
होटल में आयोजित बैठक में फूटा भाजपाई कार्यकर्ताओ का गुस्सा..! क्या चुनाव के समय ही
याद आते है कार्यकर्ता?
जिला पंचायत सदस्य चुनाव का कुछ कांग्रेसी
कर रहे है अघोषित संचालन?
विपक्षी समय में संघर्ष से दूर रहने वाले सत्ता
आते ही हो गये सक्रिय?
चमचो और चाटुकारो की भीड़ से जमीनी
कार्यकर्ताओ की उपेक्षा?
जिला पंचायत चुनाव में भाजपाई कार्यकर्ताओ
का टोटा?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पंचायत चुनाव में अब दस दिनो का ही समय बच गया है ऐसे में अभी भाजपा नेताओ को अपने कार्यकर्ताओ की याद आ रही है। ऐसे ही एक होटल मे आयोजित कार्यकर्ता बैठक में कार्यकर्ता भी अपने नेताओ पर उखड़ गये। सत्ता मिलने के बाद कार्यकर्ताओ का काम नही होने से लेकर विपक्षी दल के साथ मधुर संबंध रखने वालो को तजव्वो देने जैसे गंभीर आरोप भरी बैठक में सामने आया। वही पुराने कांग्रेसियो के द्वारा कुछ भाजपा उम्मीदवारो का चुनाव का संचालन किये जाने के संगीन आरोप से भी कार्यकर्ता काफी रूष्ट दिखे। गर्मागर्म बहस के बीच विधानसभा का चुनाव का हार का ठीकरा कार्यकर्ताओ के ऊपर एक वरिष्ठ नेता के द्वारा फोड़े जाने से भी मामला गर्म हो गया था। जैसे-तैसे करके मामला को शांत कराया गया।
दरअसल आज शाम को शहर के एक होटल मे भाजपा के कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओ का सम्मेलन आयोजित किया गया था। लजीज भोजन की मेन्यू के साथ आयोजित इस कार्यकर्ता बैठक में कार्यकर्ताओ का गुस्सा नेताओ पर पिल पड़ा। बैठक में आमंत्रण एक पुराने कांग्रेस नेता के द्वारा मोबाईल पर दिये जाने से कार्यकर्ता खिन्न दिखे तो सत्ता आते ही चाटुकारो और चापलूसो से बड़े नेताओ का घिरा
होने का भी सवाल सामने आया। कुछ कार्यकर्ताओ ने चुनाव आने पर उनकी याद आने की बात रखकर माहौल गर्म कर दिया तो कुछ कार्यकर्ताओ ने कांग्रेस के सरकार में सत्ता का मलाई खाने वाले कुछ चेहरो को टारगेट किया कि भाजपा की सरकार बनने पर अब ये चेहरे कट्टर भाजपाई बने फिर रहे है। ईशारो मे भी भाजपा के कार्यकर्ताओ ने चुनाव के समय उनको याद करने को लेकर भी काफी तीखा कटाक्ष किया। भाजपा कार्यकर्ताओ ने साफ तौर पर बड़े और वरिष्ठ नेताओ को सुनाते हुए कहा कि 14 माह में उनकी सरकार के मंत्री ही उनकी बातो की नही सुनते है। अधिकारी भी मनमानी कर रहे है। ऐसे मे सत्ताधारी दल का होना या नही होना एक बात हो गई है। वही कार्यकर्ताओ को उपेक्षित रखने और काम नही होने जैसे कई सवालो से कार्यकर्ता सम्मेलन गर्म हो गया था। भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओ ने जिला पंचायत चुनाव मे सक्रिय होने के सवालो पर पहले तो खूब भाषण बाजी किया और वरिष्ठ नेताओ को भी आड़े हाथो लिया। जिला पंचायत चुनाव में भाजपाई कार्यकर्ताओ का टोटा? दरअसल सारंगढ़ के जिला पंचायत चुनाव मे क्षेत्र क्रमांक 9 में भाजपा ने संजय भूषण पांड़े को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस के शासनकाल में भगवा राजनिति से गायब रहे भाजपा नेता संजयभूषण पांड़े को चुनाव प्रचार में भाजपा के कार्यकर्ताओ का साथ नही मिल रहा है। उनके पास कार्यकर्ताओ का टोटा साफ तौर पर दिख रहा है। ऐसे मे आज शहर के बड़े होटल मे लजीज व्यंजन के मेन्यू के साथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर कार्यकर्ताओ को सक्रिय करन का प्लान तैयार किया गया था और शहर के लगभग शताधिक कार्यकर्ताओ और बड़े चेहरो को इस सम्मेलन मे बुलाया गया था। किन्तु इस चुनावी रणनिति का पर्दे के पीछे का संचालन कुछ ऐसे चेहरे कर रहे थे जो कि पिछले सरकार मे सत्ता के मलाई खाने में कांग्रेसी कहलाने मे गर्म महसूस कर रहे थे। ऐसे मे भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता पूर्ण रूप से जिला पंचायत चुनाव में जुड़ नही पा रहे है। आज का आयोजन भी सारंगढ़ में सभी 5 जिला पंचायत क्षेत्र के स्थान पर सिर्फ जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 के लिये किया गया था जिसमे भाजपा की ओर से संजय भूषण पांड़े और कांग्रेस की ओर से अरूण मालाकार मैदान मे है। किन्तु शहरी जमीनी कार्यकर्ता अपने ही वरिष्ठ नेताओ पर पिल पड़े जिससे आने वाले समय मे सत्ता की मलाई और जमीनी कार्यकर्ताओ की उपेक्षा एक बड़ा प्रश्न के रूप में हर बैठक में सामने आयेगा।