जिला- सारंगढ़राज्य

निलंबित पटवारी को बहाल कराने “कलेक्टर” के खिलाफ हड़ताल पर पटवारीगण !

निलंबित पटवारी को बहाल कराने “कलेक्टर” के खिलाफ हड़ताल पर पटवारीगण !
कई मामलो में विवादित रहा पटवारी उमेश पटेल को बहाल कराने बना रहे है दबाव?
पूर्व में भी बिक्री नकल देने के नाम पर अवैध उगाही करने की हुई है शिकायत,
किसान का विलोपित खसरा नंबर के मामले में जानकारी नही देने पर कलेक्टर ने किया है निलंबित
अवैध प्लाट के सौदागर चाह रहे है कि निलंबित पटवारी उसी हल्का में हो जाये बहाल?
सारंगढ़,
सारंगढ़ में कलेक्टर धर्मेश साहू के द्वारा सारंगढ़ शहरी हल्का के पटवारी उमेश पटेल को निलंबित करने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। स्थानीय विकासखंड़ के निवासी पटवारी उमेश पटेल को बहाल कराने के लिये जिले भर के पटवारी हड़ताल पर चले गये है। कलेक्टर के आदेश को वापस लेने के लिये हड़ताल कर रहे पटवारीगण के कारण से किसानो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही सूत्रो की माने तो उमेश पटेल को सारंगढ़ के अवैध प्लाट के सफेदपोश व्यापारी यथावत रखने के लिये जी-जान से जुट गये है। वही दूसरी ओर अर्से बाद पटवारी पर हुई कार्यवाही से आम जनता मे खुशी का माहौल व्याप्त है।


सारंगढ़ में भू-राजस्व का पेचिदा मामला कई लोगो के लिये अवैध कमाई का बड़ा बाजार बन गया है। इस कारण से सारंगढ़ शहरी हल्का नंबर में पदस्थापना के लिये पटवारियो के बीच प्रतिस्पर्धा भी चलते रहती है। सारंगढ़ तहसील के पटवारी हल्का नंबर 28 के प्रतापगंज स्थित खसरा नंबर के बिक्री नकल के लिये डिजिटल हस्ताक्षर पटवारी के द्वारा प्रदान किया गया किन्तु जब भूमि विक्रय के लिये उपपंजीयक के पास आवेदन पहुंचा तब उक्त खसरा नंबर विलोपित हो गया था। इसको लेकर दिसंबर से लेकर मई माह तक किसान राजेन्द्र यादव दर-दर की ठोकरे खाते हुए भटक रहा था। बाद मे उन्होने मामले की शिकायत कलेक्टर धर्मेश साहू से किया और शिकायत के तत्काल कुछ दिन बाद उसका विलोपित खसरा नंबर फिर से बहाल हो गया। वही इस मामले मे संबंधित किसान के शिकायत पर उच्चाधिकारियो को सही जानकारी उपलब्ध नही कराने पर कलेक्टर ने सारंगढ़ शहरी पटवारी उमेश पटेल को निलंबित कर दिया। किसान की शिकायत पर कलेक्टर के द्वारा पटवारी को निलंबित किये जाने का यह निर्णय पटवारियो को नागवार गुजरा और उन्होने 12 जून से जिला स्तरीय अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया और तीन सूत्रीय मांगो को लेकर कलेक्टर के ही खिलाफ हड़ताल शुरू कर दिया। नया जिला बना सारंगढ़-बिलाईगढ़ में यह पहला मामला है जिसमें कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित किया है और उक्त निलंबित पटवारी को बहाल कराने के लिये पटवारी संघ भी आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिये मैदान मे उतर कर जिला प्रशासन पर जमकर दबाव बना रहे है।


अवैध प्लाट के सौदागर चाह रहे है कि निलंबित पटवारी उसी हल्का में हो जाये बहाल?
इस संबंध में सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार सारंगढ़ में लगभग एक दर्जन से अधिक स्थान पर अवैध प्लाट का बड़ा खेल चल रहा है और इसमे से चार प्रोजेक्ट रेरा मे पंजीयन के लिये जा रहा है। इसमे अभी काफी काम बाकि है। इस कारण से सफेदपोश भू-माफिया चाह रहे है कि सारंगढ़ शहरी हल्का मे पटवारी उमेश पटेल यथावत रहे। सूत्रो की माने तो पटवारी और अवैध प्लाट के भू-माफियाओ के बीच मधुर संबंध के कारण से ही आज तक जिला मुख्यालय सारंगढ़ में अवैध प्लाट के सौदागरो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुआ है। इसी कारण से जिला प्रशासन पर भी अवैध प्लाटिंग करने वाले सफेदपोश व्यापारी दबाव बनाकर निलंबित पटवारी को बहाल कराने के लिये जुटे हुए है। वही सूत्र बताते है कि सारंगढ़ मे अवैध प्लाटिंग को बढ़ावा देने मे स्थानीय पटवारी काफी सक्रिय रहते है।
बिक्री नकल के लिये 50 हजार रूपये मांगने की हुई थी शिकायत?
इस संबंध में सूत्रो से प्राप्ज जानकारी के अनुसार 9 माह पूर्व कुटेला निवासी नील कुमार अजय ने पटवारी हल्का नंबर 60 कुटेला के प्रभारी पटवारी उमेश पटेल पर आरोप लगाया था कि उसके निजी भूमि के बिक्री नकल के लिये पटवारी उमेश पटेल के द्वारा 50 हजार रूपये की मांग किया गया। राशी नही देने पर उसको बिक्री नकल नही दिया गया। मार्च माह तक कोई कार्यवाही नही होने पर फिर से कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ के समक्ष पुन: इस मामले की शिकायत पर पटवारी पर कार्यवाही की मांग और बिक्री नकल देने की मांग किया गया था। इस संबंध मे पटवारी के खिलाफ क्या कार्यवाही हुई? या क्या जांच हुई? इसकी जानकारी नही मिल पाई है।
कुछ पटवारियो से सारंगढ़ अंचलवासी त्रस्त?
सारंगढ़ के कुछ स्थानीय पटवारियो के कार्यशैली से स्थानीय किसान त्रस्त हो गये है। सबसे अधिक शिकायत राजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ का सामने आ रहा है जिसके लिये किसान दर-दर की ठोकरे खा रहे है। वही राजस्व रिकार्ड में संशोधन के लिये आवेदन लगाने पर 6 माह में भी सुधार नही हो रहा है। वही सूत्र बताते है कि जानबूझकर यहा पर रिकार्ड मे छेड़छाड़ किया जा रहा है।वही कई किसानो ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि संशोधन के लिये बिना आवेदन के ही रिकार्ड दुरूस्तीकरण कराने के लिये तहसील कार्यालय सारंगढ़ में दलाल काफी संख्या मे सक्रिय है। तथा खुले आम अवैध रकम की उगाही किया जा रहा है। वही बिक्री नकल के नाम पर कुछ पटवारियो के कार्यशैली की शिकायत उच्चाधिकारियो से किया गया है जिसमे अवैध रूप से रकम की मांग का आरोप है। वही छोटे झाड़ के जंगल और कोटवारी भूमि पर भी पटवारी के कुछ रिश्तेदारो के द्वारा अवैध रूप से काबिज होने की शिकायते भी सामने आ रही है।


निलंबित पटवारी को बहाल करने के पक्ष में आंदोलन में शामिल होने लिए पहुंचे बरमकेला क्षेत्र के पटवारीगण
साल्हेओना,
सारंगढ़ क्षेत्र के एक किसान की शिकायत पर कलेक्टर धर्मैद्र कुमार साहू ने पटवारी उमेश पटेल को निलंबित कर दिया है । पटवारी पटेल के निलंबन आदेश को निरस्त करने की मांग को लेकर राजस्व पटवारी संघ द्वारा जिला स्तरीय अनिश्चित कालीन हड़ताल प्रारंभ किया गया है।  इस हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को  तहसील सरिया व बरमकेला क्षेत्र के पटवारीगण अन्य क्षेत्र के पटवारियों के साथ शामिल होकर तीन सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन किया।
    कलेक्टर ने किसानो राजेन्द्र कुमार पिता रामलाल यादव के शिकायत पर पटवारी उमेश पटेल को निलंबित कर दिया है।  अब कलेक्टर के आदेश को नकारते हुए राजस्व पटवारी संघ उतर आया और बुधवार से सारंगढ़ बिलाईगढ जिला मुख्यालय के तहसील के सामने टेंट लगाकर पटवारी उमेश पटेल के निलंबन को निरस्त कर यथावत पदस्थ करने की मांग प्रदर्शन करना शुरु किया है। इसके अलावा पटवारियों का कहना है कि भूईयां में मौजूदा अभिलेख त्रुटि को किसी पटवारी पर दोषी न माना जाए और डिजीटल हस्ताक्षर व नक्शा बटांकन के लिए उन पर किसी प्रकार का दबाव न बनाने की मांग किया जा रहा है। उमेश पटेल का निलंबन बहाली को लेकर जिले के पटवारियों का हड़ताल अब धीरे – धीरे तेज होने लगा है और निलंबित पटवारी उमेश पटेल के समर्थन में सामने आने लगे हैं। गुरुवार को निलंबित पटवारी पटेल को बहाल कर यथावत पदस्थ करने व अन्य दो सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील क्षेत्र सरिया व बरमकेला के पटवारीगण शामिल होने पहुंचे थे। हड़ताल में शामिल होकर कलेक्टर आदेश को गलत बताते हुए नारेबाजी की गई और जल्द बहाल करने की मांग की। गुरुवार को सरिया व बरमकेला तहसील के पटवारी क्रमशः युधिष्ठिर पटेल, उपेंद्र मेहर, नाबर्ट तिर्की, भवानी दास, लालसाय सिदार, करम सिंह राठिया, परसराम पटेल, सहनी सिदार, प्रहलाद सिदार, टेकराम राठिया के अलावा महिला पटवारी मोहिनी पटेल, रीना नायक, उषा पटेल, रीतिका पटेल शामिल हुए थे।
मानसून के पहले किसानों को काम अटका
मानसून अगले सप्ताह में दस्तक दे देगा। लेकिन उसके पहले किसानों का बटांकन, सीमांकन व फौती कटवाने का कार्य पटवारी के पास कराया जाना है। इस बार लोकसभा व विधानसभा चुनाव के चलते ढेर सारे कार्य लंबित है और ऊपर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु हो जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। अटके कार्य को पूरा कराने के लिए किसानों को पटवारियों व तहसील  कार्यालय में चक्कर काटने पड रहें हैं।

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