

समिति प्रबंधक को फंसाने के चक्कर में खुद फंस गया किसान, जांच में शिकायत निकला फर्जी
बरमकेला। धान खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक को फंसाने के चक्कर में एक किसान खुद फंस गया। दरअसल, किसान 300 बोरा धान बेचने और रिकॉर्ड में 243 बोरा धान चढ़ाने का दावा करते हुए अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंच गया। कलेक्टर ने तत्काल मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीम समिति में भेजा। जांच में किसान की शिकायत फर्जी पाया गया।
मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक के अंतर्गत साल्हेओना धान खरीदी केंद्र का है। बीते 15 दिसंबर को ग्राम साल्हेओना निवासी किसान दीनानाथ सिदार पिता चंडीलाल सिदार ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए बताया कि साल्हेओना धान खरीदी में तीन दिन पहले स्वयं के धान बेचने के लिए 301 बोरी का टोकन कटवाया था। उस दिवस को खरीदी केंद्र से 300 खाली बारदाना लेकर धान की भराई किया गया। शाम तक तौल नहीं होने के रात 8:30 बजे तक इंतजार किया गया। लेकिन रात होने के कारण तौल नहीं कराने की सूचना प्रबंधक को दूसरे दिन तौल कराने की बात कह कर घर वापस चला गया। दूसरे दिन सुबह को पुन: अपनी धान बोरियों की तौल के लिए धान खरीदी केंद्र पहुंचा तो कार्यरत हमालों द्वारा बताया गया कि बीती रात 12 दीनानाथ सिदार का धान तौल होने की जानकारी दी गई और यह भी बताया गया कि कुल 243 बोरी धान तौल हुआ है। इसकी सूचना मेरे द्वारा समिति प्रबंधक व कंप्यूटर ऑपरेटर को दी गई। अपनी शिकायत में यह भी बताया कि 57 बोरा धान कम है।
और मेरी अनुपस्थिति में कैसे तौल कराया गया? इस आपत्ति के बाद खरीदी केंद्र साल्हेओना के जिम्मेदार लोगों का कहना था कि आपके रिश्तेदार के मौजूदगी में धान की तौलाई हुई है। जबकि मेरे द्वारा किसी भी रिश्तेदार को तौल के लिए नहीं बोला गया था। ऐसे में हेराफेरी का खेल प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य कर्मचारियों द्वारा किया गया है। इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने 57 बोरी धान वापस दिलाने की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल एक टीम बनाकर जांच के लिए साल्हेओना खरीदी केंद्र भेजा गया। किसान की उपस्थिति और समिति प्रबंधक व ऑपरेटर समेत अन्य जिम्मेदारों की मौजदूगी में जांच पड़ताल की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दरअसल, जांच में यह बात सामने आया कि किसान द्वारा हमालों को हमाली की पैसा महज 225 बोरा धान का ही भुगतान किया गया था। जिसको 40 की भर्ती में तौल करने पर 243 बोरी धान हुआ था। जांच अधिकारियों ने इस संबंध में पूछताछ की तो किसान के पास कोई जवाब नहीं था। किसान 300 बोरा धान समिति में लाने का साक्ष्य भी नहीं दे पाया। इस पर किसान ने लिखित में बयान दिया कि मेरी अनुपस्थिति में तौल होने के कारण मुझे संतुष्टि नहीं मिला। क्षेत्र के किसान व गणमान्य नागरिकों की समझाइश पर सहमति जताई कि उसके द्वारा 243 बोरा धान ही खरीदी केंद्र लाया गया था।शिकायतकर्ता के इस लिखित बयान के बाद शिकायत को नस्तीबद्ध कर दिया गया है।
शिकायत के पीछे यह है कहानी
किसान के द्वारा 5 ट्रॉली धान लाया गया था।अनुमानित 301 बोरी का टोकन काटा गया धान को किसान द्वारा हेमालो द्वारा भरवाया जा रहा था।इसमें लेट हो गया और कांटा पल्ला आगे की ओर बढ़ गया जिससे किसान क्षुब्द हो गया और वहां से चला गया। कुछ समय बाद मंडी अध्यक्ष भुवन विजय द्वारा फोन पर कॉल कर तौल को आने को कहा गया तो वह नहीं आया और बोला कि मेरा साला वहां है तौल करवा लेगा।क्योंकि उसका साला मंडी में ही मुकरदम के रूप में कार्यरत है उसी के समक्ष तौल कर दी गई थी।जिससे अब किसान सहमत है।
जांच में इनकी रही उपस्थिति
के आर देवांगन सीईओ सहकारिता विभाग,साहेब राम सिदार सुपरवाइजर सहकारिता विभाग,कन्हैया पटेल प्रबंधक,अध्यक्ष भुवन विजय,शिकायत कर्ता किसान दीनानाथ सिदार,लालसाय ,टीकाराम पटेल,टीकाराम सिदार,पीतांबर,नान्हू लाल सामले,भेखराम साहू,अर्जुन पटेल व अन्य किसान उपस्थित रहे।
-शिकायत कर्ता किसान,ग्रामीण किसान व अन्य संबंधित व्यक्तियों के समक्ष जांच की कार्यवाही की गई।जिसमें पाया गया कि किसान के द्वारा 5 ट्राली धान लाया गया था,जिसका अनुमानित टोकन 301 बोरी का कटा था।धान हमालों द्वारा 225 बोरी में भरा गया था।जिसे 40 की भर्ती में भर कर तौल में 243 बोरी हुई। बचे बाकी का बारदाना किसान के द्वारा समिति को वापस भी किया गया है।किसान की शिकायत गलत है,और अब किसान को कोई आपत्ति नही है और शिकायत वापस लेने की बात कही है।
–के आर देवांगन सीईओ सहकारिता विभाग