
सारंगढ़ में खरीदी हो चुके धान को राईस मिलर्स-कोचिया-सोसायटी माफिया ने मिलकर बार-बार बेचा?
लगभग 80 हजार क्विंटल धान कागजो पर बिका?
जिला प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रह गया?
मुख्यमंत्री से होगी सारंगढ़ के धान खरीदी घपला की शिकायत,
कागजो मे अभी भी उपार्जन केंद्रों में 1.40 लाख क्विंटल धान बाकी,
कई खरीदी केन्द्रो में एक कट्टा भी धान नही?
मामले को रफा-दफा करने से बाहर से लाया जा रहा है धान,
डीओ के खरीदी-बिक्री का खुला खेल चल रहा है सारंगढ़ में,
खाद्ध विभाग के संरक्षण में हुआ बड़ा खेल,
धान उठाव नही करने के आरोप मे तीन राईस मिल को किया गया सील? लेकिन नही दिया
गया जानकारी
सारंगढ़ टाईम्स न्यूज/सारंगढ़,
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले मे धान खरीदी में बड़े पैमाने मे फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। जिला प्रशासन के आंखो में धूल झोंक कर कई राईस मिल मालिको ने कोचियो के साथ मिलकर खरीदी हो चुके धान को सोसायटी माफिया से साठगांठ करके फिर से फर्जी किसानो के नाम पर बेच दिया। इस बड़ा खेल में असलियत अब सामने आ रहा है जब कागज मे कई धान खरीदी में धान बचत बता रहा है और डीओ काटा जा रहा है किन्तु वास्तविकता में वहा पर एक भी कट्टा धान नही है। इस मामले मे लगभग 80 हजार क्विंटल का धान का अफरा-तफरी करने का मामला सामने आ रहा है। जिला प्रशासन यदि राईस मिलर्स और संग्रहण केन्द्र का भौतिक सत्यापन करा दे तो पूरा घपला सामने आ जायेगा और सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो जायेगें। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में काली कमाई का बड़ा खेल धान खरीदी में होते आ रहा है। जिला बनने के बाद भी दागी सोसायटी मे बड़ा स्तर पर घपला करने मे माफिया बाज नही आये। लगभग 80 हजार क्विंटल से अधिक धान को धान खरीदी केन्द्र से राईस मिलर्स डीओ कटवाकर उठाकर मिल लेकर आते थे और फिर वापस चिन्हित किसान के नाम पर फिर से बिक्री कर देते थे। यह पूरा चक्र कागजो पर ही पूरा हो जाता था और भौतिक सत्यापन में भी सही मात्रा धान का पाया जाता था। किन्तु अब जबकि धान खरीदी का पूरा सीजन खत्म हो गया है और राईस मिलर्स के द्वारा धान का उठाव करना ही शेष है तो रिकार्ड मे बता रहा धान का मात्रा और सोसायटी में उपलब्ध धान के मात्रा मे बड़ा अंतर आ रहा है और यह अंतर छोटा मोटा नही बल्कि 80 हजार क्विंटल का है। सारंगढ़-बिलाईगढ जिले के धान खरीदी केन्द्र में लगभग 1.40 लाख क्विंटल धान का उठाव बाकि दिखा रहा है किन्तु इसमे से 60 हजार क्विंटल धान ही खरीदी केन्द्र मे डंप है, शेष 80 हजार क्विंटल धान “गायब” है? अगर जिला प्रशासन धान खरीदी केन्द्र और राईस मिलर्स के स्टाक का भौतिक सत्यापन करा दे तो बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आ सकता है कुछ सरकारी अधिकारियो की मिली भगत से भी इंकार नही किया जा सकता है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के करीब 50 केंद्रों में 1.40 लाख क्विंटल धान बाकी है। इसमें से 80 हजार क्विं. की बोगस खरीदी हुई है। केंद्रों में धान नहीं है लेकिन ऑनलाइन धान दिखा रहा है। इस बार भी पुरानी दागी समितियों में ही कमाल हुआ है। धान उठाव के मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला रायगढ़ से पिछड़ गया है। इसकी वजह वहां के केंद्रों में बोगस खरीदी ही है। पुराना धान रिसायकल होने की वजह से भी मिलर्स खराब धान की शिकायत कर रहे हैं। कई केंद्रों में धान नहीं है लेकिन डीओ काटे जा चुके हैं। उठाव के लिए मिलर्स पर दबाव डाला जा रहा है।
धान खरीदी केन्द्र जहा इस बार हुआ बड़ा खेल?
धान खरीदी में गड़बड़ी उन्हीं केंद्रों में हुई है जहां पिछले कई सालों से घपला हो रहा है। सारंगढ़ और बरमकेला के केंद्रों में ही ज्यादा कमी पाई गई है। कपरतुंगा, भेडवन, जशपुर, करनपाली, कनकबीरा, बाहराबहाल, नौरंगपुर, कोसीर, लोधिया, साल्हेओना, लेंध्रा, बड़े नवापारा, भडि़सार, कंठीपाली, बरदुला, सहसपानी, सालर, कुम्हारी, खर्री बड़े, रक्सा, गाताडीह, बुदेली, अमझर, सरसींवा, सहसपुर, कोसीर छोटे, हरदी, उलखर और गोबरसिंहा में सबसे ज्यादा कमी है।
धान नहीं है लेकिन उठाव का दबाव
कुम्हारी और हरदी केंद्रों में धान है ही नहीं लेकिन उठाव के लिए डीओ काटे गए हैं। इसलिए यहां धान बाहर से लाकर डंप किया जा रहा है। जांच में यहां धान का स्टॉक शून्य होने की रिपोर्ट पहले ही दी जा चुकी है। प्रबंधकों ने बोगस खरीदी की है जिस पर कार्रवाई होनी थी
लेकिन अभी तक सांठगांठ जारी है। बताया जा रहा है कि इस बार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में समिति प्रबंधकों से सीधे डील की जा रही है। धान की बोगस खरीदी के प्रकरण दबाए जा रहे हैं।
खाद्ध विभाग ने किया तीन राईस मिल सील?
सारंगढ़ के धान खरीदी और धान उठाव के मामले मे सरकारी विभाग के अधिकारियो की भूमिका संदिग्ध दिख रहा है। बिना किसी को जानकारी दिये गुपचुप ढंग से तीन राईस मिल को सील कर दिया गया और कारण बताया गया कि धान का उठाव नही किया जा रहा है। सुनियोजित ढंग से तीन दिन बाद राईस मिल का सील निकालने की खबरे है किन्तु इस मामले में कोई भी सरकारी अधिकारी कुछ भी जानकारी नही दे रहे है जिससे धान उठाव और राईस मिल सील होना सभी मामला पहली ही नजर में सांठ-गांठ का लग रहा है। धान का भौतिक सत्यापन कर देगा करोड़ो रूपये का फर्जीवाड़ा उजागर? सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मे यदि धान खरीदी केन्द्रो मे बचत धान और राईस मिलर्स के द्वारा उठाया गया धान के भौतिक सत्यापन कर दिया जाये तो करोड़ो रूपये के फर्जीवाड़ा का मामला उजागर हो सकता है। राईस मिलर्स-धान कोचिया और सोसायटी माफिया के द्वारा आपस में मिलकर खरीदी हो चुकी धान को बार-बार बेच दिया गया है। वही इस काम मे सरकारी अधिकारियो की भूमिका संरक्षक की रही है। जिला प्रशासन इस मामले मे औचक निरीक्षक के
साथ भौतिक सत्यापन करा दे तो सारंगढ़ में धान खरीदी में फर्जीवाड़ा का बड़ा भूचाल सामने आ सकता है।
बहरहाल देखना है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले मे क्या कदम उठाता है? क्या धान खरीदी में जारी माफियागिरी को जिला प्रशासन नेस्ताबूत कर सकता है? या प्रशासन माफिया के सामने नतमस्तक होता है?