
सारंगढ़ बिलाईगढ़/-सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, सहायक शिक्षक किशोर कुमार छत्तर निलंबित

कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर शिक्षा विभाग सख्त, डीईओ जे. आर. डहरिया ने कहा—लापरवाही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 03 सितम्बर 2026।
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में दर्ज शिकायत पर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है। शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद श्री किशोर कुमार छत्तर, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला सेमरापाली, विकासखण्ड बरमकेला को जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बरमकेला से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, प्रधान पाठक के जवाब, उपलब्ध अभिलेखों तथा संबंधित कर्मचारी के स्पष्टीकरण का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान विद्यालय से अनियमित एवं अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, विद्यालय में उपस्थित होकर उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के पश्चात चले जाने, निर्धारित अध्यापन कार्य का समुचित निर्वहन नहीं करने तथा अपने स्थान पर अन्य व्यक्ति से बच्चों को पढ़वाने जैसी शिकायतों से संबंधित तथ्य सामने आए।
इसके साथ ही प्रधान पाठक द्वारा अनुपस्थिति अंकित किए जाने के बाद उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर अथवा परिवर्तन को लेकर विवाद, विद्यालयीन अभिलेखों एवं अनुशासन को प्रभावित करने तथा प्रधान पाठक के साथ अनुचित व्यवहार से संबंधित शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। पूर्व में स्पष्टीकरण एवं चेतावनी के बावजूद शिकायतों की पुनरावृत्ति संबंधी तथ्य सामने आने पर विभाग द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। प्रकरण की गंभीरता तथा निष्पक्ष विभागीय जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित सहायक शिक्षक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बरमकेला निर्धारित किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती पद्मिनी भोई साहू (भा.प्र.से.) ने जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित शासन के विभिन्न शिकायत निवारण माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तथा गंभीर प्रकृति के मामलों में तत्काल तथ्यात्मक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा, अनुशासन और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासकीय सेवकों के लिए समयपालन, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन अनिवार्य है। विद्यार्थियों के भविष्य एवं शैक्षणिक व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। गंभीर लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डीईओ जे. आर. डहरिया की शिक्षकों को सख्त चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी श्री जे. आर. डहरिया ने कहा कि शिक्षक का प्रथम दायित्व नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। बिना अनुमति अनुपस्थित रहना, अध्यापन कार्य में लापरवाही करना, विद्यालयीन व्यवस्था अथवा शासकीय अभिलेखों को प्रभावित करना और अनुशासनहीन आचरण करना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
उन्होंने जिले के समस्त प्राचार्यों, प्रधान पाठकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समय पर विद्यालय एवं कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने पदीय दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करें। डीईओ श्री डहरिया ने स्पष्ट किया कि विद्यालयीन अनुशासन, विद्यार्थियों की पढ़ाई और शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत प्रमाणित होने पर संबंधित के विरुद्ध बिना अनावश्यक विलंब के नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर रहेगी विशेष निगरानी
जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिक्षा विभाग से संबंधित दर्ज शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। गंभीर प्रकृति की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी से तत्काल जांच प्रतिवेदन प्राप्त कर जिम्मेदारी निर्धारित करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विद्यालयीन व्यवस्था, बच्चों की शिक्षा एवं शासकीय अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



