
बरमकेला की साप्ट बाल टेनिस खिलाड़ी रीमा राय को शहीद राजीव पांड़े एवं मुख्यमंत्री ट्राफी पुरूस्कार मोना माडर्ऩ स्कूल की छात्रा रही है रीमा राय,

साप्टबाल में देश-विदेश मे शानदार प्रर्दशन कर चुकी
है रीमा राय,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की एक मात्र खिलाड़ी
प्रतिभा
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़़,
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया। जिसमे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की साप्ट बाल खिलाड़ी रीमा राय को शहीद राजीव पांड़े पुरूष्कार तथा मुख्यमंत्री ट्राफी से सम्मानित किया गया। बरमकेला के राय बैटरी के संचालक की सुपुत्री रीमा राय का स्कूली शिक्षा मोना माडर्न स्कूल बरमकेला में हुआ है। रीमा को इस सम्मान प्राप्त होने पर बरमकेला अंचल में हर्ष और खुशी का माहौल है। राजधानी रायपुर मे शनिवार को मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में खिलाड़ी का परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी सफलता से पूरे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े।समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्री विजय बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस सम्मान समारोह में साप्ट बाल टेनिस की खिलाड़ी रीमा राय को भी शहीद राजीव पांड़े पुरूस्कार और मुख्यमंत्री ट्राफी के लिये पुरूस्कृत किया गया।

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला की रहने वाली रीमा राय ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए ऐसी राह चुनी, जहाँ सुविधाएँ कम थीं, लेकिन हौसला बहुत बड़ा था। रीमा पिछले 10 वर्षों से सॉफ्ट टेनिस खेल रही हैं। बरमकेला जैसे छोटे शहर में आज भी टेनिस कोर्ट जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद रीमा ने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। सीमित संसाधनों के बीच लगातार मेहनत, अभ्यास और संघर्ष करते हुए उन्होंने अपने खेल में एक अलग पहचान बनाई। अपनी मेहनत के दम पर रीमा ने राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक हासिल किए और आगे बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया। बरमकेला की गलियों से शुरू हुआ उनका सफर अब देश का नाम रोशन करने तक पहुँच चुका है। रीमा की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस जुनून और दृढ़ संकल्प की कहानी है, जो कहता है—अगर सपने बड़े हों और मेहनत सच्ची हो, तो सुविधाओं की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। उनकी वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित शहीद राजीव पांडे पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं खेल मंत्री अरुण साव द्वारा प्रदान किया गया। यह पल रीमा के लिए ही नहीं, बल्कि उनके

परिवार, कोच, बरमकेला और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। रीमा अपनी इस सफलता का श्रेय अपने कोच, माता-पिता और सभी सम्माननीय लोगों को देती हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया, उनका हौसला बढ़ाया और उनके सपनों पर विश्वास रखा। आज रीमा राय उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं, जो छोटे शहरों और सीमित सुविधाओं के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
बरमकेला से भारत तक का यह सफर बताता है कि मंज़िल सुविधाओं से नहीं, बल्कि मेहनत, विश्वास और जुनून से हासिल होती है। “सफर मुश्किल था, सुविधाएँ कम थीं, लेकिन हौसला कभी कम नहीं हुआ। आज वही संघर्ष मेरी सबसे बड़ी पहचान बन गया है।” मोना माडर्न स्कूल बरमकेला की छात्रा रही रीमा की इस सफलता पर स्कूल के डायरेक्टर अमितेश केशरवानी ने हर्ष व्यक्त करते हुए रीमा को बधाई प्रदान किया है।



