
सारंगढ़ अंचल में महानदी का सीना छिलकर अवैध रूप से रेत निकालने का काम धड़ल्ले से जारी?
स्वीकृत खदानो के अतिरिक्त अन्य जगह से निकाले जा रहे है रेत,
जसरा और छोटे घोटला के रेत खदानो की अनुमति,
किन्तु दर्जन भर से अधिक स्थानो से निकाले जा रहे है रेत?
रेत के कारोबार में लाल हो रहे है खनिज माफिया?
सारंगढ़,
नवगठ़ित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लगभग 40 किलोमीटर लंबी महानदी नये जिले का सीमा का निर्धारिण करती है किन्तु इस महानदी की सीना को छिलकर रेत का अवैध कारोबार करने वाले लाल हो रहे है। नवीन जिले बने सारंगढ़ में अभी तक खनिज विभाग की शाखा नही खुलने और नवीन अधिकारी की नियुक्ति नही होने से अभी भी सारा कार्य रायगढ़ खनिज विभाग के प्रभार के द्वारा संपन्न हो रहा है किन्तु स्वीकृत रेत खदान और अवैध रेत खदान मे चल रहे रेत का बड़ा खेल मे सरकार को राजस्व का चूना लगाने वाले माफिया काफी सक्रिय है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ अंचल मे रेत खदानो के लिये कोई विशेष खदान चिन्हित नही किया था किन्तु छोटे घोटला-धूता और जसरा के रेत खदानो को शासन ने रेत खनन के लिय उपयुक्त पाते हुए इसे रेत खदान घोषित करते हुए इसको बोली मे संचालन के लिये दे दिया तथा यहा से रायल्टी के अनुसार रेत मिलने लगा। वही बरमकेला के पिहरा घाट को रेत खदान के लिये चिन्हित करते हुए यहा भी रेत खदान को बोली के अनुसार प्रदान कर दिया गया। किन्तु सारंगढ़ अंचल मे कई ऐसे स्थान से जहा पर धड़ल्ले से रेत का खेल बड़े स्तर पर खेला जा रहा है। 2018 मे सारंगढ़ अंचल मे रेत का दर एक ट्रेक्टर महज 700 रूपये से 800 रूपये था तथा यह रेत जशपुर कछार, जसरा, छोटे घोटला सहित कई स्थानो से निकलता था। किन्तु अब जसरा और छोटे घोटला और धूता में रेत खदान की स्वीकृति मिलने के बाद भी लगभग दर्जन भर से अधिक स्थान से अवैध रूप से रेत निकाला जा रहा है। वही रायल्टी लगने के बाद सारंगढ़ अंचल मे रेत का दर लगभग 1500 रूपये प्रति ट्रेक्टर हो गया। 700 रूपये से 1500 रूपये रेत का दर महंगा होने के बाद ऐसा नही है कि अवैध खदानो से रेत सस्ता मिल रहा है बल्कि अवैध खदानो से भी रेत उतना ही महंगा मिल रहा है। बताया जा रहा है अवैध रूप से खनन का यह खेल खेलने वालो को बड़े चेहरो का संरक्षण प्राप्त है। महानदी मे लगभग 40 से अधिक स्थन पर अवैध रूप से रेत निकाला जा रहा है किन्तु इसके एवज मे शासन को एक भी रूपये का राजस्व की प्राप्ती नही हो रही है। लेकिन नवीन जिला बनने के बाद सारंगढ़ अंचल मे रेत के काले कारोबार पर अंकुश लगने के स्थान पर यह कारोबार और भी फल-फूल रहा है। एक अनुमान के अनुसार सारंगढ़ शहर में ही प्रतिदिन लगभग 100 से भी अधिक ट्रेक्टर रेत की डिमांड़ है तथा महानदी के विभिन्न वैध-अवैध घाटो से रेत की आपूर्ति किया जा रहा है। ट्रेक्टरो के द्वारा सारंगढ़ में रेत की आपूर्ति किया जा रहा है और प्रधानमंत्री आवास और ग्राम पंचायतो मे हुई निमार्ण कार्य की स्वीकृति के पश्चात रेत के मार्केट में काफी उछाल आया है और हर दिन रेत की आपूर्ति का काम बढ़ते जा रहा है।
महानदी की सीना छलनी करके निकाला जा रहा है रेत?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे स्वीकृत रेत खदानो के अतिरिक्त कई ऐसे स्थान है जहा पर महानदी का सीना छलनी करके रेत निकाला जा रहा है। माऊंटेन चेन और जेसीबी के सहारे रेत का अवैध ढुलाई कुछ स्थानो पर किया जा रहा है वही अधिकांश स्थानो पर जेसीबी से रेत का उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। हालांकि मिरौनी,साराडीह और कलमा बैराज बनने के बाद महानदी में पानी का ठहराव होने से कुछ स्थानो से रेत का उत्खनन बंद हो गया है किन्तु बैराज के सामने का स्थान पर पानी खाली होने पर रेत का उत्खनन करते हुए आसानी से काम हो जा रहा है। अवैध रूप से महानदी से निकाले जा रहे रेत से महानदी की सीना छलनी हो रहा है और रेत का रेट डबल करके तगड़ा मुनाफा रेत माफिया कमा रहे है। बताया जा रहा है कि स्वीकृत रेत खदानो से शासन को प्रति टन के हिसाब से रायल्टी प्राप्त हो रही है किन्तु अवैध खदानो से शासन को एक भी रूपये की राजस्व की प्राप्ती नही हो रही है। वही प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेक्टरो से रेत का अवैध खनन का काला-कारोबार दिनदुनी और रात चौगुनी बढ़ रहा है।
खनिज विभाग के नही खुलने से खनन माफिया हावी?
नवीन जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के खनिज विभाग का काम को रायगढ़ के खनिज विभाग को सौपा गया है जिसके कारण से प्रशासनीक कसावट अभी नही आ पाई है। पहले से ही रायगढ़ जिले मे खनिज का बड़ा क्षेत्र और काफी व्यस्त कार्य होने से रायगढ़ के खनिज उपसंचालक सारंगढ़़-बिलाईगढ़ में बिल्कुल भी ध्यान नही दे पा रहे है। वही पीएम आवास और अन्य निमार्ण कार्यो की लगातार मिल रही स्वीकृति के बाद रेत का मांग बढ़ते जा रहा है तथा इसके लिये बिना रायल्टी चुकाये ही ग्राहको से रायल्टी की राशी वसूल कर महंगे दरो पर रेत को बेचा जा रहा है। वही खनिज विभाग सारंगढ़ मे अभी तक नही खुलने और खनिज अधिकारी की स्थापना नही होने से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अभी प्रशासनीक कसावट से दूर है।
राजस्व-पुलिस-खनिज विभाग की संयुक्त टीम भी लापता?
पूर्व में रायगढ़ जिले मे सारंगढ़ में गौण खनिज के अवैध उत्खनन और रेत का काला कारोबार के अंकु़श के लिये राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और खनिज विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया था तथा अवैध रेत उत्खनन तथा परिवहन करने वालो के खिलाफ कार्यवाही होती थी तथा पुलिस विभाग भी ट्रेक्टरो पर कार्यवाही करता था किन्तु नवीन जिला बनने के बाद ऐसा नही हो रहा है। अवैध खनन और अवैध रेत खदान का खनन करने वालो के खिलाफ राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की कार्यवाही भी रूक गई है। वही खनिज विभाग अभी तक नही खुलने से सारंगढ़ अंचल में रेत का अवैध कारोबार काफी बढ़ गया है।


