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रिहायशी मकान में दुकान-ऑफिस चला रहे हैं तो हो जाएं सावधान! 12 हजार से ज्यादा जगहों पर निगम की नजर, शुरू हुई सीलिंग की कार्रवाई….

रिहायशी मकान में दुकान-ऑफिस चला रहे हैं तो हो जाएं सावधान! 12 हजार से ज्यादा जगहों पर निगम की नजर, शुरू हुई सीलिंग की कार्रवाई....

रिहायशी मकान में दुकान-ऑफिस चला रहे हैं तो हो जाएं सावधान! 12 हजार से ज्यादा जगहों पर निगम की नजर, शुरू हुई सीलिंग की कार्रवाई….

रायपुर। आपका घर रिहायशी है, नक्शा भी रिहायशी पास है, लेकिन नीचे शटर लगाकर दुकान, कोचिंग, क्लिनिक या छोटा ऑफिस चला रखा है? तो सावधान हो जाइए… रायपुर नगर निगम अब ऐसे अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती से शिकंजा कसने वाला है। और आंकड़ा छोटा नहीं, पूरे शहर में करीब 12 हजार ऐसे स्थान हैं, जहां मकान के अंदर बिजनेस फल-फूल रहा है।

कोर्ट के हंटर ने जगाई निगम की नींद

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद निगम की नींद टूटी है। अदालतों ने साफ कहा है, जांच करो, पता लगाओ कि किस-किस फ्लैट, मकान या सोसाइटी में बिना अनुमति दुकान, ऑफिस, कोचिंग सेंटर या गेस्ट हाउस चल रहा है। नियम तोड़ने वालों पर बिना किसी ढिलाई के सीलिंग की कार्रवाई करो। कोर्ट के इस निर्देश के बाद नगर निगम सक्रिय हो गया है।

निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक राजधानी के 70 वार्डों में 12,000 से ज्यादा आवासीय परिसरों में खुलेआम व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इससे निगम को हर साल करीब 4 करोड़ रुपये के संपत्ति कर का नुकसान हो रहा है। लोग मकान का टैक्स देते हैं, लेकिन कमाई दुकान से करते हैं। अब निगम कागज और मौके का मिलान कर रहा है।

हर गली में दुकान, हर मोहल्ले में खतरा

आजकल नया मकान बनता ही ऐसे है कि नीचे एक शटर जरूर लग जाता है। मकान मालिक सोचता है, या तो परिवार का कोई सदस्य बैठ जाएगा या किराए से होम लोन निकल जाएगा… लेकिन निगम कहता है कि इससे सड़कों पर जाम लगता है, शांति भंग होती है और सबसे बड़ा खतरा आगजनी का होता है। घनी बस्ती में अगर किसी गोदाम में आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी घुसेगी कहां से? जान का खतरा भी कम नहीं है।

कार्रवाई शुरू, पहला सील लग चुका

निगम ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जोन-9 की टीम ने अशोका रतन के सामने आवासीय क्षेत्र में बिना अनुमति चल रहे एक बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को ताला लगाकर सील कर दिया है। यह सिर्फ शुरुआत है।

टीएनसी आभाष मिश्रा का कहना है, जिन्होंने मास्टर प्लान और भूमि विकास नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधि चला रखी है, उन पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार ही काम हो रहा है।

पूरी तरह बैन क्या है?

बड़ी व्यावसायिक या औद्योगिक गतिविधियां जैसे भारी भीड़ वाली रिटेल दुकानें, बड़े अस्पताल, वेयरहाउस या वर्कशॉप—रिहायशी इलाकों में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। छोटी-मोटी गतिविधियां भी अगर अनुमति के बिना हैं तो अब निशाने पर हैं। अगर आपके मोहल्ले में भी घर के नीचे बिना नक्शा पास कराए कोई दुकान या ऑफिस चल रहा है, तो समझ लीजिए निगम की लिस्ट में आपका नंबर भी आ सकता है। समय रहते सावधान हो जाइए, वरना ताला लगने में देर नहीं लगेगी।

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