
महानदी पर बने छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे सूरजगढ़ पुल
हुआ बदहाल
बाहर दिखने लगा है छड़
सेतु विभाग ने भेजा मरम्मत के लिये पौने तीन करोड़
का प्रस्ताव,

सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सरकारी कामों पर से जनता का भरोसा खत्म हो चुका है। न सडक़ें टिक रही हैं और न पुल लंबे समय तक सही सलामत रहते हैं। प्रदेश के सबसे लंबे सूरजगढ़ पुल का हाल तो मात्र 10 साल में ही खराब हो चुका था। प्रदेश का सबसे लंबा पुल सूरजगढ़ सेतु सबके लिए गौरव करने का कारण होना चाहिए था। लेकिन अब यह हादसों को न्योता दे रहा है। करीब चार सालों से इस पुल पर केवल सतही मरम्मत का खेल हो रहा है। मात्र 13 सालों में पुल की सतह का प्रोटेक्शन लेयर उखड़ चुका है। जगह-जगह से
छड़ निकल आए हैं जिसमें कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
हैरानी की बात यह है कि इतने कम समय में पुल की ऊपरी सतह क्यों खराब हो गई। निर्माण के समय कांक्रीट की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया था। अब तो पुल में अनेक गड्ढे हो चुके हैं। बाइक सवार कई बार बाहर निकले छड़ों की वजह से बाल-बाल बचे हैं। पुल के सबसे ऊपरी सतह पर 75 एमएम की प्रोटेक्शन लेयर या कांक्रीट लेयर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस पर अब अस्थाई मरम्मत नहीं टिक सकती। इसलिए करीब 2.75 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है। 1800 मीटर लंबे पुल पर पूरे कांक्रीट लेयर को उखाडक़र फेंका जाएगा।

डामर की परत बिछाएंगे
सेतु विभाग की ओर से शासन को लंबे समय से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। पहले पूरे कांक्रीट लेयर को उखाड़ा जाएगा। उसके बाद करीब 2.75 करोड़ की लागत से मैस्टिक और बिटुमिन की परत बिछाई जाएगी।
प्रोटेक्शन लेयर के नीचे मुख्य स्ट्रक्चर होता है। इसे बचाने के लिए बिछाई गई कांक्रीट की परत टूट चुकी है। कई जगहों पर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।



