
धमतरी कलेक्टर जनदर्शन में इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए आत्मघाती कदम उठाने वाले युवक के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मंगलवार को युवक ने भाजपा पार्षद और मंदिर ट्रस्ट पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन प्रशासनिक जांच में आरोप तथ्यहीन पाए गए।
प्रशासन के अनुसार जिस जमीन और रास्ते का उल्लेख किया गया था, वह मंदिर ट्रस्ट के अधीन है और उस पर कब्जे का मामला सामने आया है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने लोगों से जनदर्शन में तथ्यात्मक शिकायतें लाने और किसी भी तरह का आत्मघाती कदम नहीं उठाने की अपील की है।

क्या था मामला
बता दें कि मंगलवार को धमतरी शहर के पोस्ट ऑफिस वार्ड निवासी रोहित सोनी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने परिवार सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग करते हुए आवेदन सौंपा था। इसी दौरान रोहित सोनी ने अपने साथ लाया गया मिट्टी तेल अपने ऊपर उड़ेल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें बचा लिया।
रोहित सोनी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि उनका परिवार पिछले लगभग 60 वर्षों से बढ़ेश्वर महादेव मंदिर के समीप निवास कर रहा है। उनका कहना था कि हाल के दिनों में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है।
युवक ने आरोप लगाया था कि मकान निर्माण के दौरान कुछ लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और उन्हें घर खाली करने का दबाव बनाया। उन्होंने भाजपा पार्षद निलेश लुनिया और उनके कुछ सहयोगियों पर भी प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। साथ ही दावा किया था कि उनके घर आने-जाने के रास्ते को खोदकर बाधित कर दिया गया है, जिसके चलते वह काफी पीड़ित है और इससे उसने आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई गई। इस दौरान जांच में लगाए गए आरोपों से अलग तथ्य सामने आए हैं।



