जिला- सारंगढ़ बिलाईगढ़

बेमौसम बारिश से संग्रहण केंद्र हरदी में हजारो बोरियां धान पानी में भीगा,

बेमौसम बारिश से संग्रहण केंद्र हरदी में हजारो बोरियां धान पानी में भीगा,

बेमौसम बारिश से संग्रहण केंद्र हरदी में हजारो बोरियां धान पानी में भीगा,

धान के कई स्टेक मे कैप कव्हर नही?

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़
सारंगढ़ अंचल में बेमौसम बारिश से हरदी धान संग्रहण केन्द्र में अव्यवस्था का पोल खोल दिया। मौसम विभाग के द्वारा पूर्व मे दिया गया चेतावनी को नजर अंदाज करते हुए लगभग 40 से 50 स्टेक को कैप कव्हर की नही लगाया गया जिससे हजारो बोरी धान बेमौसम पानी मे भीग गया। इस लापरवाही के कारण क्या किसी पर कार्यवाही होगा? या मामला ठंड़े बस्ते मे डाल दिया जायेगा। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लगातार धान खरीदी मामले निकल कर सामने आ रहे जिसमे जिला कलेक्टर ने लापरवाह और फर्जीवाडा करने वाले समितियों पर एफआईआर तक दर्ज करा रहीं जिले के उपार्जन केंद्र के बाद अब संग्रहण केन्द्र सु़र्खियो में है जहा लापरवाही की ऐसी पोल खुल रही जहा हजारों बोरियों धान भीगकर सड़ रहे है।

सारँगढ़ हरदी हवाई पटी के नाम से मशहूर स्थान अभी वर्तमान में धान को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने धान संग्रहण केंद्र बनाया गया है जहां लगभग 800 प्लस स्टेग धान का ढेरी लगाया है जिसमे एक स्टेग में लगभग 3000 बोरी धान को रखा गया है लेकिन खुले आसमान के नीचे विगत दो रातो की बारिश ने संग्रहण केंद्र की पोल खोल दी है अव्यवस्था के कारण हजारों बोरियां बारिश में धान भीगे वही जब वही मार्कफेड के मौजूद कर्मी दीपक शुक्ला से जब पूछा गया तो उनका कहना था की 800 में लगभग 40 से 50 स्टेग नही ढका था और वही कुछ ढके हुए स्टेक की त्रिपाल तेज हवा में उड़ गया जिससे धान भीग गया कहते अपना पल्ला छाड़ लिया वही अगर आप एक स्टेक में 3000 बोरियां है तो खुले में 40 से 50 स्टेक थे जिसे नही ढके थे रात में बारिश हुई और हजारों बोरियां धान भीगते रहे सुबह अब कर्मचारियों से भीगे धान को बाहर निकाल सुखाया जा रहा है।

मार्कफेड की घोर लापरवाही समाने आई जहा खुले में लगभग हजारों बोरियां धान बारिश में भीगा, भीगी बोरियां कौन है जिम्मेदार? वही जिला प्रशासन अब ऐसे मामले में क्या संज्ञान लेते है ये तो वक्त बताएगा फिलहाल घोर लापरवाही चल रहा संग्रहण केन्द्र हरदी में सिर्फ दो दिन की बारिश हजारों बोरियां भीग गई कही बारिश बढ़ जाता तो क्या स्थिती होता फिलहाल डीएमओ की देख रेख में चलकर लापरवाही का पुरा खेल लेकिन जब कही जांच होगी कार्यवाही होगी तो छोटे कर्मचारी डेली बैजेस जैसे कर्मचारियों को लताड़ दिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारी को खुला छोड़ दिया जाएगा जबकि अगर अधिकारी होता तो शायद आज हजारों बोरियां धान बारिश में नही भीगता और ना ही जांच होगी, कुछ दिन बाद सुख जायेगी धान, ठंडे बस्ते में होगा मामला फिलहाल कलेक्टर धर्मेश साहु एक्शन मोड़ पर है धान खरीदी और संग्रहण केंद्रों की लापरवाही नजरंदाज नहीं कर सकते?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button