
जिला मुख्यालय सारंगढ़ का मुख्य चौराहा “भारतमाता चौक” शाम होते ही समा जाता है अंधेरे की गहराईयो में? चरमरा गई है नगर पालिका की प्रकाश व्यवस्था?

हाईमास्क लाईट लगाने की हो रही है मांग,
रामनवमी के दिन चौक की लाईट धराशई,
गौरवपथ के डिवाईडर तक नही जल रही है एक भी लाईट,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़ जिला मुख्यालय में नगर पालिका की लापरवाही से प्रकाश व्यवस्था का कचमूर निकल गया है। जिला मुख्यालय का मुख्य चौराहा भारतमाता चौक में लगा लो-मास्क लाईट का खंबा गिरने के बाद यहा पर अंधेरा का साम्राज्य है। प्रकाश व्यवस्था को दुरूस्त करने के स्थान पर यहा पर चौक मे ट्रेफिक लाईट का सिग्लन लगा दिया गया है किन्तु जहा पर हाई मास्क लाईट लगना है वह स्थान शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। वही भारतमाता चौक से गौरवपथ के डिवाईडर तक सड़क के किनारे पर लगे खंबो मे लाईट बंद होने के कारण से शहर की सुन्दरता पर ग्रहण साफ तौर पर दिख रहा है। वही शहर के कई वार्डो में भी लाईट व्यवस्था का कचूमर निकला हुआ है। सीएमओ सहित नगर पालिका अमला कागजो में शहर का सुन्दर बनाने में लगे हुए है।

दरअसल बिलासपुर-रायगढ़-सरायपाली-सारंगढ़ को जोड़ने वाली प्रमुख चौराहा मे
रूप में सारंगढ़ का भारतमाता चौक का नाम मुख्य है। यहा पर तीनो प्रमुख शहरो की ओर सड़क निकलती है। बहुत महत्वपूर्ण इस सड़क पर लो-मास्क लाईट लगी हुई थी जिससे शहर के इस चौक पर रोशनी की व्यवस्था हो रही थी किन्तु रामनवमी के दिन आया अंधड़-तूफान से ना सिर्फ चौक उड़ गया बल्कि लो-मास्क लाईट के खंबे भी धराशयी हो गये जिसके कारण से भारतमाता चौक अंधेरे में डूब गया। यहा पर हाई-मास्क लाईट लगाने के अपेक्षा प्रशासन ने चौराहा पर ट्रेफिक सिग्नल लगाकर ट्रेफिक व्यवस्था को सुधारने की कयावद मे जुटा किन्तु काई मास्क लाईट नही होने से पूरा चौक शाम ढ़लते ही अंधेरे मे डूब जाता है। बात सिर्फ लो-मास्क लाईट की नही है बल्कि रायगढ़ रोड़, बिलासपुर रोड़ और रायपुर रोड़ में खंबो मे भी लाईट नही जल रही है जिसके कारण से पूरा क्षेत्र अंधेरे के साम्राज्य मे डूब जाता है। बताया जा रहा है कि सिर्फ ट्रेफिक सिग्नल लाईट होने से यह चौक अंधेरे मे डूबा रहता है। माह भर होने को आ रहा है लेकिन नगर पालिका या जिला प्रशासन ने इस बात का प्रयास नही किया कि ध्वस्त हुआ लो-मास्क लाईट या हाई मास्क लाईट लगाकर चौक की सुन्दरता को वापस लाया जाये अथवा चौक की प्रकाश व्यवस्था की दुरूस्त किया जाये।

डूबा होने के कारण से कभी भी यहा पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है क्योकि यहा पर सैकड़ो वाहनो का आवागमन हमेशा होता रहता है। विशेषकर भारतमाता चौक से गौरवपथ के डिवाईडर तक के रोड़ में एक भी सड़क बत्ती नही जल रही है। लगभग 25 खंबो पर लगी लाईट अर्से से बंद पड़ी हुई है। वही अब भारतमाता चौक में लगी लो-मास्क लाईट के बंद होने के बाद पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है जिससे सारंगढ़ शहर की प्रथम दृष्टया की छबि खराब हो रही है। किन्तु नगर पालिका और जिला प्रशासन इस मुद़्दे पर गंभीर होकर समस्या का समाधान करने मे रूचि नही ले रहे है। वही सारंगढ़ में खंबो की लाईटे बंद पड़ी हुई है रनिंग पट्टी तिरंगा के सहारे यहा पर सड़क पर प्रकाश व्यवस्था चंद माह के लिये ठीक लग रहा है किन्तु खंबो पर लगी एलईडी लाईटो के बंद होने से शहर की प्रकाश व्यवस्था चरमरा गई है।
हाईमास्क लाईट लगाने की हो रही है मांग
सारंगढ़ के भारतमाता चौक से होकर रायगढ़-बिलासपुर-रायपुर की ओर आवागमन के लिये प्रतिदिन सैकड़ो वाहन चलती है। ऐसे मे इस चौक को प्रकाश व्यवस्था के लिये मजबूत और आर्कषक बनाना चाहिये। पूर्व में लो-मास्क लाईट लगा हुआ था उसमे किसी तरह से काम चल रहा था किन्तु उसके ध्वस्त होने के बाद अब मांग हो रही है कि इस चौक में हाई-मास्क लाईट लगाकर चौक की प्रकाश व्यवस्था को मजबूत बनाया जाये। लगतार लोगो ने सोशल मिडिया पर मांग किया है कि यहा पर हाई- मास्क लाईट लगाया जाये जो कि एक किलोमीटर दूर से ही अपनी विशेष पहचान बना सकें। भारत माता चौक की बनावट ऐसी है कि लो-मास्क लाईट लगाये जाने से यहा पर प्रकाश व्यवस्था काम-चलाऊ बनेगी इस कारण से यहा पर हाई मास्क लाईट लगाकर इसे सुन्दरता को भव्य रूप प्रदान किया जा सकता है।

चरमरा गई है नगर पालिका की प्रकाश व्यवस्था?
सारंगढ़ शहर में प्रकाश व्यवस्था चरमरा सी गई है। अधिकांश वार्डो में प्रकाश व्यवस्था को लेकर लोगो मे रोष है। नगर पालिका के सीएमओ और प्रकाश व्यवस्था के प्रभारी अधिकारी सिर्फ औपचारिक व्यवस्था में ही ध्यान दे रहे है। अधिकांश वार्डो में बिजली खंबो पर लगा हुआ लाईट बंद पड़ा हुआ है। प्रशासक के
तौर पर कलेक्टर के पदस्थ होने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि शहर की बुनियादी सुविधाओ में तेजी आयेगी किन्तु वर्षो से पदस्थ वही पुराने कर्मचारियो और अधिकारियो के कारण से यहा पर कसावट नाम की कोई चीज नही आई। और व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। बताया जा रहा है कि यहा पर प्रकाश व्यवस्था के नाम पर लाखो रूपये के खंबो और लाईट की खरीदी कागजो पर हुई है किन्तु वास्ताविक में आधा खंबो पर लाईट की व्यवस्था किया गया है। जहा पर खंबो की लाईट सही है वहा पर फाल्ट के कारण से अंधेरो छाया हुआ है। ऐसे मे सारंगढ़ में प्रकाश व्यवस्था की स्थिति बद से बदत्तर हो गया है।



