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मंत्रालय में सरकारी नौकरी लगाने  का दिया झांसा 50 लाख की ठगी, FIR दर्ज

मंत्रालय में सरकारी नौकरी लगाने  का दिया झांसा 50 लाख की ठगी, FIR दर्ज

मंत्रालय में सरकारी नौकरी लगाने  का दिया झांसा 50 लाख की ठगी, FIR दर्ज

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी ने मंत्रालय में पहुंच का दावा करते हुए 10 से ज्यादा युवाओं से करीब 50 लाख रुपये ठग लिए. ठगी का शिकार हुए लोगों ने जब कई साल इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा. पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी फुटबॉल प्रशिक्षक जावेद खान के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है.

सरकारी नौकरी का दिया झांसा

पुलिस के मुताबिक, तखतपुर क्षेत्र के निगारबंद निवासी दीपक राजपूत, जो नेहरू नगर में रहकर एमए की पढ़ाई कर रहा था, वह 2021-22 से जिला पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था. फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान उसकी मुलाकात जावेद खान से हुई, जिसने खुद को फुटबॉल खिलाड़ी और खेल विभाग, मंत्रालय रायपुर का कर्मचारी बताया.

ऐसे दिया नौकरी का लालच

जावेद खान ने अक्टूबर 2021 में दीपक समेत अनिश राजपूत, सूरज राजपूत, प्रताप राजपूत, जगमीत सिंह खालसा, हर्षवर्धन ठाकुर, शिल्पा ठाकुर, अविनाश साहू, श्यामू कश्यप जैसे 10 से ज्यादा युवाओं को भरोसा दिलाया कि वह मंत्रालय रायपुर में सरकारी नौकरी लगवा सकता है. उसने यह भी दावा किया कि वह अब तक 15-20 लोगों को नौकरी दिला चुका है.

जावेद ने युवाओं को अपने घर बुलाकर कहा कि यदि वे सरकारी नौकरी चाहते हैं, तो कुछ पैसे एडवांस देने होंगे. वह एडवांस पेमेंट के बदले चेक देने का वादा करता था. युवाओं से उसने 50% रकम एडवांस और बाकी 50% नौकरी लगने के बाद देने को कहा.

10-12वीं की मार्कशीट समेत लिए जरूरी दस्तावेज

दीपक राजपूत ने दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच 5 लाख रुपये कैश में जावेद को दिए. इसके अलावा, अन्य युवाओं ने भी सरकारी नौकरी की लालच में लाखों रुपये आरोपी को दे दिए. जावेद ने सभी से 10वीं-12वीं की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, फोटो और कोरे कागज पर साइन करवा लिए.

तीन साल बाद भी नहीं लगी नौकरी, तब हुआ अहसास

युवाओं ने सालों तक नौकरी लगने का इंतजार किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने रुपये वापस मांगे. आरोपी जावेद खान बहाने बनाने लगा और रकम लौटाने से इनकार कर दिया. जब पीड़ितों को एहसास हुआ कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं, तो उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने किया केस दर्ज

पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी जावेद खान के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस ठगी में कोई और भी शामिल था.

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