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कृषक उन्नति योजना में बदलाव : धान की जगह दलहन-तिलहन और मक्का की खेती पर सरकार का बड़ा प्रोत्साहन, जानें नया नियम…

कृषक उन्नति योजना में बदलाव : धान की जगह दलहन-तिलहन और मक्का की खेती पर सरकार का बड़ा प्रोत्साहन, जानें नया नियम…

कृषक उन्नति योजना में बदलाव : धान की जगह दलहन-तिलहन और मक्का की खेती पर सरकार का बड़ा प्रोत्साहन, जानें नया नियम…

रायपुर। मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का मानना है कि योजना के नए स्वरूप से किसानों को अधिक प्रभावी लाभ मिलेगा तथा कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। योजना के नए स्वरूप से प्रदेश के लाखों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

जानें कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप

  1. विगत खरीफ में धान की फसल लेने वाले ऐसे कृषक, जिन्होंने आगामी खरीफ में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराया हो, उन्हें एग्रीस्टेक पर पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राशि 15,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाए।
  2. खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल तथा एग्रीस्टेक पर पंजीयन एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर पूर्ववत् राशि 10,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाए।
  3. विगत वर्ष के फसल एवं रकबे की पुष्टि डिजिटल क्रॉप सर्वे के डेटा से तथा जहां यह डेटा उपलब्ध न हो वहां जिला कलेक्टर की अनुमति से गिरदावरी के डेटा से पुष्टि की जाए।
  4. गन्ना फसल के प्रोत्साहन के लिए विभाग द्वारा पूर्ण विचारोपरांत पृथक से प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए।
  5. योजना के प्रचलित निर्देशों को अधिक्रमित करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी करने तथा अन्य अनुषांगिक कार्यवाही करने के लिए प्रशासकीय विभाग (कृषि विकास एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग) को अधिकृत किया जाए।

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