
सारंगढ़ क्लब हाउस में युवा खिलाड़ियों को मिले प्रवेश की अनुमति, खेल से वंचित करना उचित नहीं : मयूरेश केशरवानी
डीएमएफ की राशि से हुआ जीर्णोद्धार, तो स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी तय हो समय; सीसीटीवी और एंट्री पास की व्यवस्था करने की मांग
सारंगढ़। सारंगढ़ के ऐतिहासिक क्लब हाउस में स्थानीय युवा खिलाड़ियों को प्रवेश की अनुमति दिए जाने की मांग उठने लगी है। वार्ड क्रमांक 04 के पार्षद एवं भाजपा नेता मयूरेश केशरवानी ने प्रेस के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि क्लब हाउस को ऑफिसर्स क्लब का नाम देकर स्थानीय युवा प्रतिभाओं को खेल से वंचित करना कतई न्यायोचित नहीं है।
मयूरेश केशरवानी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा डीएमएफ की राशि से क्लब हाउस का जीर्णोद्धार कराया गया है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब इसके जीर्णोद्धार में लाखों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो स्थानीय युवा खिलाड़ियों के लिए प्रवेश की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती? जिला प्रशासन भले ही खिलाड़ियों के नाम विधिवत रजिस्टर में दर्ज करे, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को बैडमिंटन खेलने का अवसर भी मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिले के युवा खिलाड़ी आखिर बैडमिंटन खेलने के लिए कहां जाएं, जिला प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार लगातार खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही हैं। ऐसे में जिले में भी युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक पहल की जानी चाहिए।
सीसीटीवी और एंट्री पास से हो सकती है व्यवस्था
मयूरेश केशरवानी ने कहा कि क्लब हाउस की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय है। यदि इसके जीर्णोद्धार पर लाखों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय युवा खिलाड़ियों के लिए खेलने का समय निर्धारित कर विधिवत एंट्री पास जारी किए जा सकते हैं। इससे क्लब हाउस की सुरक्षा भी बनी रहेगी और स्थानीय खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का उद्देश्य जनहित में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। ऐसे में इस राशि से विकसित सुविधाओं का लाभ स्थानीय जनता और युवा प्रतिभाओं तक भी पहुंचना चाहिए। खेल सुविधाओं तक युवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
कलेक्टर से सकारात्मक पहल की उम्मीद
भाजपा नेता मयूरेश केशरवानी ने जिले की संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू से इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए सार्थक पहल करने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय खिलाड़ियों के लिए समय निर्धारित कर प्रवेश की अनुमति देने से खेल को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि क्लब हाउस की सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति बनाई जाए, जिससे अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय युवा खिलाड़ियों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।



