जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ आरटीई प्रभारी अरूण दुबे को 50 हजार रूपये की रिश्वत के साथ एसीबी ने किया गिरफ्तार

जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ आरटीई प्रभारी अरूण दुबे को 50 हजार रूपये की रिश्वत के साथ एसीबी ने किया गिरफ्तार

जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ आरटीई प्रभारी अरूण दुबे को 50 हजार रूपये की रिश्वत के साथ एसीबी ने किया गिरफ्तार

44 प्राईवेट स्कूल से 4.40 लाख रूपये मांग की थी अरूण दुबे नें,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध उगाही और कमीशनखोरी सरचढ़कर बोल रहा,
50 हजार रूपये के साथ सहायक शिक्षक अरूण दुबे सपड़ाया,
चक्रधर पटेल घठोरा ने किया था शिकायत,

सारंगढ़,
अवैध उगाही और कमीशनखोरी के लिये बदनाम सारंगढ़ का जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आज एन्टी करप्शन ब्यूरो ने दबिश देकर शिक्षा के अधिकार शाखा के प्रभारी सहायक शिक्षक अरूण दुबे को 50 हजार रूपये नगद लेते हुए रंगे हाथो पकड़ लिया है। प्राईवेट स्कूल मैनेजमेंट सारंगढ़ से 44 स्कूलो के शिक्षा के अधिकार के दावा राशी का फाईल डीपीआई भेजकर राशी स्वीकृति के एवज में यह राशी लिया जा रहा था। 4.40 लाख रूपये मे से अरूण दुबे को आज पहली किस्त 50 हजार रूपये के साथ पकड़ा गया है ऐसे में इतनी बड़ी राशी अकेले अरूण दुबे नही मांग सकता है इस कारण से इस उगाही के काम में जांच कराकर संलिप्त सभी लोगो पर
कड़ी कार्यवाही की आवश्कता महसूस किया जा रहा है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार अरूण दुबे बिलाईगढ़ विकासखंड़ में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है तथा जिला शिक्षा कार्यालय में उसे 8 माह पूर्व अटैच कर शिक्षा का अधिकार शाखा का प्रभार दिया गया है। शिक्षा के अधिकार के तहत सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ विकासखंड़ के प्राईवेट स्कूलो मे अध्ययनरत छात्र-छात्राओ के शासन के द्वारा मिलने वाला राशी को स्वीकृत कराने के एवज मे मोटी रकम की चाह रख रहे थे। बताया जा रहा है कि आसन्न सत्र में शिक्षा के अधिकार के तहत अध्ययनरत छात्र-छात्राओ की राशी का फाईल को अनुसंशा करके डीपीआई भेजने का काम चल रहा है और 30 अक्टूबर 2024 को अंतिम तिथि निर्धारित किया गया है। सारंगढ़ विकासखंड़ के घठोरा निवासी चक्रधर पटेल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्राईवेट स्कूल मैनेजमेंट एशोसियेशन में जिला उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ है। उनके द्वारा प्राईवेट स्कूल मैनेजमेंट एशोसियेशन के सदस्यता वाले स्कूलो के शिक्षा
के अधिकार के तहत स्वीकृत होने वाली फाईल को इस शाखा के प्रभारी अरूण दुबे को प्रदान किया गया जहा पर डीपीआई से राशी स्वीकृत कराने के नाम पर प्रत्येक स्कूल से 10 हजार रूपये के मान से 4.40 लाख रूपये की मांग अरूण दुबे के द्वारा चक्रधर पटेल से किया गया।

सारंगढ़ अंचल के स्कूलो से आरटीई के तहत अवैध उगाही करने की मंशा रखने वाले अरूण दुबे के इस कृत्य की शिकायत चक्रधर पटेल के द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो मे कर दिया गया जहा पर उनके शिकायत का सत्यापन करने तथा दोनो के बीच वार्तालाप रिकार्ड करने के उपरांत आज 50 हजार रूपये के पहली किस्त देने के समय सहायक शिक्षक अरूण दुबे को एन्टी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियो ने रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया। शाम 4 बजे हुई इस घटना से पूरे सारंगढ़ अंचल में सनसनी फैल गया तथा मामले की हकीकत जानने के लिये मोबाईल घनघनाने लगा। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में कार्यरत सभी अधिकारी-कर्मचारियो को आफिस के अंदर ही रख दिया गया तथा आफिस को सील कर दिया गया था। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने शिकायत सत्यापन कर आज ट्रेप आयोजित कर आरोपी अरूण दुबे को जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय, सारंगढ़ में प्रार्थी से कुल राशि का प्रथम किश्त 50,000 रू रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

आरोपी अरूण दुबे को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् कार्रवाई की जा रही है। सारंगढ़ अंचल मे शासकीय विभागो में भ्रष्ट्राचार चरम पर? सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में अवैध उगाही तथा भ्रष्ट्राचार चरम पर चल रहा है। वर्षो से पदस्थ कर्मचारी तथा अधिकारी नये जिले मे और भी भयमुक्त हो गये है। अवैध उगाही करने और
कमीशनखोरी करने के मामलो मे काफी बढ़ोत्तरी हुई है। छोटे-छोटे कार्यो के लिये भी अवैध उगाही किया जा रहा है राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पीएम आवास स्वीकृति कराने जैसे हितग्राहियो के लिये डायरेक्ट बेनीफिट वाले योजनाओ मे जमकर अवैध उगाही की शिकायत है। आज की कार्यवाही से सारंगढ़ मे सरकारी अमले मे हड़कंप मच गया है। खुले आम चल रहे अवैध उगाही और अवैध वसूली के मामले मे अब भय और डर दिखेगा। ब्लाक चलाने वाले कर्मचारी चला रहे है जिला?

दरअसल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला बनने के बाद एक भी कार्यालय में पूर्ण सेटअप नही आया है और नवीन कर्मचारियो की नियुक्ति नही किया गया है इस कारण से जो कर्मचारी पहले ब्लाक और अनुविभाग स्तर का कार्यालय संचालित करता था वह अब जिला स्तर का कार्यालय को संचालित करने लगा और खुले आम अवैध उगाही और कमीशनखोरी के लिये कार्यवाही नही होने के कारण से यह मामला काफी बढ़ गया था। ऐसे मे आज की कार्यवाही से अवैध उगाही करने वाला कर्मचारियो के मन मे भय का माहौल बन गया है। वर्षो से पदस्थ कर्मचारियो को इंटर जिला स्थानान्तरण और अन्य स्थानान्तरण के साथ-साथ टेबल परिर्वतन और प्रभार परिर्वतन जैसे कार्य करने पर शासकीय कार्यो मे कसावट आयेगी तथा अवैध उगाही और भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगना शुरू हो जायेगा।

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