
सारंगढ़ : बोंदा के जोतपुर में अवैध फ्लाईएश डंपिंग पर साढ़े 4 लाख का जुर्माना! फिर भी 2 लाख मिट्रिक टन अवैध फ्लाईएश पटा?

मेसर्स अडानी पॉवर लिमिटेड, ग्राम-छोटे भण्डार पर
जुर्माना,
उसके बाद भी जारी रखा अवैध फ्लाईएश डंपिंग?
तीन माह तक जमकर किया गया अवैध फ्लाईएश
भराव?
जांच में अवैध फ्लाईएश डंप नही दिखा पर्यावरण
संरक्षण मंडल के वैज्ञानिक को?
सीएम हेल्पलाईन में दिया गया गलत जांच रिपोर्ट,
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के बरमकेला ब्लाक के बोंदा के कोटवारी भूमि जोतपुर में सरकारी कोटवारी भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश डंपिंग मामले में पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय ने जांच प्रतिवेदन भेजा है जिसमे उनको कही पर भी अवैध फ्लाईएश डंपिंग नही मिला है जबकि जुलाई माह तक खसरा नंबर 110 और 111 में अवैध रूप से फ्लाईएश डपिंग जमकर चला है। वही 9 अप्रैल 2026 को इसी भूमि पर बिना अनुमति के फ्लाईएश डंपिंग के मामले में अडानी पॉवर लिमिटेड, ग्राम-छोटे भण्डार पर साढ़े 4 लाख रूपये का जुर्माना भी किया गया है। फिर भी 2 लाख मिट्रिक टन से अधिक फ्लाईएश को उसी भूमि पर पाट दिया गया है। मतलब साफ है कि अवैध फ्लाईएश डपिंग से बचाने के लिये पर्यावरण विभाग के जांच अधिकारी ने घर पर बैठकर जांच प्रतिवेदन तैयार करके सीएम हेल्प
लाईन में भेज दिया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला को रायगढ़ के उद्योगो ने अपशिष्ट पदार्थ फ्लाईएश का निदान का जिला समझ के रखा है। चंद ट्रासपोर्टर्स के द्वारा रायगढ़ जिले के उद्योगो से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ फ्लाईएश को सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिला के खदानो मे डालने के लिये प्रशासन के नुमाइंदो के साथ मिलीभगत करके जलीय पर्यावरण का नुकसान करके अपना विकास कर रहे है। इस मामले मे 12 अगस्त 2026 को सीएम हेल्प लाईन 1076 में शिकायतकर्ता के द्वारा शिकायत किया गया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लाक के बोंदा के जोतपुर में सरकारी कोटवारी भूमि खसरा नंबर 110 एवं 111 में बिना अनुमति के फ्लाईएश का भराव किया जा रहा है।

जिसके संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के वैज्ञानिक खेमचंद साहू ने जांच प्रतिवेदन सीएम हेप्ल लाईन में भेजा है जिसमे साफ तौर पर किसी भी प्रकार से अवैध फ्लाईएश भराव मौके जांच पर नही पाये जाना का उल्लेख किया है। साथ ही उन्होने प्रतिवेदन मे बताया है कि उक्त भूमि पर बिना अनुमति के फ्लाईएश भराव पाये जाने पर 9 अप्रैल 2026 को अडानी पॉवर लिमिटेड, ग्राम-छोटे भण्डार पर साढ़े 4 लाख रूपये का जुर्माना भी किया गया है। अर्थात जिस भूमि पर बिना अनुमति के फ्लाईएश का डपिंग किया जा रहा था उसको जुर्माना लगाया तो गया किन्तु अवैध फ्लाईएश भराव को रोकने का कोई प्रयास नही किया गया जिसके कारण से अडानी पॉवर लिमिटेड और ट्रासंपोर्टरो के द्वारा मनमानी करते हुए अगले तीन माह तक जमकर फ्लाईएश का भराव किया गया है। बताया जा रहा है कि जब अवैध रूप से बिना अनुमति के सरकारी भूमि पर फ्लाईएश् का भराव किया जाना अप्रैल माह मे पाया गया तो उसको रोका क्यो नही गया? उद्योग और संबंधित ट्रांसपोर्टर के खिलाफ एफआईआर क्यो दर्ज नही कराया गया? बल्कि साढ़े 4 लाख रूपये का जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया जिसके बाद बेलगाम उद्योग प्रबंधक और ट्रांसपोर्टर के द्वारा मनमानी करते हुए जुलाई माह तक उसी सरकारी भूमि पर जमकर फ्लाईएश डंपिंग किया गया है। सूत्र बताते है कि लगभग 2 लाख मिट्रिक टन अवैध रूप से इस सरकारी भूमि पर फ्लाईएश को डपिंग किया गया है। ऐसे मे अवैध कार्य पर किया गया जुर्माना को शायद उद्योग और ट्रांसपोर्टर के द्वारा अनुमति समझ लिया गया और राजस्व विभाग और पर्यावरण विभाग ने सरकारी भूमि पर अवैध फ्लाईएश डंप को देखते हुए भी रोकने के स्थान पर आंख बंद करने मे अपनी समझदारी समझी।
अडानी पॉवर लिमिटेड, ग्राम-छोटे भण्डार पर साढ़े 4 लाख रूपये जुर्माना
इस संबंध में क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के वैज्ञानिक खेमचंद साहू ने सीएम हेल्प लाईन के शिकायत के परिप्रेक्ष्य मे भेजे प्रतिविदन में बताया है किे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के बरमकेला ब्लाक के ग्राम-जोतपुर के खसरा क्रमांक-110 एवं 111 में उद्योग मेसर्स अडानी पॉवर लिमिटेड, ग्राम-छोटे भण्डार, तहसील-पुसौर, जिला-रायगढ़ (छ.ग.) द्वारा बिना अनुमति फ्लाई ऐश का भराव पाये जाने पर जानकारी हेतु कार्यालय तहसीलदार सरिया जिला- सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छ.ग.) से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 09.04.2026 को 4,50,000 रूपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करते हुये समाधानकारक कार्यवाही कराया गया।
जांच में नही मिला कही पर भी अवैध फ्लाईएश डंपिंग?
मजेदार बात यह है कि जिस भूमि पर अवैध फ्लाईएश डपिंग कास शिकायत किया गया है वहा पर अप्रैल माह में
अवैध फ्लाईएश डपिंग का मामला सही पाया गया और जुर्माना किया गया। किन्तु अभी उसी भूमि पर किया गया
जांच में पर्यावरण विभाग के वैज्ञानिक को कोई भी अवैध फ्लाईएश डपिंग का कोई अनियमितता नही मिला है ।
अपने प्रतिवेदन में क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ के वैज्ञानिक खेमचंद साहू ने लिखा है कि आवेदन के
परिपेक्ष्य में तहसील सरिया के ग्राम-बोंदा, जोतुपर एवं कटंगपाली में फ्लाई ऐश के शासकीय भूमि पर अपहवन के
संबंध में निरीक्षण कर जांच किया गया। जांच में बिना अनुमति शासकीय भूमि पर फ्लाई ऐश का भराव नहीं किया
जाना पाया गया। जबकि जुलाई माह तक इसी भूमि पर लगभग 2 लाख मिट्रिक टन अवैध रूप से फ्लाईएश का
भराव किये जाने का फोटो सहित समाचार विभिन्न समाचार पत्रो मे तथा लिखित शिकायत जिला प्रशासन के पास
दिया गया है किन्तु कार्यवाही के नाम पर अवैध फ्लाईएश डंप करने वालो को बचाने का खेल जमकर चला।
जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट हुए शिकायतकर्ता, उच्च कार्यालय शिकायत प्रेषित

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता इस प्रकार से बिना मौके स्थल के निरीक्षण तथा अप्रैल माह में
किया गया जुर्माना के आधार पर शिकायत का निराकरण के प्रतिवेदन पर सवाल खडे़ करते हुए जांच प्रतिवेदन पर
असंतुष्टी जाहिर किया जिसके कारण से सीएम हेल्प लाईन मे शिकायत को पुन: ओपन करके उच्च कार्यालय प्रेषित
किया गया है। जहा पर शिकायतकर्ता को उम्मीद है कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से फ्लाईएश का भराव करने
वाले उद्योग और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ सूक्ष्म जांच उपरांत दोषी पाये जाने पर एफआईआर और लगभग 50 लाख
रूपये का जुर्माना किया जा सकता है।




