
सारंगढ़ शहर के 3 प्रस्तावित चूना पत्थर खदान की “प्रक्रिया” को लेकर क्षेत्रवासियो मे दहशत!

18 सौ एकड़ में प्रस्तावित है 3 चूना पत्थर खदान,
सारंगढ़ शहरी क्षेत्र तथा समीपस्थ गांवो में बड़ी आबादी होगी प्रभावित,
जिला मुख्यालय सारंगढ़ के जनजीवन पर प्रदूषण का साया?
सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के 25 हजार आबादी को पड़ेगा प्रभाव,
ग्रामीण क्षेत्र गोड़िहारी,पचपेड़ी,खम्हारडीह,गाताडीह,चंदाई,सुलौनी,रापांगुला की 12 हजार से अधिक
आबादी होगी प्रभावित,
सत्ताधारी दल भाजपा के पदाधिकारियो की चुप्पी पर उठ रहे है सवाल?
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
जिला मुख्यालय सारंगढ़ के नगरीय निकाय के तीन वार्डो तथा आधा दर्जन गांवो को मिलाकर यहा पर प्रस्तावित 1800 एकड़ का 3 चूना पत्थर खदान में प्रशासन के रवैया और स्वीकृति की प्रक्रिया को लेकर क्षेत्रवासियो में दहशत की आशंका भरते जा रही है। जिस प्रकार से जिला प्रशासन धौंराभाटा-कपिस्दा ब में चूना पत्थर खदान को जनसुनवाई निरस्त होने के बाद भी स्वीकृति प्रदान कर दी है उससे क्षेत्रवासियो को लग रहा है कि विरोध और आपत्ति के बाद भी राज्य शासन चूना पत्थर के प्रस्तावित तीनो खदानो को खोलने की अनुमति दे सकती है। इसी
आशंका के कारण से क्षेत्र में व्यापक विरोध के आक्रोश गहराते जा रहा है। एक ओर जहा पर कांग्रेस ने खुला विरोध का ऐलान करके कलेक्टोरेट घेराव कर दिया है वही दूसरी ओर भाजपा के पदाधिकारी पूरे मामले मे चुप्पी साध कर खुद पर सवाल खड़े कर रहे है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ शहरी सीमा से लगा हुआ क्षेत्र में 1800 एकड़ के क्षेत्रफल में 3 चूना पत्थर खदान खुलने का प्रकिया सर्वे की ओर है। नगर पालिका सारंगढ के वार्ड क्रमांक-1, वार्ड क्रमांक-10 और वार्ड क्रमांक-2 से लगा हुआ चूना पत्थर खदान का को लेकर क्षेत्रवासियो ने विरोध करना प्रारंभ कर दिया है। सर्वे तथा आंकलन में अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इस खदान का खनिपट्टा आबंटन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी तथा दस चूना पत्थर खदानो को ई-नीलामी किया जायेगा। इस चूना पत्थर खदान में 1600 एकड़ से अधिक निजी भूमि आ रही है जिसका अधिग्रहण किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा 3 चूना पत्थर खदानो को स्वीकृति हेतु प्रस्तावित है उसमें पहला खदान खैरहा चूना पत्थर खदान का है
जो कि 212 हेक्टेयर का होगा। वही कुटेला-दुर्गापाली चूना पत्थर खदान 90 हेक्टेयर का होगा तथा खम्हारडीह चूना पत्थर खदान 428 हेक्टेयर का होगा। अर्थात तीन पत्थर खदान मिलाकर लगभग 730 हेक्टेयर भूमि का उपयोग किया जायेगा जो कि लगभग 1800 एकड़ का हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस चूना पत्थर ब्लाक की स्वीकृति के लिये राजस्व विभाग और वन विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है तथा इसके लिये सर्वेक्षण का कार्य भी सुचारू रूप से गतिमान है। 40 हजार आबादी होगी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शहरी सीमा पर खुलने वाला इस प्रस्तावित चूना पत्थर खदान में नगर पालिका के 3 वार्ड तथा 7 गांव भी आ रहे है। इसमें सारंगढ़ के 3 वार्ड के अलावा चंदाई, जूनाडीह, खैरहा, रापांगुला, भैंसथान, भोजपुर, गाताडीह, खम्हारडीह, कुटेला, पचपेड़ी और सुलौनी गांव इसमे शामिल है। इस चूना पत्थर खदान से सारंगढ़ नगर पालिका के 30 हजार की आबादी के अलावा गोड़िहारी के 3 हजार, खम्हारडीह में 1800, पचपेड़ी मे 1500, चंदाई में 1400, रापांगुला में 800 तथा गाताडीह में 1200 एवं सुलौनी में 1100 की आबादी के साथ-साथ अन्य गांवो की कुल मिलाकर 10 हजार से अधिक की आबादी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होगी। यहा पर 1600 एकड़ की कृषि भूमि को शासन के द्वारा अधिग्रहण किया जायेगा तथा 1800 एकड़ का विशाल खदान में दिन-रात चूना पत्थर का उत्खनन होगा। क्रशिंग के साथ पत्थरो का परिवहन बलौदाबाजार के सीमेंट प्लांट के लिये होने का प्रस्ताव इसमे निहित है। ऐसे मे इतनी बडी आबादी के प्रभावित होने की आशंका के बाद भी प्रशासन इस 1800 एकड़ के चूना पत्थर खदान को लेकर कोई ठोस आश्वासन क्षेत्रवासियो को नही दिया है जिससे क्षेत्र मे आशंका फैल रही है कि इस चूना पत्थर खदानो को भी देर सबेरे स्वीकृति प्रदान कर दिया
जायेगा।
उजड़ जायेगें आधा दर्जन गांव?
सारंगढ़ के इस 3 चूना पत्थर खदान के स्वीकृति होने से शहरी सीमा के 3 वार्ड तथा आाा दर्जन से अधिक गांव के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इन खदानो की स्वीकृति से आधा दर्जन गांव उजड़ जायेगें। शासन द्वारा चूना पत्थर ब्लाक खोलने का प्रस्तावत रखा गया है उसमें खैरहा चूना पत्थर खदान का नाम पहले स्थान पर है इसमें चंदाई, जूनाडीह, खैराहा, रापांगुला तथा सारंगढ़ के 212 हेक्टेयर जमीन आयेगा। वही खम्हारडीह में भैंसथान, भोजपुर, गाताडीह, खम्हारडीह, कुटेला,पचपेड़ी और सुलौनी गांव शामिल है यह चूना पत्थर ब्लाक 428 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रस्तावित है। जबकि कुटेला-दुर्गापाली चूना पत्थर खदान में हरिहरपाली, कुटेला और खम्हारडीह गांव शामिल है जहा पर 90 हेक्टेयर भूमि पर चूना पत्थर खदान की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।
शासन के द्वारा जो प्रस्ताव दिया गया है उसके अनुसार चंदाई में 1.651 हे., जूनाडीह में 40.112 हेक्टेयर, खैरहा में 55.736 हेक्टेयर, रापांगुला में 95.155 हेक्टेयर तथा सारंगढ़ में 5.844 हेक्टेयर निजी भूमि आयेगा सब मिलाकर 212 हेक्टेयर जमीन में चूना पत्थर खदान खुल सकता है। वही खम्हारडीह चूना पत्थर खदान में भैंसथान में 30.279 हेक्टेयर, भोजपुर में 46.212 हेक्टेयर, गाताडीह में 105.193 हेक्टेयर, खम्हारडीह में 65.003 हेक्टेयर, कुटेला में 21.529 हेक्टेयर, पचपेड़ी में 90.655 हेक्टेयर और सुलौनी गांव में 0.425 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है यह चूना पत्थर ब्लाक 428 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रस्तावित है। वही कुटेला-दुर्गापाली चूना पत्थर खदान में हरिहरपाली में 12.403 हेक्टेयर, कुटेला में 49.915 हेक्टेयर और खम्हारडीह गांव में 22.646 हेक्टेयर निजी जमीन शामिल है जहा पर 90 हेक्टेयर भूमि पर चूना पत्थर खदान की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।



