महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को दी मात

बालोद में आयोजित प्रतियोगिता में चैंपियन बने डी.के. हरदिहा-यश अल्ताब की जोड़ी, राष्ट्रीय खेल दिवस पर जिला प्रशासन ने किया सम्मान
सारंगढ़ टाइम्स न्यूज / सारंगढ़।
बैडमिंटन के क्षेत्र में सारंगढ़ के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गंडाई, बालोदा में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता में सारंगढ़ के डी.के. हरदिहा ने महाराष्ट्र के गोंदिया, मध्यप्रदेश के वारासिवनी और छत्तीसगढ़ के गंडई के खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। डी.के. हरदिहा के साथ यश अल्ताब ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सारंगढ़ को गौरवान्वित किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से खेलप्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
कई वर्षों से बैडमिंटन में बना रहे पहचान
सारंगढ़ में पिछले कई वर्षों से बैडमिंटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते आ रहे हैं। इसी कड़ी में धनुर्जय हरदिहा भी बैडमिंटन के प्रति समर्पण, मेहनत और लगन के साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र-गोंदिया, मध्यप्रदेश-वारासिवनी, छत्तीसगढ़-गंडई सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया है। लगातार प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सारंगढ़ का नाम रोशन करना उनकी उपलब्धियों में जुड़ता जा रहा है।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने भी जीता खिताब
बैडमिंटन के क्षेत्र में सारंगढ़ की एक और उपलब्धि भी उल्लेखनीय रही। यश ठाकुर और अल्ताब खान की जोड़ी ने तहसील मुख्यालय बालोद में आयोजित ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सारंगढ़ को चैंपियन बनाया। वहीं अल्ताब खान, प्रणव हरदिहा, अनु सिंदार, इल्यास खान और किट्टू साहू ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन किया और सारंगढ़ का नाम रोशन किया है।
खेल प्रतिभाओं को मिल रहा सम्मान
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन सारंगढ़ बिलाईगढ़ की ओर से डी.के. हरदिहा को सम्मानित भी किया गया। लगातार प्रतियोगिताओं में सारंगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे खिलाड़ियों का सम्मान निश्चित रूप से जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रोत्साहन का संदेश है। सारंगढ़ की इन बैडमिंटन प्रतिभाओं ने यह साबित किया है कि बेहतर सुविधाओं और प्रोत्साहन के साथ जिले के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं।



