
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में डीजल-पेट्रेाल को लेकर हड़कंप मचा, कई पंपो मे लंबी कतारे लगी,

लोगो में डीजल को लेकर पैनिक,
खाद्य विभाग गायब, नही कर रहा है स्थिति स्पष्ट,
उधर मुख्यमंत्री का बयान : पर्याप्त मात्रा में है डीजल-पेट्रोल,
बड़े स्तर पर डीजल-पेट्रोल की जमाखोरी की आशंका?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में लगातार दूसरे दिन पेट्रोल पंपो पर वाहनो की लंबी कतारे लगी हुई है वही डिब्बो मे बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल लेने के लिये ग्रामीणजन उमड़ पड़े है। जिले के कई पेट्रोल पंप ड्राई होने के कारण से जिले मे डीजल-पेट्रोल की कमी का जबरदस्त अफवाह फैल गया जिसके कारण से .लोग तेल लेने के लिये उमड़ पड़े किन्तु खाद्य विभाग के तरफ से भी किसी भी प्रकार से सक्रियता नही दिखाने और इस मामलें में प्रशासन का पक्ष नही रखने से बड़े स्तर पर जमाखोरी का खेल भी उफान पर दिख रहा है। वही दूसरी तरफ प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय साफ शब्दो में कह रहे है कि प्रदेश में डीजल-पेट्रेाल की कोई किल्लत नही है। ऐसे में आखिरकार लोग पैनिक क्यों हो रहे है? और डीजल पेट्रोल को लेकर जमाखोरी हो रही है।

दरअसल दो दिन से सारंगढ़-बिलाईगढ जिला में कई पेट्रोल पंप ड्राई की स्थिति की ओर पहुंच गये है। लोड़ नही निकलने के कारण से पेट्रोल पंपो पर ड्राई का बोर्ड लग गया है जिसके कारण से जिन पेट्रोल पंपो मे लोड़ आया वहा पर डीजल और पेट्रोल लेने के लिये बड़ी संख्या में लोग
उमड पड़े है। जानकार बता रहे है कि 15 मई से सभी पेट्रोल पंपो में लोड़ पहुंचना शुरू कर देगें जिसके बाद यह स्थिति नियंत्रण में आ जायेगा किन्तु प्रदेश के कई जिलो में डीजल-पेट्रोल की हालात को काबू में करने के लिये प्रशासन एक्टिव हो गया तथा खाद्य विभाग की टीम जमाखोरी पर लगाम कसने में जुट गई किन्तु सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में ऐसा नही हो पाया और कई पेट्रोल पंप जहा पर आज भी लोड़ आया वहा पर ऐसे तत्व सक्रिय दिखे जो कि जमाखोरी को अंजाम दे रहे थे। बताया जा रहा है कि सारंगढ़ शहर के एक पेट्रोल पंप पर आज एक लोड़ डीजल लगभग 12 हजार लीटर का आया जो कि महज 3 घंटे में ही खाली हो गया। पहले इस एक टैंकर डीजल अर्थात 12 हजार लीटर डीजल को खपत होने में दो से तीन दिन लगते थे किन्तु आज महज 3 घंटे से भी कम समय में डीजल ड्राई की स्थिति
मे पहुंच गया था। बताया जा रहा है

कि पेट्रोल और डीजल नही मिलने की कल्पना करते हुए लोग इसका स्टाक रखना शुरू कर दिये है। वही आपदा मे अवसर की तलाश करने वाले बड़ा वर्ग ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए बड़े स्तर पर डीजल की स्टाक रखकर मोटा मुनाफा कमाने के लिये बड़े स्तर पर डीजल की खरीदी कर लिया है। खास बात यह है कि डीजल और पेट्रोल पंपो पर लंबी कतारे लगने और डीजल के लिये हा-हाकार मचने के बाद भी खाद्य विभाग गहरी निद्रा से जग नही पाया और पेट्रोल पंपो पर कोई निगरानी तंत्र विकसित नही कर पाया जिसके कारण से ऐसे तत्वो के पास बड़े स्तर पर डीजल और पेट्रोल का स्टाक हो गया है जो आने वाले दिनो मे इससे मोटा मुनाफा कमा सकें। बरमकेला के भी कई पेट्रोल पंपो मे बड़े स्तर पर डीजल और पेट्रोल लेने वालो की लंबी कतारे देखने को मिल रही है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति किस प्रकार से पैनिक होते जा रही है। ट्रेक्टर के लिये डीजल लेने वाले बड़े-बड़े ड़्रम लेकर पेट्रोल पंपो में कतार लगाकर रखे हुए है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पैनिक स्थिति होने पर ही इस प्रकार से डीजल-पेट्रोल के लिये मारामारी हो रही है।
प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही
ईंधन लें – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकारकी चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक
उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की*’ समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी देशवासियों
से अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संयम, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

ड्राई आउट पंपों पर लगातार पहुंचाई जा रही आपूर्ति : खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के ऑयल डिपो को नियमित रूप से आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति हो रही है तथा वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। द्य सचिव ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 2516 पेट्रोल/डीजल पंप संचालित हैं। राज्य में
पेट्रोल का 45,474 किलोलीटर तथा डीजल का 84,654 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। वहीं पेट्रोल की दैनिक आवश्यकता 3,635 किलोलीटर तथा डीजल की दैनिक आवश्यकता 5,873 किलोलीटर है। आज प्रदेश के
विभिन्न ऑयल डिपो में 6,551 किलोलीटर पेट्रोल तथा 4,760 किलोलीटर डीजल प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि रायपुर शहर में कुल 326 पेट्रोल/डीजल पंप हैं, जिनमें से 35 पंप अस्थायी रूप से ड्राई आउट हैं। इसी प्रकार बिलासपुर शहर में कुल 156 पेट्रोल/डीजल पंप हैं, जिनमें से 13 पंप ड्राई आउट हैं।
इन सभी ड्राई आउट पंपों को यथाशीघ्र स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए ऑयल कंपनियों के डिपो से लगातार आपूर्ति की जा रही है। विगत दो दिनों में कुछ पेट्रोल/डीजल पंपों के ड्राई आउट होने के कारण अफवाह एवं
घबराहट की स्थिति बनी, जिससे आम लोगों द्वारा पेट्रोल एवं डीजल की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। मांग में अचानक हुई इस वृद्धि के कारण कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव की स्थिति निर्मित हुई। खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे किसी भी भ्रम अथवा अफवाह से प्रभावित होकर पैनिक खरीदी अथवा ईंधन का अनावश्यक संग्रहण न करें। शासन एवं ऑयल कंपनियां समन्वय के साथ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।



