शव यात्रा लेकर जा रहे लोगों पर मधुमक्खियों झुंड ने किया हमला, विचाराधीन कैदी और 2 पुलिसकर्मियों समेत 15 लोग गंभीर रूप से घायल
बालोद। छत्तीसगढ़ बालोद जिले से सोमवार को एक अजीब घटना सामने आई. यहां आज शव यात्रा लेकर जा रहे लोग खुद घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. असल में इन लोगों पर मधुमक्खियों (Honeybees) के झुंड ने हमला कर दिया था. इस दौरान मौके पर हड़कंप मच गया और लोग खुद को बचाने के लिए शव को वही छोड़कर इधर उधर भागने लगे. करीब आधे घंटे तक शव श्मशान में पड़ा रहा. इसके बाद बड़ी मुश्किल से शव का अंतिम संस्कार किया गया. घटना अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के दाऊ पारा की है.
मधुमक्खियों के इस हमले में एक विचाराधीन कैदी प्रवीण चंदेल और आरक्षक मुकेश गजबिए, रोमन सोनकर, बुध्देश्वर समेत 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है. जिनका इलाज अर्जुन्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है.
बेटे को पिता के अंत्येष्टि के कार्यक्रम में लाई थी पुलिस
बता दें कि अर्जुन्दा पुलिस मृतक के बेटे प्रवीण चंदेल को अंत्येष्टि के कार्यक्रम में लाई थी. इससे पहले रविवार को मृतक के परिजनों ने शव को अर्जुन्दा थाने के बाहर रखकर धरना प्रदर्शन किया था. दरअसल, मृतक के परिजनों का आरोप है कि बीते 15 सितंबर को डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले पुलिस ने मृतक के बेटे प्रवीण चंदेल समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने तीनों को रातभर थाने में पीटा. जिसके बाद सुबह जब प्रवीण घर लौटा तो उसके शरीर पर चोट देखकर पिता की तबियत बिगड़ गई. आनन-फानन में परिजन उन्हें अस्पताल ले गए जहां पता चला कि वह बेटे के जख्मों को देखकर सदमा लगने से ब्रेनहेमरेज का शिकार हो गए, जिससे उन्हें पैरालिसिस हो गया. इसके कारण उन्हें 16 सितंबर की रात राजनांदगांव के यूनाइटेड अस्पताल में भर्ती कराया गया. उपचार के दौरान वे कोमा में चले गए, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर के डी.के.एस. अस्पताल में रिफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 13 अक्टूबर की सुबह 9:30 बजे उनकी मौत हो गई.
एफआईआर नहीं की गई तो करेंगे उग्र आंदोलन – विधायक कुंवर सिंह
“विधायक कुंवर सिंह ने बताया कि वह मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठे थे. 7 दिनों के भीतर युवकों की पिटाई के मामले की जांच कर तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है, अगर मामले में एफआईआर नहीं की जाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी.”
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई – एडीशनल एसपी
एडीशनल एसपी अशोक जोशी ने बताया कि पिछले महीने अस्पताल में डॉक्टरों के साथ एक घटना हुई थी. उस घटना में जिन व्यक्तियों ने घटना घटित की थी, उनमें से एक आरोपी के पिता की मृत्यु हो गई है. उन्होनें ने बताया कि मृतक के परिजनों का यह भी आरोप था कि पुलिस द्वारा आरोपी के साथ मारपीट की गई थी. मामले में जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करेंगे. एसपी साहब के आदेश पर तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है, 7 दिन बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर वैधानिक कार्रवाई करेंगे.