
27 पात्र बंदियों की समय पूर्व हुई रिहाई…..

दुर्ग। केंद्रीय जेल दुर्ग में छत्तीसगढ़ शासन को सुधारात्मक एवं पुनर्वास की नीति के तहत जेल मैनुअल के नियम 358 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय जेल दुर्ग के 2 पात्र बंदियों को समय पूर्व 13 एवं 14 अगस्त को रिहाई प्रदान की गई हैं। समय पूर्व रिहाई के लिए बंदियों के प्रकरणों का निधारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण किया गया। इस दौरान उनके जेल में आचरण, अनुशासन, सुधारात्मक गतिविधियों में सहभागिता तथा निर्धारित पात्रता एवं अन्य मापदंडों को ध्यान में रखते हुए सक्षम स्तर से आवश्यक कार्रवाई की गईं है।
जेल अधीक्षक दुर्ग मनीष संभाकर ने कहा कि कारागार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनर्स्थापित करना भी है।
सुधार से समाज के मुख्य धारा तक जेल प्रशासन तथा बंदियों को कारावास के दौरान शिक्षा, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, योग, खेलकूद एवं अन्य सुधारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। इन गतिविधियों का उद्देश्य ‘बंदियों में सकारात्मक सोच एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा रिहाई के पश्चात उन्हें समाज की मुख्य धारा में पुन स्थापित करने में सहायता करना है।



