रायगढ़

अब मछुआरों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी सरकार

अब मछुआरों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी सरकार

अब मछुआरों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी सरकार

रायगढ़, 15 नवंबर। अब मछुआरों के लिए भी सरकार ने ठोस योजना बनाई है ताकि मछली पालन व्यवसाय को गति दी जा सके। सारे मछुआरों को एक ही डाटाबेस से जोडऩे के लिए नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया है। मछली पालन से जुड़े सभी लोगों को इसमें पंजीयन कराना होगा। लोक सेवा केंद्रों के जरिए पंजीयन होगा। सरकार मछली पालकों के लिए मत्स्य संपदा योजना और किसान समृद्धि सह योजना चलाती है। अब इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए मछली पालकों को नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीयन कराना होगा। भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग द्वारा मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े मत्स्य पालकों, मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति के सदस्यों, मत्स्य विक्रेताओं एवं मत्स्य उद्यमियों के लिए नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। लोक सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से मछली व्यवसायियों के पंजीयन कराए जा सकते हैं।

पंजीयन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर एवं स्वयं का मोबाइल नंबर जरूरी है। मोबाइल नंबर और आधार कार्ड लिंक होना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन अनिवार्य होगा। अब पुराने ढर्रे पर लाभ नहीं मिलेंगे। जिले के समस्त तालाब/ जलाशय के पट्टाधारकों, मछुआ समिति/ समूहों के समस्त सदस्यों, मत्स्य पालकों, मत्स्य पालन में संलग्न स्वसहायता समूहों के सदस्यों, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से लाभान्वित  हितग्राही एवं अन्य किसी भी प्रकार से मत्स्य व्यापार से जुड़े व्यापारी को रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। समितियों और व्यापारिक फर्म के पास पैन कार्ड होना अनिवार्य है।

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